
◆ कहा– संख्या ज्यादा है तो फिर कंट्रोल क्यों नहीं करते?
◆ बोले- बरेली में हाथ आजमाने वालों ने ताकत भी देख ली।
प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ने सख्त संदेश दिया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नमाज तय स्थानों पर ही पढ़ी जाए और अगर संख्या अधिक हो तो लोग शिफ्ट में नमाज अदा करें।
सीएम योगी ने कहा, “हम नमाज का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सड़क पर अराजकता और यातायात बाधित करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं, धार्मिक भीड़ जुटाने के लिए नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज होती है? इस पर उनका जवाब होता है- “कतई नहीं।” योगी ने कहा कि किसी को भी ट्रैफिक बाधित करने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने का अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर लोग शांति और नियमों के तहत व्यवस्था मानेंगे तो ठीक है, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी ने आगे कहा, “उन लोगों ने मुझसे कहा कि साहब कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या कंट्रोल कर लो। सामर्थ्य नहीं है, तो क्यों बेकार में संख्या बढ़ाई जा रही है? सभी को सिस्टम से रहना होगा। सभी को कानून का राज मानना होगा।”
साथ ही सीएम योगी ने बरेली में हुए बवाल का भी जिक्र करते हुए कहा- बरेली में भी लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली। कानून सभी के लिए बराबर है। किसी को भी सड़क जाम करने या अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।
दरअसल, यूपी में सितंबर 2025 में आई लव मोहम्मद को लेकर विवाद हुआ था। बरेली में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा ने नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस ने रोका तो पथराव हो गया था। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
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योगी ने कहा- यूपी में पहले महिलाएं दिन में भी बाहर निकलने से डरती थीं। अब वे नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। सुरक्षित घर लौट रही हैं। अब कोई बेटी से छेड़खानी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा- यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। पिछले 6 साल से यूपी लगातार रेवेन्यू सरप्लस में है।
अब प्रदेश को किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। यूपी के पास कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं की ताकत जैसी अपार संभावनाएं हैं। सरकार सभी 75 जिलों के संतुलित विकास पर काम कर रही है।
सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सड़कों पर नमाज का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दीदी सड़कों पर नमाज पढ़वाती हैं और हिंदू त्योहारों पर पाबंदी लगाती हैं। यूपी में कोई सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ सकता। सड़कें यातायात के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।अवगत रहे कि योगी सरकार ने 2022-23 में सड़कों पर नमाज पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। आदेश दिया कि ईद, अलविदा जुमा या किसी भी अन्य दिन सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। धार्मिक कार्यक्रम केवल ईदगाह, मस्जिदों या निर्धारित धार्मिक स्थलों के अंदर ही होने चाहिए।
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