मानदेय और प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।

◆ सीएमओ कार्यालय पहुंचीं आशा कार्यकर्ता, पांच मांगों के समाधान को लेकर सौंपा ज्ञापन।

महीनों से भुगतान लंबित, नाराज आशा और आशा संगिनियों ने जल्द भुगतान न मिलने पर दी आंदोलन की चेतावनी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में आशा और आशा संगिनी कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। आशा आशा संगिनी कर्मचारी संगठन, जनपद संभल के बैनर तले सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया जाएगा।
संगठन की जिला अध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व में आशा और आशा संगिनियां सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र रहीं। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और चिकित्सा अधीक्षक को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
ज्ञापन में बताया गया कि आशा और आशा संगिनियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और अन्य मदों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि मार्च 2025 तक के कई भुगतान अभी तक जारी नहीं किए गए हैं, जबकि मार्च 2026 तक की धनराशि भी अटकी हुई है।

संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि आशाओं को प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रुपये की राशि का भुगतान मई 2025 से मई 2026 तक नहीं हो पाया है, जिसे तत्काल जारी किया जाए। इसके अलावा कई अन्य मदों का भुगतान एक वर्ष से लंबित बताया गया है। कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि भुगतान किस मद में और कितनी राशि का किया जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मेहनताना नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
संगठन की पदाधिकारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष नीतू सिंह, जिला उपाध्यक्ष कविता चौधरी, जिला मंत्री कुसुम शर्मा, कोषाध्यक्ष सीमा रानी और जिला महामंत्री पूनम शर्मा सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज, उठाई पिता की अर्थी, हर आंख हुई नम।

◆ बेटियों के साहस ने बदली परंपरा, अंतिम यात्रा में हौसला देख भावुक हुआ गांव।

प्रवाह ब्यूरो
पटना। बिहार के हाजीपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने समाज की पुरानी सोच को झकझोर दिया है। जहां अक्सर माना जाता है कि पिता की अर्थी को बेटा ही कंधा देता है, वहीं वैशाली के नया टोला गांव में पांच बेटियों ने इस परंपरा को बदलते हुए इंसानियत, जिम्मेदारी और रिश्तों की नई मिसाल पेश की।
वैशाली थाना क्षेत्र के नया टोला गांव में पिता के निधन के बाद घर में मातम पसरा था। रिश्तेदार और गांव वाले अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच परिवार की पांचों बेटियां आगे आईं और पिता की अर्थी को खुद कंधा देने का फैसला किया।
गांव की गलियों से जब बेटियां अपने पिता की अर्थी को कंधा देकर श्मशान घाट की ओर बढ़ीं, तो यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन बेटियों के हौसले और अपने पिता के प्रति प्रेम ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इतना ही नहीं, बेटियों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार की सभी रस्में भी निभाईं। समाज में बेटा-बेटी के फर्क को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि जिम्मेदारियां निभाने के लिए सिर्फ बेटा होना जरूरी नहीं, बल्कि दिल में अपने माता-पिता के लिए सम्मान और प्रेम होना चाहिए।
गांव के लोगों का कहना है कि बेटियों ने जो किया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और बदलती सोच की मिसाल है।हाजीपुर की ये पांच बेटियां आज उन तमाम लोगों के लिए जवाब बन गई हैं, जो अब भी बेटा और बेटी में फर्क करते हैं। क्योंकि रिश्तों का असली मूल्य परंपराओं से नहीं, बल्कि निभाए गए फर्ज से तय होता है।

तुम्हारे हिस्से के मच्छर मुझे काटते हैं…बस मच्छरदानी हटा दो।

◆ एएमयू हॉस्टल में मच्छरदानी बनी विवाद की वजह, कश्मीरी छात्र से मारपीट।

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एसएस नॉर्थ हॉल में इन दिनों मच्छरों ने ऐसा संकट खड़ा कर दिया कि मामला सीधे मारपीट और प्रॉक्टर ऑफिस तक पहुंच गया।
दरअसल, भीषण गर्मी और बढ़ते मच्छरों से परेशान एक कश्मीरी छात्र अपने बचाव के लिए कमरे में मच्छरदानी लगाकर सोता था। लेकिन उसके रूममेट और अन्य छात्रों को यह तरीका रास नहीं आया। आरोप है कि गाजीपुर के एक छात्र ने विरोध जताते हुए कहा- “जब तुम मच्छरदानी लगाते हो, तो तुम्हारे हिस्से के मच्छर हमें काटते हैं।”
इसी बात को लेकर पहले कमरे में बहस हुई, फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पीड़ित कश्मीरी छात्र ने साथी छात्र पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद विवाद प्रॉक्टर ऑफिस तक जा पहुंचा।
सूचना मिलते ही कश्मीरी छात्रों का एक समूह प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई कि मामूली सी बात पर छात्र के साथ मारपीट की गई। वहीं थोड़ी देर बाद गाजीपुर के छात्रों का समूह भी अपना पक्ष रखने पहुंच गया।
दिलचस्प बात यह रही कि दूसरे पक्ष का तर्क भी कम चौंकाने वाला नहीं था। छात्रों का कहना था कि जैसे ही कश्मीरी छात्र मच्छरदानी लगाता है, कमरे के बाकी मच्छर बाहर सो रहे छात्रों को परेशान करने लगते हैं, जिससे उनकी रात की नींद खराब हो जाती है।
फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। लेकिन हॉस्टल में मच्छरों से शुरू हुआ यह विवाद अब कैंपस में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

एसपी से बोले स्कूली बच्चे- अंकल, हमें हिजाब और टोपी पहनने के लिए कहते थे सर।

◆ जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय में पहुंचे संभल डीएम-एसपी, बच्चों से जानी हकीकत।

डीएम और एसपी के सामने बच्चों ने खोले राज, सुनकर अधिकारी भी रह गए हैरान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय से सामने आए कथित धर्मांतरण जैसे व्यवहार के आरोपों ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है। स्कूल में बच्चों से क्या कराया जा रहा था, इसका खुलासा तब हुआ जब खुद डीएम और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। बच्चों ने जो बताया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
छात्राओं का कहना था कि उन्हें हिजाब पहनने के लिए कहा जाता था, जबकि छात्रों को टोपी पहनने के निर्देश दिए जाते थे। इतना ही नहीं, प्रार्थना के दौरान हाथ जोड़ने से भी मना किया जाता था और सभी बच्चों को हाथ बांधकर खड़ा कराया जाता था। इसके बाद “लब पे आती है दुआ बनकर तमन्ना मेरी” नज्म गवाई जाती थी। बच्चों के मुताबिक यह सब लंबे समय से चल रहा था।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बच्चों की बातें सुनने के बाद तुरंत सख्त रुख अपनाया और नामजद प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की गिरफ्तारी के निर्देश दे दिए। वहीं डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में गठित जांच टीम को जल्द रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूरा मामला सात मई को सामने आए एक वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में आरोप लगाया गया कि विद्यालय में हिंदू बच्चों से दूसरे धर्म से जुड़ी गतिविधियां कराई जा रही हैं। वीडियो प्रशासन तक पहुंचते ही आठ मई को खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार जांच के लिए स्कूल पहुंचे। बच्चों से पूछताछ में आरोप सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसके बाद प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज और प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही नखासा थाने में मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
अब इस पूरे मामले में एक और सनसनीखेज पहलू सामने आ रहा है। सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज पर आरोप है कि उन्होंने एक हिंदू शिक्षिका को भी अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की थी। यह शिकायत भी अब अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और जांच एजेंसियां इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। जालब सराय का यह मामला अब केवल स्कूल अनुशासन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि जिले में बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है।

“शासन द्वारा विद्यालयों के लिए जो शैक्षिक करिकुलम निर्धारित किया गया है, उसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं और यहां बच्चों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास पर काम होना चाहिए। हमारी कोशिश है कि विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर बेहतर हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यदि कोई भी शिक्षक या कर्मचारी निर्धारित पाठ्यक्रम और दिशा-निर्देशों से हटकर कार्य करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

अंकित खंडेलवाल, डीएम संभल

“विद्यालय में बच्चों के साथ जिस तरह की गतिविधियां कराए जाने के आरोप सामने आए हैं, उन्हें बेहद गंभीरता से लिया गया है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे पूरी तरह अनुचित और नियमों के खिलाफ हैं। मामले में नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आखिर विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां किस उद्देश्य से कराई जा रही थीं और इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं थी। गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क और मंशा की गहराई से पड़ताल की जाएगी।”

कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी संभल

नई नवेली दुल्हन निकली शातिर, शादी के 10 दिन बाद घर साफ।

सात फेरों के बाद साजिश! परिवार को स्प्रे द्वारा बेसुध कर फरार हुई दुल्हन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में “लुटेरी दुल्हन” का बड़ा खेल सामने आया है। बहजोई कोतवाली क्षेत्र में शादी के सिर्फ 10 दिन बाद नवविवाहिता घर से नकदी और लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित परिवार ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए युवती और उसके परिजनों पर शादी के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है।
मामला बहजोई थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर खुर्द का है, जहां प्रिया शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके जेठ अवनीश शर्मा के लिए रिश्ते की तलाश चल रही थी। इसी दौरान मामा सुबोध के जरिए जिला बस्ती के थाना बनकटी क्षेत्र के गांव पिंकारपुर निवासी बाबूलाल ने अपनी भतीजी सुंदरी का रिश्ता कराया।
बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को संतकबीरनगर जनपद के धनघटा क्षेत्र स्थित एक मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। शादी में युवती के परिजन भी मौजूद रहे और पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ। परिवार को क्या पता था कि जिस बहू को वे घर ला रहे हैं, वही कुछ दिनों बाद पूरे परिवार को सदमे में छोड़ जाएगी।
पीड़ित परिवार के मुताबिक शादी के बाद से ही नवविवाहिता का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह घंटों मोबाइल फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति से बातचीत करती रहती थी। जब भी परिवार वाले पूछते, वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देती थी।
आरोप है कि 11 मई की तड़के करीब चार बजे नवविवाहिता ने अपने पति समेत घर के अन्य सदस्यों पर बेहोशी वाला स्प्रे कर दिया। परिवार के लोग बेसुध हो गए और इसी मौके का फायदा उठाकर वह घर में रखी करीब 50 हजार रुपये की नकदी, सोने का मंगलसूत्र, कंठी, झाले, चांदी की पायल समेत लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई।
सुबह जब परिवार को होश आया तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और नवविवाहिता गायब थी। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ित पक्ष ने बहजोई कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक का कहना है कि मामले में तहरीर मिली है। शुरुआती जांच की जा रही है। जांच में यदि मामला लुटेरी दुल्हन गिरोह से जुड़ा पाया जाता है तो मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संभल में सुरक्षा का बड़ा कवच, 4 नई पुलिस चौकियों से अपराधियों पर शिकंजा।

रीठ से रहौली तक पुलिस अलर्ट, रिक्रूट कांस्टेबलों की रहेगी तैनाती।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के ग्रामीण इलाकों में अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को नई धार देते हुए थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में एक साथ चार नई पुलिस चौकियों की शुरुआत कर दी है। खास बात यह है कि जिन इलाकों में वर्षों से पुलिस चौकी की कमी महसूस की जा रही थी, वहां अब स्थायी पुलिस निगरानी सुनिश्चित कर दी गई है।

सोमवार शाम चंदौसी तहसील के अंतर्गत रीठ, छाबड़ा, रतनपुर और रहौली गांवों में नई पुलिस चौकियों का विधिवत उद्घाटन किया गया। रीठ पुलिस चौकी पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और हवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह और सीओ दीपक तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति देकर चौकी का शुभारंभ कराया।

कार्यक्रम की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली जब गांव गुरसरी निवासी जोगेंद्र चौधरी की पुत्री जाह्नवी चौधरी ने फीता काटकर रीठ चौकी का उद्घाटन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने नारियल फोड़कर चौकी को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया। रंग-बिरंगे गुब्बारों और स्वागत द्वार से सजी चौकियों में ग्रामीणों का उत्साह भी देखने लायक था।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि इन नई चौकियों पर हाल ही में भर्ती हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के रिक्रूट कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। उनके मुताबिक यह पहल केवल सुरक्षा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नए जवानों को जमीनी स्तर पर ‘बीट पुलिसिंग’ का व्यावहारिक अनुभव देने की रणनीति का भी हिस्सा है।

एसपी ने कहा कि गांवों में लगातार पुलिस की मौजूदगी रहने से जवान स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क बना सकेंगे। इससे ग्रामीणों की समस्याओं, क्षेत्र की गतिविधियों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तेजी से मिल सकेगी। पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा और छोटी घटनाओं पर भी तत्काल प्रतिक्रिया संभव हो पाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में पहले एक भी पुलिस चौकी नहीं थी। ऐसे में किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को दूर से पहुंचना पड़ता था, जिससे कार्रवाई में देरी होती थी। लेकिन अब चार चौकियों के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी होगी। साथ ही यह पहल अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ाने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

एक करोड़ की जीत और संदिग्ध मौत, बदायूं से संभल तक चर्चाओं का बाजार गर्म।

◆ नीरज की मौत पर परिजनों का बड़ा आरोप, बोले- 70 लाख हड़पने के लिए की हत्या।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं।यूपी के बदायूं जिले में Dream11 पर एक करोड़ रुपये जीतकर चर्चा में आए युवक नीरज की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। नीरज का शव संभल जिले में उसकी ससुराल के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि नीरज द्वारा जीती गई रकम को लेकर विवाद चल रहा था और इसी कारण उसकी हत्या की गई। पुलिस अब पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के दानपुर गांव निवासी नीरज पुत्र यादराम करीब एक साल पहले Dream11 पर एक करोड़ रुपये की प्राइज मनी जीतने के बाद सुर्खियों में आया था। ग्रामीण उसकी किस्मत की चर्चा करते नहीं थकते थे। बताया जा रहा है कि नीरज पिछले दो महीनों से संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के कादराबाद गांव स्थित अपनी ससुराल में रह रहा था। शुक्रवार शाम वह अपने गांव से वापस ससुराल पहुंचा था, लेकिन अगले ही दिन उसका शव संदिग्ध हालत में मिला।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और शव को अपने गांव दानपुर ले आए। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। घटना के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीरज ने Dream11 में जीती गई रकम में से करीब 70 लाख रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए थे। परिवार का दावा है कि इसी रकम को हड़पने के लिए उसकी हत्या की गई।
मृतक के चाचा अनेक सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज ऑनलाइन सट्टा खेलता था और बड़ी रकम जीतने के बाद से पारिवारिक विवाद बढ़ गया था। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने पैसों के लालच में नीरज की जान ले ली। गांव में भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसके चलते विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और पारिवारिक संबंधों की भी जांच कर रही है।
संभल पुलिस का कहना है कि अभी तक थाना जुनावई में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं बदायूं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल नीरज की मौत को लेकर बदायूं से संभल तक चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई जानने का इंतजार कर रहा है।

विद्यालय में धार्मिक उन्माद फैलाने पर प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षक निलंबित।

शिक्षकों द्वारा विद्यालय में की जा रही थीं धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित अवांछित गतिविधियां।

संभल के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय का मामला।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के पीएम श्री विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक तथा एक अन्य सहायक अध्यापक द्वारा बच्चों के बीच धार्मिक उन्माद फैलाने तथा अवांछित गतिविधियों को अंजाम देकर मजा भी शिक्षा को बढ़ावा देने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में जांच के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है तथा साथ ही उसके पश्चात अपने कार्यों का निर्वाहन नहीं करने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को ही निलंबित किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में की गई जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक के विरुद्ध नखासा थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जनपद के संभल विकासखंड क्षेत्र के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय में स्कूली बच्चों के बीच प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, तथा सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज के द्वारा विद्यालय परिसर में धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित अवांछित गतिविधियों की जा रही थीं।
इसके कुछ वीडियो तथा फोटो के माध्यम से शिक्षा विभाग द्वारा मामला संज्ञान में आने के बाद विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।
जहां बच्चों से भी जानकारी की गई तथा संज्ञान के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई टीम के द्वारा देखा गया कि उपरोक्त प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक द्वारा विद्यालय में अवांछित गतिविधि की जा रही है, और मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय में धार्मिक उन्माद पैदा कर धर्म एवं भाषा के आधार पर विच्छेद करने तथा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, अन्य धर्म के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने और विद्यालय वातावरण तथा बच्चों के आत्माबोध पर कुठाराघात करने के दोषी पाए गए।
निलंबित के बाद विद्यालय में बलेश कुमार को प्रभारी प्रधानाध्यापक बना दिया गया था लेकिन उनके द्वारा भी चिकित्सा अवकाश ले लिया गया और अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया और न ही धार्मिक उन्माद जैसे कृत्यों को रोकने का प्रयास किया गया।
जिसके चलते बलेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया।
धार्मिक अनुवाद फैलाने वाले प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद तथा सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित त्रि सदस्यीय समिति की जांच के बाद उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
जांच उपरांत संभल खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मोहम्मद अंजार अहमद तथा मुगल एजाज के खिलाफ नखासा थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम।

◆ पूरा मामला बहजोई थाना क्षेत्र के गांव पाठकपुर का है।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सम्भल जनपद के बहजोई कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम पाठकपुर में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पाठकपुर निवासी पूरन शर्मा (32) पुत्र गाटु शर्मा रविवार शाम बहजोई स्थित एक पेट्रोल पंप के पीछे से गुजर रही रेलवे लाइन के पास मौजूद थे। इसी दौरान वह अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। वहीं सूचना पाकर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां मृतक की हालत देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। युवक की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक पूरन शर्मा मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, उनकी मौत से गांव में गहरा दु:ख व्याप्त है।
सूचना मिलने पर बहजोई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मृत्यु हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

भूपेंद्र चौधरी के मंत्री बनने पर घर एवं समर्थकों में जश्न का माहौल।

तीसरी बार मंत्री बनने पर भूपेंद्र चौधरी के घर बधाई देने वालों का तांता।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी के तीसरी बार मंत्री पद की शपथ लेते ही मुरादाबाद में उत्साह का माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए जमकर जश्न मनाया। भाजपा कार्यालय से लेकर उनके आवास तक बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
भाजपा कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और “भूपेंद्र चौधरी जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंज उठा। कई कार्यकर्ता देर रात ही लखनऊ पहुंच गए थे, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के बाद भूपेंद्र चौधरी को शुभकामनाएं दीं।
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके आवास पर सुबह से ही शुभचिंतकों का आना-जाना लगा रहा। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की कामना की। समर्थकों का कहना है कि भूपेंद्र चौधरी के मंत्री बनने से क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और संगठन को भी मजबूती मिलेगी।
भूपेंद्र चौधरी मूल रूप से मुरादाबाद जनपद के छजलैट थाना क्षेत्र स्थित महेंद्री सिकंदरपुर गांव के निवासी हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वर्ष 2017 में योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें पंचायती राज और लोक निर्माण विभाग (PWD) की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया।
अब तीसरी बार मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि भूपेंद्र चौधरी के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का लाभ प्रदेश को लगातार मिलता रहेगा।