नई नवेली दुल्हन निकली शातिर, शादी के 10 दिन बाद घर साफ।

सात फेरों के बाद साजिश! परिवार को स्प्रे द्वारा बेसुध कर फरार हुई दुल्हन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में “लुटेरी दुल्हन” का बड़ा खेल सामने आया है। बहजोई कोतवाली क्षेत्र में शादी के सिर्फ 10 दिन बाद नवविवाहिता घर से नकदी और लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित परिवार ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए युवती और उसके परिजनों पर शादी के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है।
मामला बहजोई थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर खुर्द का है, जहां प्रिया शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके जेठ अवनीश शर्मा के लिए रिश्ते की तलाश चल रही थी। इसी दौरान मामा सुबोध के जरिए जिला बस्ती के थाना बनकटी क्षेत्र के गांव पिंकारपुर निवासी बाबूलाल ने अपनी भतीजी सुंदरी का रिश्ता कराया।
बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को संतकबीरनगर जनपद के धनघटा क्षेत्र स्थित एक मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। शादी में युवती के परिजन भी मौजूद रहे और पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ। परिवार को क्या पता था कि जिस बहू को वे घर ला रहे हैं, वही कुछ दिनों बाद पूरे परिवार को सदमे में छोड़ जाएगी।
पीड़ित परिवार के मुताबिक शादी के बाद से ही नवविवाहिता का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह घंटों मोबाइल फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति से बातचीत करती रहती थी। जब भी परिवार वाले पूछते, वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देती थी।
आरोप है कि 11 मई की तड़के करीब चार बजे नवविवाहिता ने अपने पति समेत घर के अन्य सदस्यों पर बेहोशी वाला स्प्रे कर दिया। परिवार के लोग बेसुध हो गए और इसी मौके का फायदा उठाकर वह घर में रखी करीब 50 हजार रुपये की नकदी, सोने का मंगलसूत्र, कंठी, झाले, चांदी की पायल समेत लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई।
सुबह जब परिवार को होश आया तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और नवविवाहिता गायब थी। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ित पक्ष ने बहजोई कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक का कहना है कि मामले में तहरीर मिली है। शुरुआती जांच की जा रही है। जांच में यदि मामला लुटेरी दुल्हन गिरोह से जुड़ा पाया जाता है तो मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय में धार्मिक उन्माद फैलाने पर प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षक निलंबित।

शिक्षकों द्वारा विद्यालय में की जा रही थीं धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित अवांछित गतिविधियां।

संभल के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय का मामला।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के पीएम श्री विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक तथा एक अन्य सहायक अध्यापक द्वारा बच्चों के बीच धार्मिक उन्माद फैलाने तथा अवांछित गतिविधियों को अंजाम देकर मजा भी शिक्षा को बढ़ावा देने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में जांच के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है तथा साथ ही उसके पश्चात अपने कार्यों का निर्वाहन नहीं करने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को ही निलंबित किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में की गई जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक के विरुद्ध नखासा थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जनपद के संभल विकासखंड क्षेत्र के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय में स्कूली बच्चों के बीच प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, तथा सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज के द्वारा विद्यालय परिसर में धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित अवांछित गतिविधियों की जा रही थीं।
इसके कुछ वीडियो तथा फोटो के माध्यम से शिक्षा विभाग द्वारा मामला संज्ञान में आने के बाद विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।
जहां बच्चों से भी जानकारी की गई तथा संज्ञान के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई टीम के द्वारा देखा गया कि उपरोक्त प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक द्वारा विद्यालय में अवांछित गतिविधि की जा रही है, और मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय में धार्मिक उन्माद पैदा कर धर्म एवं भाषा के आधार पर विच्छेद करने तथा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, अन्य धर्म के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने और विद्यालय वातावरण तथा बच्चों के आत्माबोध पर कुठाराघात करने के दोषी पाए गए।
निलंबित के बाद विद्यालय में बलेश कुमार को प्रभारी प्रधानाध्यापक बना दिया गया था लेकिन उनके द्वारा भी चिकित्सा अवकाश ले लिया गया और अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया और न ही धार्मिक उन्माद जैसे कृत्यों को रोकने का प्रयास किया गया।
जिसके चलते बलेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया।
धार्मिक अनुवाद फैलाने वाले प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद तथा सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित त्रि सदस्यीय समिति की जांच के बाद उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
जांच उपरांत संभल खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मोहम्मद अंजार अहमद तथा मुगल एजाज के खिलाफ नखासा थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

संभल में निजी स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 स्कूलों को फीस लौटाने का आदेश।

◆ फीस रिफंड आदेश के बाद अभिभावकों में खुशी, प्रशासन का जताया आभार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 निजी स्कूलों को अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
जिले के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और मनमानी वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि 14 सीबीएसई और एक आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध कुल 15 विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में शासन द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक कम्पोजिट शुल्क वसूला।

तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में 30 अप्रैल 2026 को आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में पूरे मामले की गहन समीक्षा की गई। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। स्कूल प्रबंधन द्वारा लिखित प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन 2 मई 2026 को सुनवाई के बाद सभी प्रत्यावेदन खारिज कर दिए गए। इसके बाद प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छात्रों से अधिक वसूली गई फीस वापस की जाए।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2026-27 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की आगामी फीस में अतिरिक्त वसूली गई राशि का समायोजन किया जाएगा। वहीं, जो छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त धनराशि सीधे वापस करनी होगी।
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं संशोधन अधिनियम 2020 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर आर्थिक बोझ डाल रहे थे, लेकिन अब प्रशासन की पहल से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।

राम कथा के रस में सराबोर हुआ संभल, भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु।

◆ महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने बताया- अयोध्या, मथुरा और संभल का आध्यात्मिक महत्व।

◆ बोले- आज संभल भयमुक्त, हर जुबान पर गूंज रहा राम-राम।

◆ 4 से 8 अप्रैल तक संभल के बहजोई में बडे मैदान पर आयोजित हो रही है श्रीमद् राम कथा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद की पावन धरा इन दिनों भक्ति और आस्था के रंग में रंगी हुई है। बहजोई के बड़े मैदान पर आयोजित श्रीमद् राम कथा में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। जहां श्री राम कथा के तीसरे दिन निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने मर्यादा और भक्ति का संदेश दिया। जहां कथा के दौरान पूरा वातावरण राममय हो गया है और श्रद्धालु राम कथा के रस में सराबोर नजर आ रहे हैं। महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपने प्रवचनों में अयोध्या, मथुरा और संभल की धार्मिक महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि आज संभल भयमुक्त है और यहां रहने वाला हर व्यक्ति “राम-राम” कहता है। उनके विचारों ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और विश्वास की नई ऊर्जा भर दी।
उन्होंने कहा कि संभल की रक्षा स्वयं देवाधिदेव भगवान संभलेश्वर महादेव करते हैं, जिससे यह भूमि विशेष रूप से पवित्र और सुरक्षित है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भगवान का भोजन अहंकार है, इसलिए साधु-संत सदैव विनम्र और झुके हुए रहते हैं।
सोमवार को जनपद संभल के जिला कलैक्ट्रेट के बड़ा मैदान में कैलाशानंद गिरि महाराज ने श्रद्धालुओं की उत्सुकता पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि जब 5 दिन की कथा में इतनी अधिक श्रद्धा और भीड़ देखने को मिल रही है, तो 9 दिन की कथा में भक्तों का उत्साह और भी बढ़ेगा।

जहां उन्होनें यज्ञ, गुरु, परंपरा तथा मन की शांति पर विशेष प्रवचन दिए। महामंडलेश्वर ने अपने प्रवचनों में भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम ने अयोध्या को, भगवान कृष्ण ने मथुरा को और भगवान शिव ने संभल को चुना, जहां भविष्य में भगवान कल्कि का अवतार होगा।
4 अप्रैल से 8 अप्रैल तक चलने वाली इस पांच दिवसीय श्रीमद् राम कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और भक्ति का आनंद ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

उन्होंने अयोध्या, मथुरा और संभल की महिमा का वर्णन किया, साथ ही यज्ञ, गुरु, परंपरा तथा मन की शांति पर विशेष प्रवचन दिए।
आगे बोलते हुए महामंडलेश्वर गिरी ने कहा उत्तर प्रदेश सहित भारत क जिन सभा राज्यों में, जहां सनातनी परंपराओं और भारतीय संस्कृति के संरक्षकों की सरकारें हैं, वहाँ के हर अधिकारी को वर्ष में कम से कम एक कथा आयोजित करने का निर्देश मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके शिष्य डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने इस पहल की शुरुआत की है, और यह संदेश पूरे देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी फैल गया है।

संभल पर बोलते हुए महामंडलेश्वर ने कहा, ‘आज संभल भयमुक्त है। अब किसी को सुबह 5 बजे उठने या 6 बजे यहाँ से जाने की ज़रूरत नहीं है। अब आप रात को अकेले 1 बजे भी यहाँ से निकल सकते हैं। यदि कोई कुछ कहे तो जिलाधिकारी को बता देना। अब या तो वह संभल में रहेगा तो राम-राम कहेगा, और यदि संभल में नहीं रहेगा तो वह अपनी मर्जी से नाम का जप करेगा।’ वैसे भी राम राज्य वह है जहाँ हर राज्य, देश और घर में राम की चर्चा हो।
प्रत्येक व्यक्ति के मानस पटल पर राम का नाम हो, मुख में राम नाम हो, कानों में राम नाम की गूँज पड़े, हाथों में राम नाम की माला हो और जुबान पर ‘जय सियाराम’ हो। उन्होंने सभी से अपने तन, मन और वाणी को पवित्र करने का आह्वान किया। जहां श्रीमद् राम कथा में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
जहां प्रदेश भर से सैकड़ों जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल छाया रहा, जहां हर ओर राम नाम की गूंज सुनाई दी।

बदायूं की नई एसएसपी बनीं अंकिता शर्मा, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संभाली जिम्मेदारी।

◆ चार्ज संभालते ही एक्शन में दिखीं लेडी सिंघम, शहर का किया भ्रमण।

◆ तेजतर्रार अंदाज वाली 2018 बैच की आईपीएस हैं लेडी सिंघम अंकिता शर्मा।

◆ चार्ज संभालते ही दिए नवीन पुलिस चौकी निर्माण के आदेश।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूँ। यूपी में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। इस फेरबदल के तहत 2018 बैच की तेज तर्रार आईपीएस अंकिता शर्मा को बदायूं का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। शनिवार को बदायूँ की कमान संभालते ही नवागंतुक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने अपने सख्त और स्पष्ट तेवर दिखा दिए। अधिकारियों के साथ पहली बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस का काम पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, आमजन के प्रति संवेदनशीलता बनी रहनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने संकेत दिया कि जनपद में कानून व्यवस्था को और मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी, ताकि आम जनता को सुरक्षा का भरोसा मिल सके और अपराधियों में पुलिस का खौफ कायम रहे।
इससे पहले पुलिस लाइन में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया, जहां पुलिस लाइन्स में दी गई सलामी से उनका सम्मान और बढ़ गया।

बता दें कि शुक्रवार को प्रदेश की योगी सरकार ने लेडी सिंघम के नाम से मशहूर अंकिता शर्मा को बदायूं जिले का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया है। इससे पहले वह कासगंज जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर कार्यरत थीं। पदोन्नति के बाद उन्हें अब एसएसपी के रूप में बदायूं जिले की कमान सौंपी गई है। उन्हें बदायूं में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी दी गई है।

बदायूं में एचपीसीएल प्‍लांट में घुसकर दो बड़े अफसरों की हत्‍या के बाद यूपी सरकार ने ये बड़ा एक्‍शन लिया है। जिनमें प्लांट के मुख्य प्रबंधक सुधीर गुप्ता एवं उप प्रबंधक हर्षित मिश्रा की गुरुवार को गोली मार कर हत्या कर दी गई थी, इस घटना से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. बृजेश कुमार सिंह को हटाकर उनकी जगह कासंगज एसपी अंकिता शर्मा को बदायूं का नया पुलिस कप्‍तान बनाया गया है।
इसी क्रम आज चार्ज संभालते ही डीएम अवनीश राय एवं नवागत एसएसपी अंकिता शर्मा मूसाझाग थाना क्षेत्र गांव सैंजनी स्थित एचपीसीएल के प्लांट में पहुंचे, घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली, इसके बाद नवीन पुलिस चौकी की स्थापना के आदेश दिये गये, साथ ही बताया कि इस चौकी पर दो उप-निरीक्षक तथा आठ आरक्षियों की नियुक्ति की जायेगी। उन्होंने आते ही व्यवस्था को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है।

अंकिता शर्मा 2018 बैच की आईपीएस अफसर हैं और बेहद तेजतर्रार मानी जाती हैं। शुक्रवार को कासगंज से बदायूं स्थानांतरण होते ही शनिवार को एसएसपी अंकिता शर्मा ने पुलिस लाइंस पहुंच कर सलामी ली। इसके बाद पदभार ग्रहण किया। जिले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए डीआईजी अजय साहनी भी यहां आए हुए थे। नवागत एसएसपी ने डीआईजी के साथ बैठक कर यहां के हालात को जाना। एचपीसीएल के सीबीजी प्लांट में हुए घटनाक्रम को बारीकी से समझा। फिलहाल वह डीआईजी के साथ ही शहर में निरीक्षण को निकल गई हैं।

लेडी सिंघम अंकिता शर्मा कासगंज में एसपी पद से पहले कानपुर कमिश्‍नरेट में पुलिस उपायुक्‍त भी रह चुकी हैं। राजस्थान के जयपुर में अशोक कुमार शर्मा के घर 23 जुलाई, 1992 को जन्मी अंकिता शर्मा ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है।
इससे पूर्व अंकिता शर्मा ने 22 दिसंबर 2024 को कासगंज में एसपी का पदभार संभाला था। कासगंज में रहते हुए उन्‍होंने कई बड़ी वारदातों का राजफाश किया। बीते दिनों अलविदा जुमा की नमाज के दौरान उन्‍होंने शहर के प्रमुख चौराहों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल के साथ सुरक्षा व्‍यवस्‍था का जायजा लिया। इस दौरान उन्‍होंने स्‍थानीय लोगों से बातचीत कर सुझाव भी लिए।

कासगंज में तैनाती से पूर्व अंकिता शर्मा कानपुर में डीसीपी दक्षिणी के पद पर पदस्थ थीं। उन्‍होंने अपने कार्यकाल में हत्‍या, लूट जैसी दर्जनों वारदातों का खुलासा किया। जहां आधा दर्जन से अधिक हाफ एनकाउंटर अंकिता शर्मा के ही नेतृत्‍व में हुए। उन्‍हें कानपुर में यातायात का अतिरिक्‍त प्रभार भी मिला। इस काम को भी उन्‍होंने बखूबी संभाला और शहर की यातायात व्‍यवस्‍था संभालते हेतु काफी काम किया।
इतना ही नहीं अंकिता शर्मा यूपी के व्यस्ततम शहरों में शुमार नोएडा में भी तैनात रह चुकी हैं। यहां तैनाती के दौरान उन्‍होंने मिशन शक्ति अभियान से जुड़े अनेकों काम किए। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में उनका रुख हमेशा सख्‍त रहा है यही वजह है कि उन्हें लेडी सिंघम के नाम से बखूबी जाना जाता रहा है।

मातृभूमि की शहादत में कुपवाड़ा में शहीद हुआ संभल का लाल।

◆ पेट्रोलिंग के दौरान खाई में गिरा वाहन, देश सेवा में गई जान।

गुन्नौर के गांव पुसवाली के रहने वाले थे शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात बीएसएफ के सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी शहीद हो गए। पेट्रोलिंग के दौरान उनका वाहन अचानक नियंत्रण खोकर गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जैसे ही यह दुखद खबर उनके पैतृक गांव और परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव पुसावली के मूल निवासी थे। उनके पिता मुकुट नाथ गोस्वामी और माता चंद्रावती हैं। परिवार में उनकी पत्नी सुदेश देवी थीं, जिनका कोरोना काल में कोविड-19 संक्रमण के कारण निधन हो गया था। पत्नी के निधन के बाद से ही ओमप्रकाश अपने बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए पूरी जिम्मेदारी निभा रहे थे और सेना में अपनी सेवा जारी रखे हुए थे।

शहीद ओमप्रकाश गोस्वामी के परिवार में एक बेटा ऋतिक और एक बेटी जिया है। उनका बेटा ऋतिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है और बीटेक का छात्र है, जबकि बेटी जिया प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई है। बहजोई कस्बे में बस अड्डे के पास उनका दूसरा मकान है, जहां उनके दोनों बच्चे अपने ननिहाल पक्ष के साथ रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। ओमप्रकाश अक्सर फोन पर बच्चों से बात कर उनका हौसला बढ़ाते थे और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते थे। बुधवार शाम करीब सात बजे शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी का पार्थिव शरीर दिल्ली से बीएसएफ के जवानों की मौजूदगी में उनके बहजोई स्थित आवास पर लाया गया। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार के सदस्य और ग्रामीण अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां भी पूरी कर ली गईं।
शहीद के भतीजे रवि ने बताया कि मंगलवार शाम बीएसएफ मुख्यालय से फोन आया था, जिसमें उनके चाचा ओमप्रकाश गोस्वामी के दुर्घटना में शहीद होने की जानकारी दी गई। यह खबर सुनते ही परिवार के लोग स्तब्ध रह गए। बाद में परिवार के सदस्य पार्थिव शरीर लेने के लिए दिल्ली रवाना हुए और वहां से उन्हें पूरे सम्मान के साथ बहजोई लाया गया।
शहीद सूबेदार ओमप्रकाश गोस्वामी को श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उनके आवास पहुंचे। उत्तर प्रदेश सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अब जनशिकायतों के निस्तारण पर तय होगी थाने-चौकियों में तैनाती।

◆ थानों और आउटपोस्ट में तैनाती को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण के सख्त निर्देश।

◆ जनशिकायतों के निस्तारण में कमी पर सख्ती, समीक्षा के बाद लिया गया ये फैसला।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब थानों और चौकियों में पुलिसकर्मियों की तैनाती का आधार जनशिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण होगा। इस संबंध में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि जिलों में की जा रही समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में कई स्थानों पर कमी पाई गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए निर्णय लिया गया है कि अब थानों और आउटपोस्ट में तैनात पुलिसकर्मियों के कार्य प्रदर्शन का आकलन भी जनशिकायतों के समाधान के आधार पर किया जाएगा।
दरअसल, पिछले कुछ समय से समीक्षा के क्रम में थाना और चौकियों के स्तर पर जनशिकायतों की सुनवाई में उदासीनता का मामले सामने आ रहे थे। अब ऐसे जिलों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण के स्तर पर हुई समीक्षा के क्रम में जिलास्तरीय अधिकारियों को साफ किया गया कि आम लोगों की समस्याओं को हर हाल में दूर किया जाना चाहिए। जनशिकायतों का प्रभावी निस्तारण होना चाहिए। इसी आधार पर पुलिस अधिकारियों की थाने और चौकियों में तैनाती मिलनी चाहिए।

जनशिकायतों के निस्तारण का मामला डीजीपी राजीव कृष्ण की अपराध समीक्षा बैठक में उठा। इस दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में पीछे रहे जिलों के पुलिस अधिकारियों को डीजीपी ने कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए थानों-चौकियों पर तैनाती के आधार के रूप में भी शामिल किया जाए। मतलब, थाना-चौकियों पर जनशिकायतों को निस्तारित करने में सफलता के आधार पर पुलिस अधिकारियों की रेटिंग तय होगी। इसी आधार पर उन्हें थाना-चौकियों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
डीजीपी ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपराध समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलों को जनशिकायतों में 40 फीसदी कमी लाने का लक्ष्य दिया था। समीक्षा में पाया गया कि संभल, फिरोजाबाद और इटावा में जनशिकायतों में करीब 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों की प्रशंसा की। प्रदेश के 15 जिलों में जनशिकायतों में 40 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई है। जबकि लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत 48 जिलों में जनशिकायतों में 30 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई। डीजीपी ने इन जिलों में जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन जिलों में जनशिकायतों की प्रभावी सुनवाई नहीं हो पाई है, वहां तत्काल स्थिति में सुधार का निर्देश दिया गया।
साथ ही डीजीपी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नियमित रूप से जनशिकायतों की समीक्षा करें और लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराएं, ताकि पुलिस व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हो सके।

यूपी के दो चर्चित IPS अफसर जल्द लेंगे सात फेरे।

◆ तीन साल पहले गोरखपुर में शुरू हुई कहानी, अब बाड़मेर में होगा विवाह।

◆ 29 मार्च को विवाह जबकि दिन 30 मार्च को जोधपुर में होगा ग्रैंड रिसेप्शन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं।संभल एसपी केके बिश्नोई और बरेली एसपी अंशिका वर्मा अब जल्द शादी करने जा रहे हैं। शादी के सभी कार्यक्रम राजस्थान में होंगे।
दोनों अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मेहनत, ईमानदारी और समर्पण के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह विवाह सिर्फ दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के जीवन का एक नया अध्याय भी है। युवा वर्ग के लिए भी यह जोड़ी प्रेरणादायक मानी जा रही है, क्योंकि दोनों ने कठिन प्रतियोगी परीक्षा को पार कर देश की प्रतिष्ठित सेवा में स्थान प्राप्त किया और अब अपने निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में संभल में एसपी के पद पर तैनात हैं। जबकि प्रयागराज के सिविल लाइन इलाके की रहने वाली अंशिका वर्मा 2021 बैच की IPS अधिकारी हैं और बरेली में एसपी के पद पर तैनात हैं।
प्राप्त कार्ड के अनुसार संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा की शादी आगामी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में संपन्न होगी।

इस खबर के सामने आने के बाद पुलिस विभाग और उनके परिचितों में खुशी का माहौल है। दोनों अधिकारी वर्तमान में उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण जिलों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। एक ओर जहां संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई कानून व्यवस्था संभाल रहे हैं, वहीं बरेली की एसपी अंशिका वर्मा अपने कार्यकुशल और सख्त प्रशासनिक रवैये के लिए जानी जाती हैं। अब दोनों अधिकारी अपने व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बीच निजी जीवन की एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। उनकी शादी 29 मार्च को राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित होगी। जिसके लिए आईपीएस कृष्ण बिश्नोई ने सपरिवार लखनऊ पहुंचकर प्रदेश के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रित किया है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को अपनी शादी का निमंत्रण पत्र सौंपते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही एसपी कृष्ण बिश्नोई ने मुख्यमंत्री को विवाह समारोह में शामिल होने का आग्रह किया।

एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं। राजस्थान की मिट्टी में पले-बढ़े कृष्ण बिश्नोई ने कड़ी मेहनत और लगन से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। वहीं एसपी अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्होंने भी अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया।

दोनों अधिकारी अपने-अपने जिलों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। संभल जिले में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता में विश्वास बढ़ाने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
दूसरी ओर बरेली की एसपी अंशिका वर्मा अत्यंत खूबसूरत होने के साथ-साथ अपनी सख्त कार्यशैली और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण चर्चा में रहती हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।

दोनों आईपीएस अधिकारियों की शादी की खबर सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी खुशी का माहौल है। सहकर्मी अधिकारी और कर्मचारी उन्हें बधाई दे रहे हैं और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं। पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के भी इस विवाह समारोह में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
कार्ड से मिली जानकारी के अनुसार 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी-संगीत सेरेमनी होगी। जहां 28 मार्च को शादी और 30 मार्च को जोधपुर के लारिया रिसोर्ट में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। दोनों की पहली मुलाकात 2021 में गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान हुई थी। बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी थे। यहीं पर अंशिका अंडर ट्रेनिंग IPS ऑफिसर थीं। यहीं से दोनों की लव स्टोरी शुरू हुई। अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं।

शादी समारोह राजस्थान के बाड़मेर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित किया जाएगा। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, मित्र और प्रशासनिक सेवा से जुड़े कई लोग इस खास मौके के गवाह बनेंगे। राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों के बीच होने वाला यह विवाह समारोह खास और यादगार होने की उम्मीद है। 29 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दोनों परिवारों के लिए बल्कि उनके मित्रों, सहकर्मियों और परिचितों के लिए भी खुशी का अवसर है। दोनों आईपीएस अधिकारी अब अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ वैवाहिक जीवन की नई जिम्मेदारियों की भी शुरुआत करने जा रहे हैं। जिसके चलते ही व्यक्तिगत माध्यम के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आदि से लोग उनके उज्जवल और सुखद भविष्य की कामना कर रहे हैं।

■ दैनिक प्रवाह के लिए हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…

यूपी बोर्ड परीक्षा आज से: 5 अहम बदलाव जो हर छात्र को जानने चाहिए।

◆ अब हर पन्ने पर लिखना होगा अनुक्रमांक और कॉपी नंबर, नकल पर कसेगा शिकंजा।

कॉपी में नाम, चिह्न या पहचान के अलावा रखे रूपये तो सील होगी कॉपी।

8 हजार परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तैयारी, 53 लाख से अधिक परीक्षार्थियों की इस बार ए4 साइज में लंबवत होगी उत्तर पुस्तिका।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। एशिया के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में गिने जाने वाले यूपी बोर्ड परीक्षा आज से शुरू हो रही हैं। जिसमें इस बार कई अहम बदलाव किए गए हैं। इस साल करीब 53 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए 75 जिलों में कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। नकल पर सख्ती और पारदर्शिता के लिए बोर्ड ने नई व्यवस्था लागू की है। नकलविहीन परीक्षा के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
इसमें से कई बदलावों से छात्रों का स्ट्रेस काफी हद तक कम भी होने वाला है। परीक्षाएं पूरे राज्य में पेन-एंड-पेपर मोड में होंगी। सुबह का सेशन सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक चलेगा, जबकि दोपहर का सेशन दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा। क्लास 10 और 12 दोनों के लिए पहली परीक्षा हिंदी की है।
इन नियमों के तहत महिला स्टाफ की तैनाती से लेकर जांच के दौरान जूते मोजे उतारने से लेकर कई सारे अहम निर्देश जारी किए गए हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जांच के दौरान छात्रों के साथ खराब व्यवहार के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिसके चलते ही परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी और ऑडियो रिकॉर्डिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बोर्ड ने बताया कि इस बार जांच के दौरान छात्रों को जूते और मोजे नहीं उतारने होंगे। बोर्ड ने नकल रोकने के लिए ये फैसला लिया है। अतिसंवेदनशील कैटेगरी में पड़ने वाले केंद्रों की दो बार जांच की जाएगी। वहीं 20 एग्जाम सेंटर्स में जैमर लगाया जाएगा। पहले कॉपियां आड़ी होती थीं अब उन्हें लंबवत कर दिया गया है। साथ ही हर आंसर शीट पर यूनिक नंबर और सुरक्षा चिह्न भी लगाए गए हैं। हर पेज पर रोल नंबर और कॉपी की संख्या लिखना जरूरी है। कॉपी में नाम, चिह्न या फिर पहचान लिखना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। एग्जाम कॉपी में पैसे मिलने पर आंसर शीट को सील कर दिया जाएगा। साथ ही परीक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई भी हो सकती है। बरामद राशि को सरकारी ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। घटना की रिपोर्ट जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी जाएगी। बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि एग्जाम से पहले वे सभी स्टूडेंट्स को ये सभी नियम बता दें।
उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो और UPMSP की सूक्ष्म अंकन जैसा विशेष सुरक्षा फीचर्स जोड़ा गया है, जिससे अदला-बदली रोक जा सके। इस साल पहली बार परीक्षा की ऑनलाइन मॉनीटरिंग भी की जाएगी। इसके अलावा, ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।
राज्य मंत्री गुलाब देवी ने लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया। हर परीक्षा कक्ष में दो वॉयस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट भी उपलब्ध है। परीक्षा की संपूर्ण लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से होगी। इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय टीम लगातार निगरानी करेगी। परीक्षा के संबंध में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को अगर कोई समस्या आती है तो मदद के लिए लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम बनाए गए और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं- टोल-फ्री नंबर 18001806607 और 18001806608 जबकि माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 और 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे। साथ ही शिकायत या सुझाव ईमेल, फेसबुक, एक्स (X) और व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं। प्रयागराज मुख्यालय के साथ ही वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर बनाए गए हैं, जिससे परीक्षार्थियों को हर जगह मदद मिल सके।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, लड़कियों की शादी पर अब 1 लाख का अनुदान।

◆ यूपी बजट में महिलाओं और बेटियों पर विशेष फोकस, शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन पर दिखी प्राथमिकता।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार ने लड़कियों की शादी कराने के लिए दिए जाने वाले अनुदान की राशि दोगुना करने की घोषणा कर दी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस योजना को लागू किया था।
जहां यूपी के इस बजट में महिलाओं और लड़कियों पर फोकस किया गया है। जिसमें गरीब परिवार की बेटियों को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान राशि दिए जाने का प्रावधान है। अब योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बडी राशि का प्रावधान किया है। यूपी विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सभी वर्ग की लड़कियों के विवाह के लिए अनुदान राशि बढ़ाए जाने की घोषणा की। इस योजना के तहत पहले 51,000 रुपये की राशि अनुदान के तौर पर मिलती थी। यूपी बजट 2026 में इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है। बजट में योजना के लिए 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस योजना के जरिए गरीब परिवारों को फोकस किया है। गरीब परिवारों में बेटी की शादी एक बड़ी चुनौती बनती है। ऐसे में अगर सरकार की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाती है तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। यूपी चुनाव 2027 से पहले सभी वर्ग के लोगों के लिए बजट में किए गए इस प्रावधान से बड़े स्तर पर लोगों को जोड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।