भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज, विजेता टीम को मिलेगी इलेक्ट्रिक स्कूटी।

सपा विधायक ब्रजेश यादव ने फीता काटकर किया टूर्नामेंट का शुभारंभ।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूँ। ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राम खंडुआ में आयोजित “भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट-2026” का शुक्रवार को शानदार शुभारंभ हुआ। दमनीनगर रोड स्थित श्री बालाजी भट्टा के निकट मैदान पर आयोजित टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि सपा विधायक ब्रजेश यादव ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की भारी भीड़ मौजूद रही।

इस अवसर पर विधायक ब्रजेश यादव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की प्रतियोगिताएं प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं, जिससे वे भविष्य में बड़े मंचों तक पहुंच सकते हैं।

आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट में क्षेत्र की कई क्रिकेट टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रवेश शुल्क 2100 रुपये निर्धारित किया गया है। टूर्नामेंट को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उद्घाटन मैच के दौरान मैदान पर रोमांचक माहौल बना रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
टूर्नामेंट की सबसे बड़ी विशेषता विजेता टीम के लिए घोषित आकर्षक पुरस्कार है। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता जीतने वाली टीम को लगभग 31 हजार रुपये मूल्य की इलेक्ट्रिक स्कूटी पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। इस घोषणा के बाद खिलाड़ियों में खिताब जीतने को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खेल प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के आकर्षक पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्र में खेल गतिविधियों को नई पहचान देने का कार्य करेंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सचिन यादव ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। वहीं महामंत्री चौधरी यादव और कोषाध्यक्ष सुरजीत यादव सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य टूर्नामेंट के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जिनमें क्षेत्र के युवा एवं गणमान्य नागरिक सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र की सभी क्रिकेट टीमों से अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता को सफल बनाने की अपील की।
उद्घाटन मैच के साथ ही टूर्नामेंट का रोमांचक सफर शुरू हो गया है। आगामी दिनों में होने वाले मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अंचल में आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

हिंदुओं और सनातन को खत्म करना चाहती थी टीएमसी – प्रमोद कृष्णम्।

बोले- सनातन विरोधी ताकतें आज आशंकित और परेशान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया घटनाक्रम को लेकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला है। संभल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का सपना देख रहे थे, आज वे भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन अत्याचारों और जनभावनाओं की अनदेखी का परिणाम है, जो वर्षों से पश्चिम बंगाल में देखने को मिली हैं।
रविवार देर रात संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में आयोजित एक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने मीडिया से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ हो रहा है, वह अचानक नहीं है बल्कि लंबे समय से धधक रहे जनाक्रोश का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “मुझे यह तो पहले से मालूम था कि पश्चिम बंगाल की जनता टीएमसी नेताओं का सम्मान करेगी, लेकिन इतनी जल्दी उनकी इज्जत अफजाई शुरू हो जाएगी, यह नहीं सोचा था।” आचार्य ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने कई बड़े नेताओं की चिंता बढ़ा दी है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब अपने तरीके से जवाब दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता का मूड बदल चुका है और यह बदलाव उन नेताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है, जिन्होंने वर्षों तक हिंदू समाज की भावनाओं की उपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के कथित “सम्मान समारोह” की खबरों ने दिल्ली में बैठे उन नेताओं को भी डरा दिया है, जो लगातार भारत विरोधी और सनातन विरोधी राजनीति करते रहे हैं। आगे बोलते हुए आचार्य कृष्णम् ने कहा कि जो लोग हिंदू धर्म, सनातन संस्कृति और देश की परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश करते रहे, वे अब पश्चिम बंगाल के बदलते राजनीतिक माहौल से भयभीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति कर हिंदू समाज की उपेक्षा की, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।
अपने संबोधन में आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि किसी भी समाज या राजनीतिक दल को उसके कर्मों का फल अवश्य मिलता है। उन्होंने कहा, “कांटे बोए बबूल के, तो आम कहां से खाए?” यह वही परिणाम है जो जनता के साथ अन्याय और अत्याचार करने पर सामने आता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के साथ हुए कथित अत्याचारों और सनातन विरोधी बयानों को जनता ने गंभीरता से लिया है और अब उसका असर दिखाई देने लगा है।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर भी की टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि वर्तमान राजनीति में विचारधारा और जनहित पीछे छूट गए हैं, जबकि सत्ता प्राप्ति की होड़ सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल केवल सत्ता के सिंहासन तक पहुंचने की रणनीति में लगे हुए हैं और जनता की वास्तविक समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं रहा है।
दुर्गा कॉलोनी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। जहां उनके संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया।

लैब की कथित लापरवाही से थमा इलाज, मौत और जिंदगी के बीच जूझ रही महिला।

पीड़ित परिवार का दावा: गलत टेस्ट कोड दर्ज करने के कारण समय पर नहीं मिल सकी डॉ. लाल पैथलैब रिपोर्ट।

लैब पर आरोपों के बीच पीड़िता ने डीएम व सीएमओ से लगाई गुहार।

प्रवाह ब्यूरो
अलीगढ। यूपी एक अलीगढ में एक निजी पैथोलॉजी लैब पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगने से स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही शिकायत के अनुसार, डॉ. लाल पैथलैब की कथित तकनीकी गलती के कारण जनपद संभल के तहसील गुन्नौर के बहीपुर निवासी एक 35 वर्षीय महिला मरीज मीना की महत्वपूर्ण हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट पिछले 10 दिनों से लंबित है, जिससे उसके इलाज में देरी हो रही है और स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
संभल के गुन्नौर तहसील निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि लैब में “रॉन्ग टेस्ट कोड” दर्ज होने की वजह से रिपोर्ट समय पर तैयार नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट में देरी के कारण डॉक्टरों को उपचार शुरू करने में कठिनाई हो रही है, जिससे मरीज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

परिवार का दावा है कि उन्होंने कई बार लैब प्रबंधन से संपर्क किया, लेकिन हर बार टालमटोल होती रही और समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ। आरोप है कि जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय लैब प्रबंधन मामले को टालने का प्रयास कर रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि संबंधित मरीज रीढ़ और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारी (प्लाज्मा सेल संबंधी रोग) से पीड़ित है। ऐसे मामलों में समय पर जांच रिपोर्ट और उपचार को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर रोगों में प्रत्येक दिन मरीज की स्थिति पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए जांच रिपोर्ट में अनावश्यक देरी चिंता का विषय है।

परिजनों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे मामले की शिकायत जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी  तथा उपभोक्ता आयोग में करेंगे। वहीं पीड़िता के पति का कहना है स्वास्थ्य सेवाओं में हुई कथित लापरवाही के लिए संबंधित संस्था की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक संबंधित लैब प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
खैर जो भी हो, यह बाद की बात है लेकिन वर्तमान में यह मामला एक बार फिर निजी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता नियंत्रण, मरीजों के अधिकार और समयबद्ध रिपोर्टिंग जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ले आया है।

अनुभव और नेतृत्व पर लगी मुहर, राजीव कृष्ण बने यूपी के स्थायी डीजीपी।

◆ तीन नामों के पैनल में योगी सरकार ने राजीव कृष्ण पर जताया भरोसा, DGP पद के लिए दी मंजूरी।

◆ 4 साल के लंबे इंतजार के बाद, स्थायी नेतृत्व के साथ नई दिशा में दिखेगी यूपी पुलिस।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश को करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपना नया स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा भेजे गए पैनल पर मंथन के बाद मुख्यमंत्री ने उनके नाम को अंतिम मंजूरी दे दी है।
गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्ण का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। वह 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और 15 सितंबर 1991 को सेवा में नियुक्त हुए थे।


अपने 35 वर्षों के शानदार पुलिस करियर में राजीव कृष्ण ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2007 में उन्हें पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG), 2010 में पुलिस महानिरीक्षक (IG), 2016 में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) और 1 फरवरी 2024 को पुलिस महानिदेशक (DGP) रैंक में पदोन्नत किया गया था। उनकी प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था पर मजबूत पकड़ के चलते उन्हें प्रदेश की पुलिस व्यवस्था का सर्वोच्च दायित्व सौंपा गया है।

स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों—रेणुका मिश्रा (1990 बैच), पियूष आनंद (1990 बैच) और राजीव कृष्ण (1991 बैच)—के नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। इनमें से राजीव कृष्ण के नाम पर अंतिम मुहर लगी और उनकी नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी स्थायी डीजीपी को न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाना आवश्यक है। राजीव कृष्ण जून 2029 में सेवानिवृत्त होंगे, ऐसे में उन्हें प्रदेश के पुलिस मुखिया के रूप में लंबा और स्थिर कार्यकाल मिलने की संभावना है।
गौरतलब है कि 11 मई 2022 को तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को पद से हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में लगातार कार्यवाहक डीजीपी ही नियुक्त किए जाते रहे। ऐसे में राजीव कृष्ण की नियुक्ति से प्रदेश पुलिस को एक स्थायी नेतृत्व मिला है, जिससे कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर संभल के गंगा तटों पर उमड़ा आस्था का सैलाब।

पुण्य की डुबकी लगाने गंगा घाटों पर पहुंचे लाखों श्रद्धालु, सुरक्षा में मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को संभल जनपद के गंगा तटों पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पुण्य लाभ की कामना लेकर संभल समेत आसपास के कई जनपदों से लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे और श्रद्धापूर्वक गंगा स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया।
सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “गंगा मैया की जय” के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
तहसील गुन्नौर क्षेत्र के राजघाट गंगा, सिसौना डांडा, श्रीविष्णु देव घाट, हरिबाबा बांध सहित अस्थायी असदपुर और सांकराघाट पर दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बुलंदशहर, बदायूं, अलीगढ़, बरेली और रामपुर समेत कई जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। थाना जुनावई प्रभारी धीरज सिंह, गुन्नौर थाना प्रभारी संजय कुमार, बबराला थाना प्रभारी सौरभ त्यागी तथा रजपुरा थाना प्रभारी संदीप चौधरी पुलिस बल के साथ घाटों पर सक्रिय दिखे। अधिकारी लगातार निगरानी कर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। गंगा स्नान के चलते संभल-अनूपशहर मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। इसके बावजूद प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए। राजघाट और सिसौना डांडा गंगा घाट पर लगे मेलों में भी श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना तथा दान-पुण्य करने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी को देखते हुए जल, छाता, पंखा और अन्न का दान विशेष पुण्यदायी माना गया है।
मान्यता है कि इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा श्रवण, लक्ष्मी व्रत तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा तटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर सनातन आस्था की विराटता का परिचय दिया।

बकरीद पर सूर्या हत्याकांड का आरोपी असद एनकाउंटर में ढेर।

◆ बकरीद पर चाकू से की थी सूर्या की हत्या, 50 हजार का इनामी था ढेर हुआ असद।

प्रवाह ब्यूरो
गाजियाबाद। खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन हुए चर्चित सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश असद को पुलिस ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शनिवार देर रात वसुंधरा इलाके में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम को असद अपने एक साथी के साथ बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल असद को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान उसका साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 28 मई को बकरीद के दिन नवनीत बिहार कॉलोनी में सूर्या की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में बाइक को लेकर हुए विवाद को घटना की वजह बताया जा रहा है। बताया जाता है कि असद ने हाल ही में नई बाइक खरीदी थी। सूर्या ने बाइक चलाने के लिए मांगी, लेकिन असद के मना करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि सूर्या पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद से असद फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। कई दिनों से उसकी तलाश में टीमें जुटी थीं। आखिरकार शनिवार रात पुलिस और आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ में उसका अंत हो गया। फिलहाल पुलिस फरार साथी की तलाश में जुटी है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

संभल में खनन माफियाओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 27 हिरासत में, 13 वाहन सीज।

◆ डीएम-एसपी ने पकड़ा, ढाई लाख के मुचलके पर एसडीएम ने दी जमानत।

◆ भाकियू ने उठाई थी आवाज, अब अवैध खनन पर गिरी गाज।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद संभल में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं पर शिकंजा कस दिया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने परिवहन एवं खान विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर गंगा किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध खनन में संलिप्त पाए गए 27 लोगों को हिरासत में लिया गया, 13 वाहनों को सीज किया गया तथा पांच वाहनों का चालान करते हुए कुल 10,69,070 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
यह कार्रवाई शनिवार शाम करीब सवा छ: बजे तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र स्थित असदपुर इलाके में की गई। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए यह अभियान चलाया।

डीएम और एसपी के निरीक्षण के बाद थाना पुलिस ने संभल, बदायूं, बुलंदशहर, अलीगढ़ और हाथरस जिलों के कुल 27 लोगों को हिरासत में लिया। सभी के खिलाफ शांतिभंग की आशंका के तहत कार्रवाई करते हुए उनका चालान उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, गुन्नौर में किया गया।
न्यायालय में पेशी से पहले सभी आरोपियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।

कार्रवाई के बाद मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब उपजिला मजिस्ट्रेट विकास चंद्र ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी। एसडीएम के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को ढाई लाख रुपये के निजी मुचलके पर पाबंद किया गया है। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मिली इस राहत की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है।
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) लंबे समय से गंगा किनारे हो रहे कथित अवैध खनन का मुद्दा उठा रही थी। संगठन कई बार प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग कर चुका था। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई भाकियू द्वारा लगातार उठाई जा रही मांगों के बाद हुई एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है।

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध खनन के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जहां लोग डीएम-एसपी द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई की जमकर सराहना कर रहे हैं।

संभल के धनारी में युवक की संदिग्ध मौत, पेड़ पर लटका मिला शव।

◆ छेड़छाड़ के आरोपों के बीच युवक की मौत, पिता ने जताई हत्या की आशंका।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। धनारी थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर पीपलवाला गांव में शनिवार को एक 22 वर्षीय युवक का शव जामुन के पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। युवक शुक्रवार शाम से लापता था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतक के पिता ने इसे हत्या बताते हुए गांव के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक की पहचान गोपाल कुमार (22) पुत्र ऋषिपाल निवासी रुस्तमपुर पीपलवाला के रूप में हुई है। वह अपने छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। परिजनों के अनुसार गोपाल शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की, मगर कोई सुराग नहीं मिला।

देर रात करीब 11 बजे गांव के जंगल में स्थित एक जामुन के पेड़ पर गोपाल का शव फांसी के फंदे से लटका होने की सूचना मिली। खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना पर धनारी थाना पुलिस भी पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतरवाया।
घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के पिता ऋषिपाल ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले गांव के कुछ लोगों ने उनके बेटे पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में पंचायत के माध्यम से विवाद का निपटारा हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी विवाद से जुड़े लोगों ने उनके बेटे की हत्या कर शव को पेड़ पर लटका दिया। पिता ने रामखिलाड़ी, धर्मेंद्र और रविंद्र को नामजद करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, धनारी थाना प्रभारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पंचायत कार्यों में धांधली के आरोप में घिरे, प्रधान के वित्तीय अधिकारों सीज।

◆ जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संभल डीएम ने की कार्रवाई।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद की ब्लॉक पंवासा स्थित ग्राम पंचायत सारंगपुर में पंचायत कार्यों में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीण सोमपाल की शिकायत पर कराई गई जांच में करीब 36 लाख रुपये के गबन और अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान रामवती के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं।
डीएम के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद डीपीआरओ और एई आरईडी से मामले की जांच कराई गई थी। जांच आख्या में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आने पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया था। हालांकि, 11 मई को दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच के दौरान राम वर्क आईडी से जुड़े कार्यों का स्थलीय परीक्षण भी कराया गया। इसमें वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों से जुड़े दस्तावेज, टेंडर, कुटेशन, बिल-वाउचर समेत अन्य जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं सरकारी कार्यों के सापेक्ष 36 लाख 6 हजार 702 रुपये के भुगतान में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता सामने आई।
प्रशासनिक जांच में ग्राम प्रधान रामवती और तत्कालीन सचिव को दोषी पाया गया है। साथ ही यह भी सामने आया कि निर्वाचित होने के बाद से ही मानकों के विपरीत कार्य करते हुए शक्तियों का दुरुपयोग किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए डीएम ने ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने की कार्रवाई की है।
पूरे प्रकरण की अंतिम जांच के लिए डीडीएजी और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जनपद की अन्य पंचायतों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

बुलंदशहर में संभल के युवक की संदिग्ध मौत, परिवार में मचा कोहराम।

◆ जल जीवन मिशन के कार्यस्थल पर युवक की मौत, परिजनों में आक्रोश।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद में जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन पानी की टंकी पर काम कर रहे संभल निवासी युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतक की पहचान संभल जिले की गुन्नौर तहसील के धनारी थाना क्षेत्र स्थित खलीलपुर गांव निवासी 27 वर्षीय लक्ष्मण पुत्र जगदीश उर्फ यशपाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि लक्ष्मण करीब 15 दिन पहले बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के जयरामपुर पुदीना गांव में जल जीवन मिशन के तहत बन रही पानी की टंकी पर मजदूरी करने गया था।
परिजनों के मुताबिक युवक को बुलंदशहर के खानपुर थाना क्षेत्र निवासी ठेकेदार कासिम पुत्र जुल्फों काम पर लेकर गया था। उसके साथ गांव खलीलपुर निवासी वीरेश पुत्र फूलचंद तथा धनारी क्षेत्र के हरिओम भी मौजूद थे।
बताया गया कि कार्यस्थल पर अचानक लक्ष्मण की तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की सूचना बुधवार देर शाम परिजनों को मिली। सूचना मिलने के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों का आरोप है कि उनके मौके पर पहुंचने से पहले ही शव को घटनास्थल से हटा दिया गया था। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी।
गुरुवार शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद युवक का शव उसके पैतृक गांव खलीलपुर पहुंचा। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। देर शाम गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उधर परिवार वालों ने युवक की मौत को संदिग्ध बताते हुए मामले में लापरवाही या अन्य कारणों की आशंका जताई है।