योग सप्ताह: तहसील परिसर में अधिकारियों व अधिवक्ताओं ने किया सामूहिक योगाभ्यास।

एसडीएम बोलीं- स्वस्थ जीवन की कुंजी योग, तन-मन को रखता है निरोग।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित योग सप्ताह के तहत तहसील चन्दौसी परिसर में गुरुवार को सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व उप जिलाधिकारी नीतू रानी ने किया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं ने उत्साह के साथ भाग लेकर योग के प्रति अपनी जागरूकता और प्रतिबद्धता प्रदर्शित की।
कार्यक्रम में तहसीलदार रविन्द्र विक्रम, नायब तहसीलदार, बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, लेखपाल, अमीन एवं तहसील के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं की विधि बताते हुए उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी नीतू रानी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन की कुंजी बनकर उभरा है। उन्होंने सभी से नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं ने योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। स्वस्थ जीवन और निरोगी काया की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश देने में सफल रहा, बल्कि समाज में योग के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में भी एक सार्थक पहल साबित हुआ।

गजरौला में हैवानियत! दो युवकों को पेड़ से बांधकर की बेरहमी से पिटाई, वीडियो वायरल।

वायरल वीडियो के बाद एक्शन में अमरोहा पुलिस, तीन आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी।

प्रवाह ब्यूरो
अमरोहा। गजरौला थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि दो युवकों को पेड़ से बांधकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जहां घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम भुड्डी वाला निवासी दीपक पुत्र शेर सिंह अपने बहनोई डालू निवासी नया बास, थाना गढ़मुक्तेश्वर, के साथ गजरौला से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान ग्राम शीशोवाली के पास कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर प्रमोद, हुकुम सिंह, महीपाल, चरण सिंह, लोकेश और नंदराम ने दोनों युवकों को जबरन पेड़ से बांध दिया और उनके साथ मारपीट की।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर गजरौला थाना पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नंदराम, महीपाल और चरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि मामले में तेजी से कार्रवाई की जा रही है और बाकी आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

बदायूं हादसा: भात की रस्म पर निकला परिवार हादसे का शिकार, दूल्हे की मां समेत 6 की मौत।

ट्रैक्टरों की रेस ने उजाड़ दी खुशियां, जहां बजनी थीं शहनाइयां, वहां पसरा मातम।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरेली-मथुरा हाईवे पर कथित तौर पर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों ने एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। शादी की तैयारियों के बीच भात की रस्म के लिए निकला परिवार हादसे का शिकार हो गया, जिसमें दूल्हे की मां समेत छह महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो ट्रैक्टर कथित तौर पर तेज गति से एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में थे। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
मृतकों में राजकुमारी (50), उनकी बेटी नारायणी (30), जेठानी रेवती (80), बहू गंगाश्री (30), सरला (32) और गांव की प्रेमावती (32) शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, मुरावन नगला गांव निवासी डालचंद्र के सबसे छोटे बेटे कुंवर पाल की 29 जून को शादी निर्धारित थी। परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। इसी सिलसिले में महिलाएं शगुन और भात की रस्म के लिए राजकुमारी के मायके गठौना गांव जा रही थीं। ई-रिक्शा में कुल आठ लोग सवार थे।
बताया जा रहा है कि हाईवे पर निर्माण कार्य के कारण केवल एक लेन चालू थी। इसी दौरान कथित रूप से रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों में से एक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गए, हालांकि बाद में प्रशासन ने दोनों चालकों को ट्रैक्टर सहित हिरासत में ले लिया।

परिजनों के अनुसार, घर में शादी का माहौल था और महिलाएं खुशी-खुशी भात की रस्म के लिए निकली थीं। लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। अब जिस घर में शहनाइयां बजनी थीं, वहां गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।

जिलाधिकारी अवनीश राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
डीआईज़ी बरेली अजय साहनी ने भी बदायूं पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया।

प्रभारी मंत्री अरुण सक्सेना ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

उधर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी इस भीषण हादसे से हुई जनहानि पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।
साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं।

भ्रष्ट अफसरों पर सीएम योगी का हंटर, बड़े एक्शन के संकेत।

बोले- सुधर जाओ, वरना एक ही दिन में 150 अधिकारियों-कर्मचारियों को करूंगा निलंबित।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने सख्त तेवर दिखाए हैं। मंगलवार देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। यदि विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई नहीं करेंगे तो सरकार सीधे कठोर कदम उठाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जरूरत पड़ी तो एक ही दिन में 150 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करूंगा।”
योगी ने जनता दर्शन, सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की खराब स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई।
बैठक में गाजीपुर के एक गुमटी संचालक के 1.20 लाख रुपये के बिजली बिल और उसके बाद हुई दुखद घटना का भी जिक्र हुआ। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी इस तरह की गलती करने की हिम्मत न कर सके।
जहां मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था — भ्रष्टाचार पर अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

12 वर्षों की उपलब्धियों के साथ स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश।

पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्व पटल पर बढ़ी भारत की प्रतिष्ठा: विधायक राजीव तरारा।

प्रवाह ब्यूरो
अमरोहा। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को गजरौला स्थित खंड विकास कार्यालय परिसर में एक भव्य स्वास्थ्य शिविर एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख मीनाक्षी चौधरी ने की, जबकि क्षेत्रीय विधायक राजीव तरारा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विधायक राजीव तरारा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी एक मजबूत और विश्वसनीय पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है, जिससे समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित हो रहा है।

विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल सेवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। गरीब कल्याण, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही ब्लॉक प्रमुख मीनाक्षी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने विकास और सुशासन के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। उन्होंने लोगों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

स्वास्थ्य शिविर में चिकित्सकों द्वारा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक परामर्श एवं दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर उपस्थित अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना तथा स्वास्थ्य एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्रा, भाजपा पर्यवेक्षक चन्द्रभान भाटी, चौधरी वीरेन्द्र सिंह, खंड विकास अधिकारी लोकचंद आनंद, एडीओ पंचायत सतेन्द्र सिंह, पंकज कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी, पंचायत कर्मी एवं विकास विभाग के कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

गजरौला से प्रवाह के लिए ‘विपिन कुमार’ की रिपोर्ट…

बदायूं में दबंगई का आतंक, सीने पर फायर कर हवाई फायरिंग करते फरार हुआ आरोपी।

नए थाना प्रभारी के आते ही गोलीकांड, सीने को छूती हुई हाथ में धंसी गोली, दहशत में ग्रामीण।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र में दबंगई का किस कदर आतंक है ये मामूली से नाली विवाद की घटना को देखकर अंदाज लगाया जा सकता है। जहां गांव सकतपुर में एक दबंग ने 55 वर्षीय अधेड़ को जान से मारने की नीयत से सीने पर गोली मार दी। किस्मत अच्छी रही कि गोली सीने को छूती हुई हाथ में जा धंसी, जिससे उसकी जान बच गई। वारदात के बाद आरोपी खुलेआम हवाई फायरिंग करता हुआ मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। खास बात यह है कि थाना इस्लामनगर में नए प्रभारी के कार्यभार संभालने के तुरंत बाद हुई इस सनसनीखेज वारदात ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
नाली के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद, गोलीकांड में बदला
जानकारी के मुताबिक गांव सकतपुर निवासी 55 वर्षीय दोली पुत्र डोरीलाल का पड़ोसियों से नाली के पानी के निकास को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को इसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले गई। आरोप है कि एक दबंग ने अवैध तमंचा निकालकर सीधे दोली के सीने को निशाना बनाते हुए फायर कर दिया।
गोली सीने को रगड़ती हुई हाथ में जा लगी और अधेड़ गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। गोली चलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार शुरू हो गई।
दहशत फैलाने को की हवाई फायरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने क्षेत्र में अपना खौफ कायम करने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग की और फिर आराम से मौके से फरार हो गया।
अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा घायल
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। गोलीकांड की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति है। खुलेआम हुई फायरिंग की घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और लोग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं।

उपरोक्त प्रकरण में सीओ बिल्सी ने बताया कि— “नाली के विवाद में एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस टीम तत्काल मौके पर भेजी गई। घायल का उपचार चल रहा है। मामले की जांच की जा रही है। जहां आरोपित की गिरफ्तारी के लिए भी टीमों को लगाया गया है।”

फोन पर बातचीत बनी मौत की वजह! गुन्नौर में भाई ने बहन को मारी गोली।

परिवार के भीतर खून-खराबे से गांव स्तब्ध, आरोपी फरार; मां ने  दर्ज कराई रिपोर्ट।

ऑनर किलिंग या कुछ और? मुस्कान हत्याकांड की परतें खंगाल रही पुलिस।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद संभल के गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के सेंजना गांव में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली वारदात सामने आई है। 20 वर्षीय युवती की उसके ही भाई द्वारा कथित रूप से गोली मारकर हत्या किए जाने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती अपने मौसेरे भाई से फोन पर बातचीत करती थी, जिसका आरोपी भाई विरोध करता था।
मृतका की पहचान मुस्कान पुत्री स्वर्गीय सफी मोहम्मद के रूप में हुई है। वह अपनी मां परवीन के साथ गांव में रहती थी। शुक्रवार सुबह मां खेत पर काम करने चली गई थीं। जब वह घर लौटीं तो मुस्कान खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी मिली, जबकि उसका भाई सनी मोहम्मद घर से गायब था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि शुक्रवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच मुस्कान के सिर में नजदीक से गोली मारी गई। गोली सिर को चीरते हुए आर-पार निकल गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।

वहीं ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि मुस्कान और उसके मौसेरे भाई के बीच प्रेम-प्रसंग था। हालांकि पुलिस ने अभी केवल दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने की पुष्टि की है। जांच टीम कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। मृतका की मां परवीन ने पुलिस को दी तहरीर में अपने बेटे सनी मोहम्मद पर बेटी की हत्या का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मां का कहना है कि बेटे ने ही बेटी को गोली मारी, हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह उन्हें नहीं पता।
पुलिस के अनुसार आरोपी सनी मोहम्मद पंजाब में मजदूरी करता था और करीब तीन महीने पहले गांव लौटा था। घटना के बाद उसकी तलाश में तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया है। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
घटना की सूचना शाम करीब 4 बजे ग्राम प्रधान अख्तर अली द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार रावत ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की प्रगति की जानकारी ली।
एक ही परिवार के भीतर हुई इस दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल फोन पर बातचीत को लेकर उपजा विवाद था या इसके पीछे कोई और वजह है? पुलिस अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पूरे घटनाक्रम की परतें खोलने में जुटी है।

बदायूं पुलिस में तबादलों की बयार, थानों से लेकर विशेष इकाइयों तक बदलाव।

◆ एसएसपी अंकिता शर्मा का बड़ा एक्शन, बदले इस्लामनगर, मूसाझाग व वजीरगंज थानाध्यक्ष।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए तीन थानों और दो विशेष प्रकोष्ठों के प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार कई निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
लंबे समय से प्रभारी निरीक्षक विहीन चल रहे वजीरगंज थाने की कमान अब पीआरओ इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार को सौंपी गई है। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को मुठभेड़ से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने के आरोप में पहले ही पद से हटाया जा चुका था, जिसके बाद से यह पद रिक्त था।
एसएसपी के आदेशानुसार इस्लामनगर के प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह को हटाकर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटी) का प्रभारी बनाया गया है। वहीं मानवाधिकार प्रकोष्ठ में तैनात इंस्पेक्टर मनोज कुमार सिंह को मूसाझाग थाने का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा क्राइम ब्रांच में कार्यरत इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह को इस्लामनगर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि एएचटी प्रभारी रहे इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह को मानवाधिकार प्रकोष्ठ का प्रभारी बनाया गया है।
पुलिस विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नई तैनातियों से पुलिसिंग व्यवस्था में बेहतर समन्वय और कार्यक्षमता देखने को मिलेगी।

अदिति यादव पर आपत्तिजनक पोस्ट के विरोध में सपा का प्रदर्शन, एसपी को सौंपा ज्ञापन, की एफआईआर मांग।

  गुन्नौर विधायक रामखिलाड़ी यादव के नेतृत्व में सपा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा एसपी कार्यालय।

◆ बोले- परिवार को निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं, दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पुत्री अदिति यादव के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक एवं भ्रामक पोस्टों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली। इसी क्रम में गुन्नौर विधायक रामखिलाड़ी यादव, सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी तथा पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बहजोई स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अदिति यादव को लेकर भ्रामक और असत्य सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे निंदनीय बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सपा प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित सोशल मीडिया हैंडल्स और अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। नेताओं का कहना था कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी के परिवार को निशाना बनाकर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना उचित नहीं है। ज्ञापन सौंपते हुए नेताओं ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर आगे की रणनीति तय करेगी।

गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा कल्कि धाम, 39.5 किमी फोर लेन सड़क का खाका तैयार।

धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा संभल, आस्था और विकास का केंद्र बनेगा कल्कि धाम।

303 करोड़ के परिक्रमा मार्ग के बाद संभल को सरकार की एक और बड़ी सौगात।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहे संभल के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बहुचर्चित कल्कि धाम को अब सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 39.5 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसका नक्शा (डीपीआर) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने तैयार कर लिया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग ने सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित सड़क गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से शुरू होकर वंश गोपाल धाम होते हुए सीधे कल्कि धाम तक पहुंचेगी। सड़क बनने के बाद देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कल्कि धाम पहुंचने के लिए लंबी और संकरी सड़कों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यात्रा का समय कम होगा और सफर अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनेगा। कल्कि धाम को भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि से जोड़कर देखा जाता है और यहां तेजी से विकसित हो रहे धार्मिक परिसर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद कल्कि धाम राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया अध्याय साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जिला प्रशासन के स्तर पर परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फोर लेन सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के चिन्हांकन और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य को जल्द गति दी जा सके।

गौरतलब है कि संभल के प्रसिद्ध 24 कोसीय तीर्थ परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए पहले ही 303 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। अब कल्कि धाम को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार संभल को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार निवेश और योजनाएं लागू कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद कल्कि धाम की पहुंच देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद आसान हो जाएगी। इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय बाजारों में भी नई आर्थिक ऊर्जा का संचार होगा। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में कल्कि धाम उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है, जबकि संभल जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

प्रवाह के लिए ‘डॉ. गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट…