संभल के सपूत ने बढ़ाया देश का मान, दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में शामिल हुए डॉ. अशोक कुमार।

◆ गुन्नौर के खलीलपुर से निकला वैज्ञानिक सितारा, शोध और नवाचार से रचा इतिहास।

संभल के लाल की उपलब्धि पर जश्न, लोगों ने बांटी मिठाइयां और दी शुभकामनाएं।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के ग्राम खलीलपुर के रहने वाले डॉ. अशोक कुमार ने अपनी प्रतिभा, कठोर परिश्रम और शोध कार्यों के दम पर न केवल अपने परिवार एवं क्षेत्र, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को वैश्विक पहचान मिली है। प्रतिष्ठित वैश्विक वैज्ञानिक मूल्यांकन संस्था स्कॉलर जीपीएस (ScholarGPS) द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में डॉ. अशोक कुमार का नाम दुनिया के शीर्ष चिकित्सक-वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल डॉ. अशोक कुमार के लिए बल्कि पूरे संभल जनपद, उत्तर प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में अपनी पहचान बनाना उनकी असाधारण प्रतिभा, समर्पण और अथक मेहनत का परिणाम है।

वर्तमान में एम्स भोपाल के जैवरसायन (बायोकेमिस्ट्री) विभाग में कार्यरत डॉ. अशोक कुमार चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने अनेक उच्च स्तरीय शोध कार्यों के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उनके शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और उनके कार्यों को वैश्विक स्तर पर व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है।
स्कॉलर जीपीएस की प्रतिष्ठित रैंकिंग शोध प्रकाशनों, वैज्ञानिक उद्धरणों, अकादमिक प्रभाव और अनुसंधान की गुणवत्ता जैसे कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर स्थान प्राप्त करना किसी भी वैज्ञानिक के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। डॉ. अशोक कुमार का इस सूची में शामिल होना यह साबित करता है कि उनका शोध कार्य चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
जैसे ही डॉ. अशोक कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर उनके पैतृक गांव खलीलपुर पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, शुभचिंतकों और परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर लोगों ने फल एवं मिठाइयां वितरित कर डॉ. अशोक कुमार को शुभकामनाएं दीं और उनकी सफलता को पूरे जिले का सम्मान बताया।

गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि डॉ. अशोक कुमार ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। लगन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकता है।
एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. अशोक कुमार आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। उनके परिजनों का कहना है कि बचपन से ही उनमें शिक्षा और विज्ञान के प्रति विशेष रुचि थी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और लगातार मेहनत करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते गए।
क्षेत्र के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया है। उनका मानना है कि डॉ. अशोक कुमार की सफलता ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला प्रदान करेगी।
इस वैश्विक उपलब्धि में एम्स भोपाल के कुल दस चिकित्सक-वैज्ञानिकों ने अपनी जगह बनाई है। इनमें डॉ. जगत आर. कंवर, डॉ. रजनीश जोशी, डॉ. अभिजीत पखारे, डॉ. अंकुर जोशी, डॉ. देबाशीष बिस्वास, डॉ. सुखेस मुखर्जी, डॉ. अस्विन कोटनिस, डॉ. अभिनव सिंह, डॉ. वरुण मल्होत्रा तथा डॉ. अशोक कुमार के नाम शामिल है।
इन वैज्ञानिकों की उपलब्धियों ने एम्स भोपाल को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाई है। संस्थान लगातार अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
डॉ. अशोक कुमार की इस सफलता ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में संभल जनपद को एक नई पहचान प्रदान की है। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर अपना परचम लहरा सकती हैं। आज पूरा संभल अपने इस सपूत की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।
डॉ. अशोक कुमार की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और युवाओं को शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। उनकी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।

प्रवाह के लिए संभल से ‘हिमालय शर्मा’ की रिपोर्ट…

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