बदायूं हादसा: भात की रस्म पर निकला परिवार हादसे का शिकार, दूल्हे की मां समेत 6 की मौत।

ट्रैक्टरों की रेस ने उजाड़ दी खुशियां, जहां बजनी थीं शहनाइयां, वहां पसरा मातम।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बरेली-मथुरा हाईवे पर कथित तौर पर रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों ने एक परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया। शादी की तैयारियों के बीच भात की रस्म के लिए निकला परिवार हादसे का शिकार हो गया, जिसमें दूल्हे की मां समेत छह महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए।
यह हादसा उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाईवे पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो ट्रैक्टर कथित तौर पर तेज गति से एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में थे। इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत राहत कार्य में जुट गए।
मृतकों में राजकुमारी (50), उनकी बेटी नारायणी (30), जेठानी रेवती (80), बहू गंगाश्री (30), सरला (32) और गांव की प्रेमावती (32) शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, मुरावन नगला गांव निवासी डालचंद्र के सबसे छोटे बेटे कुंवर पाल की 29 जून को शादी निर्धारित थी। परिवार में शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। इसी सिलसिले में महिलाएं शगुन और भात की रस्म के लिए राजकुमारी के मायके गठौना गांव जा रही थीं। ई-रिक्शा में कुल आठ लोग सवार थे।
बताया जा रहा है कि हाईवे पर निर्माण कार्य के कारण केवल एक लेन चालू थी। इसी दौरान कथित रूप से रेस लगा रहे दो ट्रैक्टरों में से एक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गए, हालांकि बाद में प्रशासन ने दोनों चालकों को ट्रैक्टर सहित हिरासत में ले लिया।

परिजनों के अनुसार, घर में शादी का माहौल था और महिलाएं खुशी-खुशी भात की रस्म के लिए निकली थीं। लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। अब जिस घर में शहनाइयां बजनी थीं, वहां गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।

जिलाधिकारी अवनीश राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
डीआईज़ी बरेली अजय साहनी ने भी बदायूं पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया।

प्रभारी मंत्री अरुण सक्सेना ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी तथा घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है।

उधर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी इस भीषण हादसे से हुई जनहानि पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।
साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं।

भ्रष्ट अफसरों पर सीएम योगी का हंटर, बड़े एक्शन के संकेत।

बोले- सुधर जाओ, वरना एक ही दिन में 150 अधिकारियों-कर्मचारियों को करूंगा निलंबित।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने सख्त तेवर दिखाए हैं। मंगलवार देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। यदि विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई नहीं करेंगे तो सरकार सीधे कठोर कदम उठाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जरूरत पड़ी तो एक ही दिन में 150 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करूंगा।”
योगी ने जनता दर्शन, सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की खराब स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई।
बैठक में गाजीपुर के एक गुमटी संचालक के 1.20 लाख रुपये के बिजली बिल और उसके बाद हुई दुखद घटना का भी जिक्र हुआ। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी इस तरह की गलती करने की हिम्मत न कर सके।
जहां मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था — भ्रष्टाचार पर अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा कल्कि धाम, 39.5 किमी फोर लेन सड़क का खाका तैयार।

धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा संभल, आस्था और विकास का केंद्र बनेगा कल्कि धाम।

303 करोड़ के परिक्रमा मार्ग के बाद संभल को सरकार की एक और बड़ी सौगात।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहे संभल के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बहुचर्चित कल्कि धाम को अब सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 39.5 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसका नक्शा (डीपीआर) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने तैयार कर लिया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग ने सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित सड़क गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से शुरू होकर वंश गोपाल धाम होते हुए सीधे कल्कि धाम तक पहुंचेगी। सड़क बनने के बाद देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कल्कि धाम पहुंचने के लिए लंबी और संकरी सड़कों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यात्रा का समय कम होगा और सफर अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनेगा। कल्कि धाम को भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि से जोड़कर देखा जाता है और यहां तेजी से विकसित हो रहे धार्मिक परिसर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद कल्कि धाम राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया अध्याय साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जिला प्रशासन के स्तर पर परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फोर लेन सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के चिन्हांकन और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य को जल्द गति दी जा सके।

गौरतलब है कि संभल के प्रसिद्ध 24 कोसीय तीर्थ परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए पहले ही 303 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। अब कल्कि धाम को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार संभल को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार निवेश और योजनाएं लागू कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद कल्कि धाम की पहुंच देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद आसान हो जाएगी। इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय बाजारों में भी नई आर्थिक ऊर्जा का संचार होगा। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में कल्कि धाम उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है, जबकि संभल जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।

प्रवाह के लिए ‘डॉ. गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट…

अब नहीं लगाने पड़ेंगे SSP कार्यालय के चक्कर, थाने से ही होगी ऑनलाइन सुनवाई।

फरियादियों को बड़ी राहत, शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने के लिए बदायूं पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल की शुरुआत की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने फरियादियों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित जनसुनवाई व्यवस्था लागू की है। विश्व प्रवाह को मिली विशेष जानकारी के अनुसार, 11 जून से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक जिले के सभी थानों को एसएसपी कार्यालय से जोड़ा जाएगा। इस दौरान शिकायतकर्ता अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर थाना प्रभारी की मौजूदगी में सीधे एसएसपी के समक्ष अपनी शिकायत और समस्याएं रख सकेंगे।

इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि जनसुनवाई के दौरान जिले के सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी भी ऑनलाइन जुड़े रहेंगे, जिससे शिकायतों पर तत्काल चर्चा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। इससे मामलों के निस्तारण में तेजी आने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं होगी। जनसुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाएं, प्रार्थना पत्रों और जनशिकायतों की प्रगति की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा उनकी कार्यप्रणाली की सतत निगरानी की जाएगी।
पुलिस विभाग की यह डिजिटल पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। अब फरियादियों को अपनी बात जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी तक पहुंचाने के लिए मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उनका स्थानीय थाना ही “डिजिटल एसएसपी कार्यालय” की भूमिका निभाएगा।
एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर अपने संबंधित थाने पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं, ताकि समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

प्रवाह के लिए बदायूँ से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

नंबर वन बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा संभल : ब्रजेश पाठक।

◆ कहा- तुष्टीकरण की राजनीति से दबा था संभल, मोदी-योगी के नेतृत्व में जनपद को मिली नई पहचान।

◆ बोले- जल्द दुरूस्त हो जिला अस्पताल में दवा वितरण व्यवस्था।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि संभल तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और वह दिन दूर नहीं जब जनपद प्रदेश के नंबर वन जिलों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि वर्षों तक तुष्टीकरण की राजनीति के कारण संभल विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अब संभल को नई पहचान मिल रही है। सोमवार को भाजपा कार्यालय पहुंचे डिप्टी सीएम का कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम के गायन से हुई। इस दौरान ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार के प्राथमिक एजेंडे में संभल शामिल है। सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति ने संभल को दबाकर रखा, लेकिन अब जनपद विकास के पथ पर तेजी से दौड़ रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं को ईमानदारी से जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचना चाहिए। भीषण गर्मी और नौतपा को देखते हुए उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील भी की।

इससे पहले डिप्टी सीएम ने असमोली में ग्राम पंचायत सचिवालय और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। जिला अस्पताल पहुंचकर उन्होंने इमरजेंसी वार्ड समेत विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ब्रजेश पाठक ने अस्पताल में लगे अग्निशमन यंत्रों की गुणवत्ता और उनकी एक्सपायरी तिथि की जांच की। दवा वितरण कक्ष में दवाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए एक से अधिक दवा वितरण काउंटर संचालित किए जाएं, ताकि लंबी कतारों और अव्यवस्था से राहत मिल सके।

डिप्टी सीएम के संभल पहुंचते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। स्वागत और फोटो खिंचवाने की होड़ में कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सुरक्षा कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद व्यवस्था संभाली। भाजपा कार्यालय से लेकर जिला अस्पताल, सिंदूर वाटिका, यम तीर्थ और तहसील सभागार तक यही हालात देखने को मिले।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश सिंघल, परमेश्वर लाल सैनी, पूर्व मंत्री अजीत कुमार राजू, आदित्यवीर रस्तोगी, हर्षित रस्तोगी, रिपिल चौधरी, सुशील शर्मा, रोहित पवार, मनोज पाल, देवचंद सैनी, मुकुल रस्तोगी समेत कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक का संचालन जिला महामंत्री हरिओम शर्मा ने किया।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का सम्भल दौरा आज, प्रशासनिक अमले में हलचल।

◆ विकास और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के साथ यमघट तीर्थ का भी करेंगे स्थलीय निरीक्षण।

◆ डिप्टी सीएम के आने की खबर से सक्रिय हुआ स्वास्थ्य विभाग, आखिरकर 53 दिन बाद शुरू हुई अल्ट्रासाउंड सेवा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का सोमवार को सम्भल दौरा प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। उनके आगमन की सूचना मिलते ही पूरे जनपद में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। जिला प्रशासन से लेकर स्वास्थ्य विभाग और भाजपा संगठन तक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे दिखाई दे रहे हैं।
डिप्टी सीएम के दौरे का सबसे बड़ा असर जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां पिछले 53 दिनों से बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड सेवा आखिरकार दोबारा शुरू कर दी गई। शनिवार को छह मरीजों के अल्ट्रासाउंड किए गए। बताया जा रहा है कि रेडियोलॉजिस्ट के मेडिकल लीव पर चले जाने के कारण डेढ़ माह से अधिक समय से मरीजों को इस सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा था। दूर-दराज से आने वाले मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा था, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा था।
डिप्टी सीएम के प्रस्तावित निरीक्षण को देखते हुए अस्पताल प्रशासन में अचानक सक्रियता बढ़ गई है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पुताई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से कराया गया। शनिवार को डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ड्रेस कोड में नजर आए, जबकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए।

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, उपमुख्यमंत्री सोमवार दोपहर करीब 12 बजे अमरोहा से सम्भल पहुंचेंगे। सबसे पहले वह विकासखंड असमोली स्थित ग्राम पंचायत सचिवालय का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके बाद सम्भल स्थित भाजपा जिला कार्यालय, एकता विहार कॉलोनी में जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।
दौरे के दौरान वह जिला अस्पताल पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेंगे। इसके अलावा यमघट तीर्थ निर्माण कार्य और बहजोई रोड स्थित सिंदूर वाटिका का निरीक्षण भी उनके कार्यक्रम में शामिल है। प्रशासन ने इन स्थलों पर तैयारियां तेज कर दी हैं।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री पीडब्लूडीजीटीएस हाउस पहुंचेंगे और तहसील सम्भल में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। बैठक में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को सभी विभागीय प्रगति रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शाम करीब 4:20 बजे उपमुख्यमंत्री सम्भल से मुरादाबाद एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। उनके दौरे को लेकर जिले में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि दौरे के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
डिप्टी सीएम के इस दौरे को लेकर जिले में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हैं। भाजपा संगठन इसे सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा के साथ जनता तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने के रूप में देख रहा है, तो वहीं प्रशासनिक अमला हर स्तर पर व्यवस्थाओं को चाकचौबंद बनाने में जुटा हुआ है।

संभल के एक्स-रे सेंटर का कारनामा, एक रिपोर्ट में फ्रैक्चर तो दूसरी में सब सामान्य।

◆ एक ही जांच, दो नतीजे: गवां स्थित उर्मिला मैमोरियल एक्स-रे सेंटर पर उठे सवाल।

शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल, लैब रिपोर्ट में ‘मिस्टर’ को लिखा मस्त!

एक समय में दो रिपोर्ट और दो दावे, मरीज पूछे—आखिर सच क्या है?

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जिले के गवां कस्बे में स्थित उर्मिला मैमोरियल डिजिटल एक्स-रे सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक ही मरीज की एक ही समय में की गई जांच की दो अलग-अलग रिपोर्ट जारी कर दी गईं। हैरानी की बात यह रही कि एक रिपोर्ट में फ्रैक्चर बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य दर्शाया गया।
इतना ही नहीं दोबारा की गई ओपिनियन सेक्शन में जिस रिपोर्ट में फैक्चर दर्शाया गया उसी रिपोर्ट में ऊपर कोई फैक्चर न होने का भी उल्लेख किया गया। कुल मिलाकर दोनों रिपोर्ट ही अलग-अलग नहीं बल्कि दोबारा कराई गई दूसरी रिपोर्ट में भी दो अलग-अलग बातें मिली।
मामला सामने आने के बाद मरीज और उसके परिजन असमंजस में पड़ गए। परिजनों का कहना है कि आखिर सही रिपोर्ट कौन-सी मानी जाए और इलाज किस आधार पर कराया जाए। दो विरोधाभासी रिपोर्टों ने मरीज की चिंता बढ़ा दी है।
आपको बता दें कि मंगलवार को गवां स्थित उर्मिला मैमोरियल डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर सिंघौली निवासी श्यामसुंदर अपने
3 वर्षीय बेटे केशव का पैर में दर्द होने के बाद फैक्चर की जानकारी करने हेतु एक्सरे सेंटर पहुंचे, जहां सेन्टर संचालक जगदीश राणा ने बच्चे का एक्सरे किया और बताया कि पैर में कोई फैक्चर नहीं है, साथ ही फैक्चर न होने की पुष्टि करते हुए एक रिपोर्ट भी दी, इसके उपरांत बच्चे के पिता श्याम सुंदर ने बच्चों के पैर में दर्द का हवाला देते हुए अपनी बात रखी तो सेंटर संचालक ने उसी स्थान का दूसरा एक्सरे करने की बात कहते हुए दोनों एक्स-रे की फीस जमा करने के बाद दूसरा एक्स-रे भी कर दिया। तदोपरांत दूसरी रिपोर्ट में भी एक जगह फेक्चर तो वहीं दूसरी जगह फैक्चर न होने की बात से अभिभावक श्याम सुंदर ने केंद्र संचालक से जब यह बात कही तो एमबीबीएस डीएनबी का फर्जी बोर्ड लगाकर मरीजों को बेवकूफ बना रहा सेंट्रल संचालक भड़कने लगा। कुल मिलाकर फैक्चर है या नहीं इस बात की पुष्टि मरीज को दो रिपोर्ट के ₹600 भुगतान के बाद भी नहीं हो सकी। तभी मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई जहां लोगों ने आरोप लगाया कि उक्त सेंटर संचालक आए दिन इसी तरह की फर्जी जांच कर क्षेत्र में लोगों को बेवकूफ बना रहा है। इतना ही नहीं यह अल्प शिक्षित है और रिपोर्ट में लिखी जाने वाले मिस्टर को भी मस्त लिख, मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्टों में इस  तरह का अंतर सामने आएगा तो मरीजों का भरोसा स्वास्थ्य सेवाओं से उठ जाएगा। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि परिजनों ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने की बात कही है। लोगों ने जांच कर उचित कार्रवाई की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा किसी मरीज के जीवन से खिलवाड़ ना हो सके।
इस संबंध में गुन्नौर के नोडल अधिकारी डॉ. विरास यादव ने बताया कि कि उपरोक्त का एक्स-रे सेंटर पहले ही सील कर अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है। संज्ञान में आया है कि कार्रवाई के बावजूद भी सेंटर संचालक स्थान बदलकर पुनः सेंटर संचालित कर रहा है जिस पर जल्द सख्त कार्रवाई की जायेगी।

योगी बोले- सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे, प्यार से नहीं माने तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।

कहासंख्या ज्यादा है तो फिर कंट्रोल क्यों नहीं करते?

बोले- बरेली में हाथ आजमाने वालों ने ताकत भी देख ली।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ने सख्त संदेश दिया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नमाज तय स्थानों पर ही पढ़ी जाए और अगर संख्या अधिक हो तो लोग शिफ्ट में नमाज अदा करें।
सीएम योगी ने कहा, “हम नमाज का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सड़क पर अराजकता और यातायात बाधित करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं, धार्मिक भीड़ जुटाने के लिए नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज होती है? इस पर उनका जवाब होता है- “कतई नहीं।” योगी ने कहा कि किसी को भी ट्रैफिक बाधित करने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने का अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर लोग शांति और नियमों के तहत व्यवस्था मानेंगे तो ठीक है, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी ने आगे कहा, “उन लोगों ने मुझसे कहा कि साहब कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या कंट्रोल कर लो। सामर्थ्य नहीं है, तो क्यों बेकार में संख्या बढ़ाई जा रही है? सभी को सिस्टम से रहना होगा। सभी को कानून का राज मानना होगा।”
साथ ही सीएम योगी ने बरेली में हुए बवाल का भी जिक्र करते हुए कहा- बरेली में भी लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली। कानून सभी के लिए बराबर है। किसी को भी सड़क जाम करने या अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।
दरअसल, यूपी में सितंबर 2025 में आई लव मोहम्मद को लेकर विवाद हुआ था। बरेली में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा ने नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस ने रोका तो पथराव हो गया था। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ की नवाज पर दिए गए कुछ बयान इस प्रकार हैं…

योगी ने कहा- यूपी में पहले महिलाएं दिन में भी बाहर निकलने से डरती थीं। अब वे नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। सुरक्षित घर लौट रही हैं। अब कोई बेटी से छेड़खानी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा- यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। पिछले 6 साल से यूपी लगातार रेवेन्यू सरप्लस में है।
अब प्रदेश को किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। यूपी के पास कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं की ताकत जैसी अपार संभावनाएं हैं। सरकार सभी 75 जिलों के संतुलित विकास पर काम कर रही है।
सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सड़कों पर नमाज का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दीदी सड़कों पर नमाज पढ़वाती हैं और हिंदू त्योहारों पर पाबंदी लगाती हैं। यूपी में कोई सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ सकता। सड़कें यातायात के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।अवगत रहे कि योगी सरकार ने 2022-23 में सड़कों पर नमाज पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। आदेश दिया कि ईद, अलविदा जुमा या किसी भी अन्य दिन सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। धार्मिक कार्यक्रम केवल ईदगाह, मस्जिदों या निर्धारित धार्मिक स्थलों के अंदर ही होने चाहिए।
पढ़िए! योगी के बयान बाद अब तक प्रदेश में किसने क्या कहा…

बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज, उठाई पिता की अर्थी, हर आंख हुई नम।

◆ बेटियों के साहस ने बदली परंपरा, अंतिम यात्रा में हौसला देख भावुक हुआ गांव।

प्रवाह ब्यूरो
पटना। बिहार के हाजीपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने समाज की पुरानी सोच को झकझोर दिया है। जहां अक्सर माना जाता है कि पिता की अर्थी को बेटा ही कंधा देता है, वहीं वैशाली के नया टोला गांव में पांच बेटियों ने इस परंपरा को बदलते हुए इंसानियत, जिम्मेदारी और रिश्तों की नई मिसाल पेश की।
वैशाली थाना क्षेत्र के नया टोला गांव में पिता के निधन के बाद घर में मातम पसरा था। रिश्तेदार और गांव वाले अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच परिवार की पांचों बेटियां आगे आईं और पिता की अर्थी को खुद कंधा देने का फैसला किया।
गांव की गलियों से जब बेटियां अपने पिता की अर्थी को कंधा देकर श्मशान घाट की ओर बढ़ीं, तो यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन बेटियों के हौसले और अपने पिता के प्रति प्रेम ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इतना ही नहीं, बेटियों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार की सभी रस्में भी निभाईं। समाज में बेटा-बेटी के फर्क को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि जिम्मेदारियां निभाने के लिए सिर्फ बेटा होना जरूरी नहीं, बल्कि दिल में अपने माता-पिता के लिए सम्मान और प्रेम होना चाहिए।
गांव के लोगों का कहना है कि बेटियों ने जो किया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और बदलती सोच की मिसाल है।हाजीपुर की ये पांच बेटियां आज उन तमाम लोगों के लिए जवाब बन गई हैं, जो अब भी बेटा और बेटी में फर्क करते हैं। क्योंकि रिश्तों का असली मूल्य परंपराओं से नहीं, बल्कि निभाए गए फर्ज से तय होता है।

तुम्हारे हिस्से के मच्छर मुझे काटते हैं…बस मच्छरदानी हटा दो।

◆ एएमयू हॉस्टल में मच्छरदानी बनी विवाद की वजह, कश्मीरी छात्र से मारपीट।

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एसएस नॉर्थ हॉल में इन दिनों मच्छरों ने ऐसा संकट खड़ा कर दिया कि मामला सीधे मारपीट और प्रॉक्टर ऑफिस तक पहुंच गया।
दरअसल, भीषण गर्मी और बढ़ते मच्छरों से परेशान एक कश्मीरी छात्र अपने बचाव के लिए कमरे में मच्छरदानी लगाकर सोता था। लेकिन उसके रूममेट और अन्य छात्रों को यह तरीका रास नहीं आया। आरोप है कि गाजीपुर के एक छात्र ने विरोध जताते हुए कहा- “जब तुम मच्छरदानी लगाते हो, तो तुम्हारे हिस्से के मच्छर हमें काटते हैं।”
इसी बात को लेकर पहले कमरे में बहस हुई, फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पीड़ित कश्मीरी छात्र ने साथी छात्र पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद विवाद प्रॉक्टर ऑफिस तक जा पहुंचा।
सूचना मिलते ही कश्मीरी छात्रों का एक समूह प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई कि मामूली सी बात पर छात्र के साथ मारपीट की गई। वहीं थोड़ी देर बाद गाजीपुर के छात्रों का समूह भी अपना पक्ष रखने पहुंच गया।
दिलचस्प बात यह रही कि दूसरे पक्ष का तर्क भी कम चौंकाने वाला नहीं था। छात्रों का कहना था कि जैसे ही कश्मीरी छात्र मच्छरदानी लगाता है, कमरे के बाकी मच्छर बाहर सो रहे छात्रों को परेशान करने लगते हैं, जिससे उनकी रात की नींद खराब हो जाती है।
फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। लेकिन हॉस्टल में मच्छरों से शुरू हुआ यह विवाद अब कैंपस में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।