पंचायत कार्यों में धांधली के आरोप में घिरे, प्रधान के वित्तीय अधिकारों सीज।

◆ जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संभल डीएम ने की कार्रवाई।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद की ब्लॉक पंवासा स्थित ग्राम पंचायत सारंगपुर में पंचायत कार्यों में बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीण सोमपाल की शिकायत पर कराई गई जांच में करीब 36 लाख रुपये के गबन और अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान रामवती के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं।
डीएम के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद डीपीआरओ और एई आरईडी से मामले की जांच कराई गई थी। जांच आख्या में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आने पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया था। हालांकि, 11 मई को दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
जांच के दौरान राम वर्क आईडी से जुड़े कार्यों का स्थलीय परीक्षण भी कराया गया। इसमें वित्तीय, प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृतियों से जुड़े दस्तावेज, टेंडर, कुटेशन, बिल-वाउचर समेत अन्य जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। वहीं सरकारी कार्यों के सापेक्ष 36 लाख 6 हजार 702 रुपये के भुगतान में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता सामने आई।
प्रशासनिक जांच में ग्राम प्रधान रामवती और तत्कालीन सचिव को दोषी पाया गया है। साथ ही यह भी सामने आया कि निर्वाचित होने के बाद से ही मानकों के विपरीत कार्य करते हुए शक्तियों का दुरुपयोग किया गया। मामले को गंभीर मानते हुए डीएम ने ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज करने की कार्रवाई की है।
पूरे प्रकरण की अंतिम जांच के लिए डीडीएजी और एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जनपद की अन्य पंचायतों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

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