
◆ रीठ से रहौली तक पुलिस अलर्ट, रिक्रूट कांस्टेबलों की रहेगी तैनाती।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के ग्रामीण इलाकों में अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को नई धार देते हुए थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में एक साथ चार नई पुलिस चौकियों की शुरुआत कर दी है। खास बात यह है कि जिन इलाकों में वर्षों से पुलिस चौकी की कमी महसूस की जा रही थी, वहां अब स्थायी पुलिस निगरानी सुनिश्चित कर दी गई है।

सोमवार शाम चंदौसी तहसील के अंतर्गत रीठ, छाबड़ा, रतनपुर और रहौली गांवों में नई पुलिस चौकियों का विधिवत उद्घाटन किया गया। रीठ पुलिस चौकी पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और हवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह और सीओ दीपक तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति देकर चौकी का शुभारंभ कराया।

कार्यक्रम की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली जब गांव गुरसरी निवासी जोगेंद्र चौधरी की पुत्री जाह्नवी चौधरी ने फीता काटकर रीठ चौकी का उद्घाटन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने नारियल फोड़कर चौकी को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया। रंग-बिरंगे गुब्बारों और स्वागत द्वार से सजी चौकियों में ग्रामीणों का उत्साह भी देखने लायक था।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि इन नई चौकियों पर हाल ही में भर्ती हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के रिक्रूट कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। उनके मुताबिक यह पहल केवल सुरक्षा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नए जवानों को जमीनी स्तर पर ‘बीट पुलिसिंग’ का व्यावहारिक अनुभव देने की रणनीति का भी हिस्सा है।

एसपी ने कहा कि गांवों में लगातार पुलिस की मौजूदगी रहने से जवान स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क बना सकेंगे। इससे ग्रामीणों की समस्याओं, क्षेत्र की गतिविधियों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तेजी से मिल सकेगी। पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा और छोटी घटनाओं पर भी तत्काल प्रतिक्रिया संभव हो पाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में पहले एक भी पुलिस चौकी नहीं थी। ऐसे में किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को दूर से पहुंचना पड़ता था, जिससे कार्रवाई में देरी होती थी। लेकिन अब चार चौकियों के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी होगी। साथ ही यह पहल अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ाने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी।