संभल में निजी स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 स्कूलों को फीस लौटाने का आदेश।

◆ फीस रिफंड आदेश के बाद अभिभावकों में खुशी, प्रशासन का जताया आभार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 निजी स्कूलों को अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
जिले के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और मनमानी वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि 14 सीबीएसई और एक आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध कुल 15 विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में शासन द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक कम्पोजिट शुल्क वसूला।

तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में 30 अप्रैल 2026 को आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में पूरे मामले की गहन समीक्षा की गई। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। स्कूल प्रबंधन द्वारा लिखित प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन 2 मई 2026 को सुनवाई के बाद सभी प्रत्यावेदन खारिज कर दिए गए। इसके बाद प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छात्रों से अधिक वसूली गई फीस वापस की जाए।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2026-27 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की आगामी फीस में अतिरिक्त वसूली गई राशि का समायोजन किया जाएगा। वहीं, जो छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त धनराशि सीधे वापस करनी होगी।
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं संशोधन अधिनियम 2020 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर आर्थिक बोझ डाल रहे थे, लेकिन अब प्रशासन की पहल से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।

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