बदायूं में दबंगई का आतंक, सीने पर फायर कर हवाई फायरिंग करते फरार हुआ आरोपी।

नए थाना प्रभारी के आते ही गोलीकांड, सीने को छूती हुई हाथ में धंसी गोली, दहशत में ग्रामीण।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में दबंगई का किस कदर आतंक है ये मामूली से नाली विवाद की घटना को देखकर अंदाज लगाया जा सकता है। जहां गांव सकतपुर में एक दबंग ने 55 वर्षीय अधेड़ को जान से मारने की नीयत से सीने पर गोली मार दी। किस्मत अच्छी रही कि गोली सीने को छूती हुई हाथ में जा धंसी, जिससे उसकी जान बच गई। वारदात के बाद आरोपी खुलेआम हवाई फायरिंग करता हुआ मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। खास बात यह है कि थाना इस्लामनगर में नए प्रभारी के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुई इस सनसनीखेज वारदात ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नाली के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद, गोलीकांड में बदला
जानकारी के मुताबिक गांव सकतपुर निवासी 55 वर्षीय दोली पुत्र डोरीलाल का पड़ोसियों से नाली के पानी के निकास को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले गई। आरोप है कि एक दबंग ने अवैध तमंचा निकालकर सीधे दोली के सीने को निशाना बनाते हुए फायर कर दिया।
गोली सीने को रगड़ती हुई हाथ में जा लगी और अधेड़ गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। गोली चलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई।
दहशत फैलाने को की हवाई फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने क्षेत्र में अपना खौफ कायम करने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग की और फिर आराम से मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा घायल
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। गोलीकांड की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है। खुलेआम हुई फायरिंग की घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लोग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।

उपरोक्त प्रकरण में सीओ बिल्सी ने बताया कि— “नाली के विवाद में एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर भेजी गई। घायल का उपचार चल रहा है। मामले की जांच की जा रही है। जहां आरोपित की गिरफ्तारी के लिए भी टीमों को लगाया गया है।”

फोन पर बातचीत बनी मौत की वजह! गुन्नौर में भाई ने बहन को मारी गोली।

परिवार के भीतर खून-खराबे से गांव स्तब्ध, आरोपी फरार; मां ने  दर्ज कराई रिपोर्ट।

ऑनर किलिंग या कुछ और? मुस्कान हत्याकांड की परतें खंगाल रही पुलिस।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद संभल के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के सेंजना गांव में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली वारदात सामने आई है। 20 वर्षीय युवती की उसके ही भाई द्वारा कथित रूप से गोली मारकर हत्या किए जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती अपने मौसेरे भाई से फोन पर बातचीत करती थी, जिसका आरोपी भाई विरोध करता था।
मृतका की पहचान मुस्कान पुत्री स्वर्गीय सफी मोहम्मद के रूप में हुई है। वह अपनी मां परवीन के साथ गांव में रहती थी। शुक्रवार सुबह मां खेत पर काम करने चली गई थीं। जब वह घर लौटीं तो मुस्कान खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी मिली, जबकि उसका भाई सनी मोहम्मद घर से गायब था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शुक्रवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच मुस्कान के सिर में नजदीक से गोली मारी गई। गोली सिर को चीरते हुए आर-पार निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।

वहीं ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि मुस्कान और उसके मौसेरे भाई के बीच प्रेम-प्रसंग था। हालांकि पुलिस ने अभी केवल दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने की पुष्टि की है। जांच टीम कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। मृतका की मां परवीन ने पुलिस को दी तहरीर में अपने बेटे सनी मोहम्मद पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मां का कहना है कि बेटे ने ही बेटी को गोली मारी, हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह उन्हें नहीं पता।
पुलिस के अनुसार आरोपी सनी मोहम्मद पंजाब में मजदूरी करता था और करीब तीन महीने पहले गांव लौटा था। घटना के बाद उसकी तलाश में तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
घटना की सूचना शाम करीब 4 बजे ग्राम प्रधान अख्तर अली द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार रावत ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली।
एक ही परिवार के भीतर हुई इस दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल फोन पर बातचीत को लेकर उपजा विवाद था या इसके पीछे कोई और वजह है? पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुटी है।

बदायूं पुलिस में तबादलों की बयार, थानों से लेकर विशेष इकाइयों तक बदलाव।

◆ एसएसपी अंकिता शर्मा का बड़ा एक्शन, बदले इस्लामनगर, मूसाझाग व वजीरगंज थानाध्यक्ष।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए तीन थानों और दो विशेष प्रकोष्ठों के प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार कई निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
लंबे समय से प्रभारी निरीक्षक विहीन चल रहे वजीरगंज थाने की कमान अब पीआरओ इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को मुठभेड़ से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के आरोप में पहले ही पद से हटाया जा चुका था, जिसके बाद से यह पद रिक्त था।
एसएसपी के आदेशानुसार इस्लामनगर के प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह को हटाकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटी) का प्रभारी बनाया गया है। वहीं मानवाधिकार प्रकोष्ठ में तैनात इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह को मूसाझाग थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा क्राइम ब्रांच में कार्यरत इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह को इस्लामनगर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एएचटी प्रभारी रहे इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को मानवाधिकार प्रकोष्ठ का प्रभारी बनाया गया है।
पुलिस विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नई तैनातियों से पुलिसिंग व्यवस्था में बेहतर समन्वय और कार्यक्षमता देखने को मिलेगी।

अदिति यादव पर आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में सपा का प्रदर्शन, एसपी को सौंपा ज्ञापन, की एफआईआर मांग।

  गुन्नौर विधायक रामखिलाड़ी यादव के नेतृत्व में सपा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा एसपी कार्यालय।

◆ बोले- परिवार को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं, दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री अदिति यादव के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्टों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। इसी क्रम में गुन्नौर विधायक रामखिलाड़ी यादव, सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बहजोई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अदिति यादव को लेकर भ्रामक और असत्य सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे निंदनीय बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित सोशल मीडिया हैंडल्स और अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी के परिवार को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना उचित नहीं है। ज्ञापन सौंपते हुए नेताओं ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर आगे की रणनीति तय करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा कल्कि धाम, 39.5 किमी फोर लेन सड़क का खाका तैयार।

धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा संभल, आस्था और विकास का केंद्र बनेगा कल्कि धाम।

303 करोड़ के परिक्रमा मार्ग के बाद संभल को सरकार की एक और बड़ी सौगात।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहे संभल के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बहुचर्चित कल्कि धाम को अब सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 39.5 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसका नक्शा (डीपीआर) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने तैयार कर लिया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग ने सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित सड़क गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से शुरू होकर वंश गोपाल धाम होते हुए सीधे कल्कि धाम तक पहुंचेगी। सड़क बनने के बाद देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कल्कि धाम पहुंचने के लिए लंबी और संकरी सड़कों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यात्रा का समय कम होगा और सफर अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनेगा। कल्कि धाम को भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि से जोड़कर देखा जाता है और यहां तेजी से विकसित हो रहे धार्मिक परिसर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद कल्कि धाम राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया अध्याय साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जिला प्रशासन के स्तर पर परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फोर लेन सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के चिन्हांकन और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य को जल्द गति दी जा सके।

गौरतलब है कि संभल के प्रसिद्ध 24 कोसीय तीर्थ परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए पहले ही 303 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। अब कल्कि धाम को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार संभल को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार निवेश और योजनाएं लागू कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद कल्कि धाम की पहुंच देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद आसान हो जाएगी। इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय बाजारों में भी नई आर्थिक ऊर्जा का संचार होगा। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में कल्कि धाम उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है, जबकि संभल जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

प्रवाह के लिए ‘डॉ. गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट…

ब्राह्मण सभा ने चंदौसी पुलिस क्षेत्राधिकारी के योगदान को सराहा, दी शुभकामनाओं भरी विदाई।

चंदौसी में हुआ सम्मान समारोह, बोले- कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए याद किए जाएंगे सीओ दीपक तिवारी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद से स्थानांतरित हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) दीपक तिवारी को ब्राह्मण सभा संगठन द्वारा एक गरिमामय एवं भावपूर्ण समारोह में विदाई दी गई। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया तथा उनके सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सीओ दीपक तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण तथा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर जनविश्वास को मजबूत करने का कार्य किया, जिसके कारण वे लोगों के बीच एक लोकप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचान बनाने में सफल रहे।

वक्ताओं ने कहा कि उनकी कार्यशैली में अनुशासन, निष्पक्षता और जनसेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। यही कारण है कि उनके स्थानांतरण की खबर से क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। ब्राह्मण सभा संगठन ने उनके कार्यकाल को यादगार बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान का प्रयास किया।
अपने सम्मान से अभिभूत सीओ दीपक तिवारी ने ब्राह्मण सभा संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चंदौसी में बिताया गया समय उनके लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता, सामाजिक संगठनों और पुलिस विभाग के सहयोग से ही वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सके। उन्होंने क्षेत्रवासियों से मिले स्नेह और सम्मान को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की। पूरे समारोह का वातावरण भावनाओं से ओत-प्रोत रहा और लोगों ने उनके कार्यों को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बनबारी लाल पाठक, लोकेंद्र शर्मा, सुधांशु शर्मा, विवेक मिश्रा सहित ब्राह्मण सभा संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

अब नहीं लगाने पड़ेंगे SSP कार्यालय के चक्कर, थाने से ही होगी ऑनलाइन सुनवाई।

फरियादियों को बड़ी राहत, शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने के लिए बदायूं पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल की शुरुआत की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने फरियादियों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित जनसुनवाई व्यवस्था लागू की है। विश्व प्रवाह को मिली विशेष जानकारी के अनुसार, 11 जून से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक जिले के सभी थानों को एसएसपी कार्यालय से जोड़ा जाएगा। इस दौरान शिकायतकर्ता अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर थाना प्रभारी की मौजूदगी में सीधे एसएसपी के समक्ष अपनी शिकायत और समस्याएं रख सकेंगे।

इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि जनसुनवाई के दौरान जिले के सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी भी ऑनलाइन जुड़े रहेंगे, जिससे शिकायतों पर तत्काल चर्चा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। इससे मामलों के निस्तारण में तेजी आने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं होगी। जनसुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाएं, प्रार्थना पत्रों और जनशिकायतों की प्रगति की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा उनकी कार्यप्रणाली की सतत निगरानी की जाएगी।
पुलिस विभाग की यह डिजिटल पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। अब फरियादियों को अपनी बात जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी तक पहुंचाने के लिए मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उनका स्थानीय थाना ही “डिजिटल एसएसपी कार्यालय” की भूमिका निभाएगा।
एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर अपने संबंधित थाने पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं, ताकि समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

प्रवाह के लिए बदायूँ से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

संभल पुलिस परिवार ने तीन क्षेत्राधिकारियों को दी भावभीनी विदाई।

कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सराहे गए स्थानांतरित अधिकारी, विदाई समारोह में गूंजे प्रशंसा के स्वर।

सीओ असमोली, गुन्नौर व चन्दौसी को एसपी ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में अपनी सेवाओं के दौरान उत्कृष्ट कार्यों और कुशल नेतृत्व के लिए पहचान बनाने वाले तीन क्षेत्राधिकारियों को उनके गैर जनपद स्थानांतरण के अवसर पर गरिमामय विदाई दी गई। पुलिस विभाग की ओर से आयोजित समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

विदाई समारोह में क्षेत्राधिकारी असमोली डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी गुन्नौर आलोक सिद्धू तथा क्षेत्राधिकारी चन्दौसी दीपक कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) मनोज कुमार रावत सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने स्थानांतरित अधिकारियों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण तथा जनसामान्य के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

समारोह के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्थानांतरित क्षेत्राधिकारियों के साथ बिताए गए अनुभव साझा किए तथा उनके आगामी दायित्वों के सफल निर्वहन की कामना की। अंत में सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।

संभल के सपूत ने बढ़ाया देश का मान, दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हुए डॉ. अशोक कुमार।

◆ गुन्नौर के खलीलपुर से निकला वैज्ञानिक सितारा, शोध और नवाचार से रचा इतिहास।

संभल के लाल की उपलब्धि पर जश्न, लोगों ने बांटी मिठाइयां और दी शुभकामनाएं।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के ग्राम खलीलपुर के रहने वाले डॉ. अशोक कुमार ने अपनी प्रतिभा, कठोर परिश्रम और शोध कार्यों के दम पर न केवल अपने परिवार एवं क्षेत्र, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को वैश्विक पहचान मिली है। प्रतिष्ठित वैश्विक वैज्ञानिक मूल्यांकन संस्था स्कॉलर जीपीएस (ScholarGPS) द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में डॉ. अशोक कुमार का नाम दुनिया के शीर्ष चिकित्सक-वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल डॉ. अशोक कुमार के लिए बल्कि पूरे संभल जनपद, उत्तर प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में अपनी पहचान बनाना उनकी असाधारण प्रतिभा, समर्पण और अथक मेहनत का परिणाम है।

वर्तमान में एम्स भोपाल के जैवरसायन (बायोकेमिस्ट्री) विभाग में कार्यरत डॉ. अशोक कुमार चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने अनेक उच्च स्तरीय शोध कार्यों के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उनके शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और उनके कार्यों को वैश्विक स्तर पर व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है।
स्कॉलर जीपीएस की प्रतिष्ठित रैंकिंग शोध प्रकाशनों, वैज्ञानिक उद्धरणों, अकादमिक प्रभाव और अनुसंधान की गुणवत्ता जैसे कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर स्थान प्राप्त करना किसी भी वैज्ञानिक के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। डॉ. अशोक कुमार का इस सूची में शामिल होना यह साबित करता है कि उनका शोध कार्य चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
जैसे ही डॉ. अशोक कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर उनके पैतृक गांव खलीलपुर पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, शुभचिंतकों और परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर लोगों ने फल एवं मिठाइयां वितरित कर डॉ. अशोक कुमार को शुभकामनाएं दीं और उनकी सफलता को पूरे जिले का सम्मान बताया।

गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि डॉ. अशोक कुमार ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। लगन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकता है।
एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. अशोक कुमार आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। उनके परिजनों का कहना है कि बचपन से ही उनमें शिक्षा और विज्ञान के प्रति विशेष रुचि थी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और लगातार मेहनत करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते गए।
क्षेत्र के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया है। उनका मानना है कि डॉ. अशोक कुमार की सफलता ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला प्रदान करेगी।
इस वैश्विक उपलब्धि में एम्स भोपाल के कुल दस चिकित्सक-वैज्ञानिकों ने अपनी जगह बनाई है। इनमें डॉ. जगत आर. कंवर, डॉ. रजनीश जोशी, डॉ. अभिजीत पखारे, डॉ. अंकुर जोशी, डॉ. देबाशीष बिस्वास, डॉ. सुखेस मुखर्जी, डॉ. अस्विन कोटनिस, डॉ. अभिनव सिंह, डॉ. वरुण मल्होत्रा तथा डॉ. अशोक कुमार के नाम शामिल है।
इन वैज्ञानिकों की उपलब्धियों ने एम्स भोपाल को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाई है। संस्थान लगातार अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
डॉ. अशोक कुमार की इस सफलता ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में संभल जनपद को एक नई पहचान प्रदान की है। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर अपना परचम लहरा सकती हैं। आज पूरा संभल अपने इस सपूत की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।
डॉ. अशोक कुमार की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और युवाओं को शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। उनकी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।

प्रवाह के लिए संभल से ‘हिमालय शर्मा’ की रिपोर्ट…

कैला देवी पुलिस ने कंटेनर में पकड़ा 1.60 करोड़ का मादक पदार्थ।

6 कुंतल 28 किलो मादक पदार्थ के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार।

गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से संभल को खिरनी उतरे थे तस्कर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के कैला देवी थाना पुलिस ने मेरठ की तरफ से गंगा एक्सप्रेसवे से होकर आ रहे कंटेनर के संभल की तरफ एक्सप्रेसवे से उतरने पर मुखबिर की सूचना पर 6 कुंतल 28 किलो मादक पदार्थ के साथ चार तस्कर गिरफ्तार कर लिए।कंटेनर में बरामद मादक पदार्थ की कीमत 1.68 करोड़ रुपए बताई गई है। जहां चारों के खिलाफ कैलादेवी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
संभल के कैला देवी थाना पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से आ रहे बंद बॉडी कंटेनर को संभल की तरफ जाते समय खिरनी के नजदीक जिओ पेट्रोल पंप पर खड़े होने पर कंटेनर सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बंद बॉडी कंटेनर ट्रक में ट्रांसपोर्ट सामान के बीच में एसिडिक और एनहाइड्रिक जो की एक मादक पदार्थ है जिसकी तस्करी की जा रही थी। कंटेनर में तलाशी लेने पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ जिसका वजन 6 कुंतल 28 किलो था।जहां पुलिस ने चारों आरोपियों नखासा थाना क्षेत्र के लखोरी गांव निवासी मदनपाल पुत्र हरिश्चंद्र, नखासा के ही कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र अब्दुल रशीद, बरेली के फतेहगंज थाना अंतर्गत बिटौली गांव निवासी राजपाल पुत्र तोताराम तथा बदायूं के सहसवान थाना अंतर्गत शोएब पुत्र शफीक चौधरी को गिरफ्तार कर लिया।
जिनके पास से एक कंटेनर ट्रक के साथ 9 प्लास्टिक के नीले रंग के पीपे अर्थात छोटे ड्रम, एक सफेद ड्रम जिसमें मादक पदार्थ एसीटिक एनहाईड्राइड प्रीकर्सर भरा हुआ था। जिसका वजन 628 किलोग्राम था।
200 बॉक्स तथा चार मोबाइल भी बरामद किए गए।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह मादक पदार्थ ट्रांसपोर्ट में छुपा कर ले जा रहे थे जिसका उपयोग हम लोग स्मैक हेरोइन बनाने में करते हैं। आरोपियों ने बताया कि हम लोग सस्ते दामों में संयुक्त रूप से पैसा लगाकर खरीदते हैं और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ऐसे ही ट्रक में छुपा कर लाते हैं।
अपराधिक इतिहास में देखा गया तो इन पर बाराबंकी, गाजियाबाद तथा संभल और बरेली में अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं। जहां कैला देवी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।