रामबाग धाम में जुटे ट्रस्टी, चुनाव सम्पन्न कराने वालों का हुआ सम्मान।

ट्रस्ट की बैठक में संगठन विस्तार, शिक्षा व विकास पर दिया गया जोर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शनिवार को चंदौसी स्थित श्री बारहसैनी सेवा सदन रामबाग धाम में श्री बारहसैनी रामलीला एवं रामबाग ट्रस्ट की साधारण सभा आयोजित की गई। सभा की शुरुआत ईश वंदना के साथ हुई। इस दौरान 19 अप्रैल 2026 को सम्पन्न ट्रस्ट चुनाव को शांतिपूर्ण एवं सफल तरीके से संपन्न कराने वाले निर्वाचन अधिकारियों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से निर्वाचन अधिकारी मोरमुकुट वार्ष्णेय, सहायक निर्वाचन अधिकारी सुशील कुमार वार्ष्णेय (SBI) और सुरेश चन्द्र वार्ष्णेय (SBI) सहित मतदान एवं मतगणना में सहयोग करने वाले सदस्यों को सम्मान प्रदान किया गया।

प्रधान मौसम गुप्ता के नेतृत्व में ट्रस्ट के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग ट्रस्टियों को स्मृति चिन्ह और रामचरित मानस भेंट कर सम्मानित किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 1 जून से सामान्य प्रक्रिया के तहत नए सदस्य बनाए जाएंगे। साथ ही रामबाग बाल विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने के लिए जल्द योजना बनाकर कार्य शुरू किया जाएगा।
सभा की अध्यक्षता प्रधान मौसम गुप्ता ने की, जबकि संचालन मंत्री अमित केएस ने किया।
कार्यक्रम में दीपक गुप्ता दाल वाले, गौरव वार्ष्णेय, राकेश चन्द्र आर्य, गौरव वार्ष्णेय, अंकित वार्ष्णेय, प्रतीक वार्ष्णेय किट्टू, गणेश चौधरी, मयंक वार्ष्णेय चिंकल, मनोज कुमार श्याम, मनोज कुमार शोभाराम, कौशल किशोर वन्देमातरम, रितिक वार्ष्णेय, प्रमोद कुमार गांधी, मोहित वार्ष्णेय शक्ति भोग, किंग वार्ष्णेय, रजनीश कुमार वार्ष्णेय, दीपांशु वार्ष्णेय, यश गुप्ता किराना, हिमांशुल वार्ष्णेय हिम्मी, अजय वार्ष्णेय, स्पर्श वार्ष्णेय काका, अभय कुमार वार्ष्णेय, करन वार्ष्णेय डेक्रो और प्रदीप वार्ष्णेय ठेकेदार समेत कई लोग मौजूद रहे।
जहां फूल प्रकाश वार्ष्णेय, अखिलेश कुमार खिलाड़ी, हरिगोपाल वार्ष्णेय, दिनेश चंद्र भगत जी, मधुर कुमार वार्ष्णेय, कमल किशोर गुप्ता, देवेश नाथ वार्ष्णेय और नरेश कुमार गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखे और ट्रस्ट के विकास को लेकर सुझाव दिए।

संभल में निजी स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 स्कूलों को फीस लौटाने का आदेश।

◆ फीस रिफंड आदेश के बाद अभिभावकों में खुशी, प्रशासन का जताया आभार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 निजी स्कूलों को अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
जिले के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और मनमानी वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि 14 सीबीएसई और एक आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध कुल 15 विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में शासन द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक कम्पोजिट शुल्क वसूला।

तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में 30 अप्रैल 2026 को आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में पूरे मामले की गहन समीक्षा की गई। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। स्कूल प्रबंधन द्वारा लिखित प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन 2 मई 2026 को सुनवाई के बाद सभी प्रत्यावेदन खारिज कर दिए गए। इसके बाद प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छात्रों से अधिक वसूली गई फीस वापस की जाए।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2026-27 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की आगामी फीस में अतिरिक्त वसूली गई राशि का समायोजन किया जाएगा। वहीं, जो छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त धनराशि सीधे वापस करनी होगी।
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं संशोधन अधिनियम 2020 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर आर्थिक बोझ डाल रहे थे, लेकिन अब प्रशासन की पहल से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुरादाबाद मंडल की उम्मीदें तेज।

मंत्रिमंडल विस्तार में भूपेंद्र चौधरी का पलड़ा भारी, कुंदरकी से रामवीर सिंह भी रेस में।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तीन राज्यों में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए इस बार मुरादाबाद मंडल को भी अहम हिस्सेदारी मिल सकती है।
मुरादाबाद मंडल से मंत्री बनने की दौड़ में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ और पार्टी नेतृत्व के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी को काफी मजबूत माना जा रहा है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही भूपेंद्र चौधरी के मंत्रिमंडल में तीसरी बार शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
इसके अलावा भाजपा एमएलसी अशोक कटारिया का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें भी संभावित चेहरा माना जा रहा है।
वहीं, उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह की दावेदारी भी चर्चा में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुंदरकी में भाजपा का परचम लहराने का इनाम उन्हें मंत्री पद के रूप में मिल सकता है। क्षेत्रीय और पिछड़े वर्ग के समीकरणों को देखते हुए उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
मंडल से चौथे प्रमुख चेहरे के रूप में बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह का नाम सामने आ रहा है। वह पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के पुत्र हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सैनी, अमरोहा जिले की मंडी धनौरा सीट से दूसरी बार विधायक बने राजीव तरारा समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। मंडल में सैनी बिरादरी की अच्छी संख्या को देखते हुए सत्यपाल सैनी की दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में मुरादाबाद मंडल से रामपुर के बिलासपुर विधायक बलदेव सिंह औलख और चंदौसी विधायक गुलाब देवी को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। वहीं भूपेंद्र चौधरी भी मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे, लेकिन बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुरादाबाद, अमरोहा और बिजनौर जिले का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है।
ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में मुरादाबाद मंडल की भागीदारी बढ़ने की उम्मीदों ने क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। हालांकि अभी तक पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इक़बाल महमूद का सरकार पर हमला, कहा- देश में खत्म हो रहा प्रजातंत्र।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं संभल से विधायक इक़बाल महमूद ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार शाम अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था लगातार कमजोर की जा रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है।
इक़बाल महमूद ने पश्चिम बंगाल के चुनावी हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए, बल्कि वोटों की “लूट” हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए और लाखों लोगों को मतदान करने से रोका गया।
सपा विधायक ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को हटाकर भाजपा समर्थक लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि देश में अब लोगों के मतदान के अधिकार तक छीने जा रहे हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
इक़बाल महमूद ने भाजपा की लगातार चुनावी सफलता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “भगवा रंग लगातार गहरा होता जा रहा है”, जो लोकतांत्रिक संतुलन के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा और जो भी दल भाजपा को हराने की स्थिति में होगा, समाजवादी पार्टी उसका समर्थन करने के लिए तैयार है।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी में जुटी है और भाजपा के खिलाफ रणनीति तैयार की जा रही है। तमिलनाडु की राजनीति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
इंडिया गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा विधायक ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष दलों का उद्देश्य भाजपा जैसी सांप्रदायिक ताकतों को रोकना है और इसके लिए गठबंधन किसी भी दल को समर्थन दे सकता है।
इक़बाल महमूद के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

पत्रकारों ने स्वगणना कर, दिया जागरूकता का संदेश।

डीआईओ कार्यालय पर अपने सोशल अकाउंट्स पर साझा किए फोटो।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जिलाधिकारी के निर्देशन में 7 मई से 21 मई तक चल रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार को जिला सूचना कार्यालय परिसर में स्व-गणना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के पत्रकारों ने अपने-अपने घरों की लोकेशन पर की गई स्व-गणना के फोटो सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर आमजन को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार के नेतृत्व में सभी पत्रकार एकत्रित हुए और स्व-गणना प्रक्रिया को अपनाते हुए लोगों को डिजिटल माध्यम से जनगणना में सहभागिता करने का संदेश दिया। पत्रकारों ने कहा कि स्व-गणना से नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि नागरिक बढ़-चढ़कर इसमें भाग लें और सही आंकड़े उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर जितेंद्र पाल, अंकित कुमार, वीरपाल सिंह, शिवकुमार कुशवाह, त्रिभुवन शर्मा, योगेश गुप्ता, महेंद्र कुमार, अंशुल, अंकुर, प्रदीप गुप्ता, सचिन सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।

ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, की शिकायत।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। रजपुरा थाना क्षेत्र के सैंडोरा गांव में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है।
जहां ग्रामीण ने गांव के ही तीन लोगों पर उनके खुद के नाम पर दर्ज भूमि से लगभग डेढ़ गुना अधिक ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है।
थाना क्षेत्र के सैंडोरा का निवासी शिकायतकर्ता भगवान सिंह पुत्र बोली सिंह ने थाना समाधान दिवस में शिकायती पत्र देते हुए कहा है कि गांव के ही देवेंद्र, सुरेंद्र एवं गजेंद्र पुत्र राम सिंह के नाम लगभग आठ बीघा जमीन दर्ज है। लेकिन उन्होंने डेढ़ गुना अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया है।
इसके अलावा भी ग्राम समाज और सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा है कि राजस्व अभिलेखों में बंजर भूमि के नाम से दर्ज भूमि पर भी कब्जा किया गया है।
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और इसके अलावा आइजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत की गई, लेकिन फर्जी रिपोर्ट लगा दी गई।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है साथ ही ग्राम समाज की भूमि से कब्जा हटवा कर वहां पर पुलिस चौकी या अन्य सरकारी कार्य शुरू करने की मांग की गई है।

यूपी पुलिस का वो अफसर, जिसके नाम से कांपते हैं अपराधी; अब वेब सीरीज में दिखेगी कहानी।

◆ अखाड़े से खाकी तक: अर्जुन अवार्डी अनुज चौधरी की संघर्षगाथा देगी प्रेरणा।

मैदान में मेडल और खाकी में मिशन, अनुज चौधरी के जीवन का हर रंग आएगा नजर।

प्रवाह ब्यूरो
फिरोजाबाद। ओलंपियन पहलवान से लेकर यूपी पुलिस के दबंग अफसर तक का सफर तय करने वाले एएसपी अनुज चौधरी अब बड़े पर्दे पर नजर आ सकते हैं। उनके जीवन पर फिल्म या वेब सीरीज बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। कई नामी प्रोडक्शन हाउस उनके संघर्ष, खेल उपलब्धियों और खाकी में निभाई जा रही जिम्मेदारियों की कहानी को स्क्रीन पर उतारने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
फिरोजाबाद में एएसपी देहात के पद पर तैनात अनुज चौधरी अपनी सख्त कार्यशैली, फिटनेस और बेबाक अंदाज के चलते लगातार चर्चा में बने रहते हैं। संभल में सीओ रहते हुए उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयों से सुर्खियां बटोरी थीं। जिसके बाद ही योगी सरकार ने उन्हें पुलिस क्षेत्राधिकारी से प्रोन्नत करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक बनाया गया था।

यही वजह है कि अब उनका जीवन फिल्म निर्माताओं को भी आकर्षित कर रहा है।
मुजफ्फरनगर के बझेड़ी गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले अनुज चौधरी ने बेहद साधारण माहौल से अपनी शुरुआत की थी। गांव के अखाड़े से कुश्ती सीखते हुए उन्होंने देश के लिए कई बड़े मंचों पर शानदार प्रदर्शन किया। वर्ष 2004 के एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अनुज चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई प्रतियोगिताओं में भी कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। लंबे समय तक राष्ट्रीय चैंपियन रहने वाले अनुज को खेल जगत में उत्कृष्ट योगदान के लिए अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
खेल कोटे से यूपी पुलिस में शामिल होने के बाद अनुज चौधरी ने अपनी अलग पहचान बनाई। अपराध और माफियाओं के खिलाफ सख्त रवैये के कारण उनकी छवि एक निर्भीक और दबंग पुलिस अधिकारी की बन गई। सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है, जहां युवा उनकी फिटनेस और अनुशासन को काफी पसंद करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक कई निर्माता उनके जीवन पर आधारित स्क्रिप्ट तैयार कर रहे हैं। जहां कहानी में एक गांव के पहलवान से ओलंपियन बनने और फिर खाकी पहनकर अपराध के खिलाफ मोर्चा संभालने तक के पूरे सफर को दिखाया जायेगा।

संभल में बाबा गैंग का भंडाफोड़, पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा।

◆ तमंचा और बोलेरो के साथ आरोपी गिरफ्तार, रंगदारी मांगने का आरोप।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शुक्रवार को संभल पुलिस को बड़ी सफलता मिली जहां पुलिस ने रंगदारी और धमकी देकर दहशत फैलाने वाले तथाकथित बाबा गैंग के छह सदस्यों को गिरफ्तार जेल भेज दिया है। सर्विलांस, एसओजी और थाना जुनावई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों को दबोचा गया।
आरोपियों पर एक ग्रामीण से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और एक बोलेरो वाहन भी बरामद किया है।
शुक्रवार को पुलिस लाइन बहजोई में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी दक्षिणी मनोज रावत ने बाबा गैंग मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गुन्नौर सर्किल की थाना जुनावई पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 6 मई को थाना जुनावई क्षेत्र के दफ्तरा हिमचल गांव निवासी रामपाल पुत्र भूदेव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बाबा गैंग के सदस्यों ने उनसे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंकित, अवधेश और 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित उर्फ दीपेंद्र पुत्र राकेश उर्फ जयवीर निवासी दबथरा हरलाल, अवधेश उर्फ उपदेश कुमार पुत्र मुकेश निवासी अजीजपुर, सुरेंद्र पुत्र सरवन निवासी नगला डुमैल थाना जुनावई, प्रिंस पुत्र दिनेश शर्मा, कुलदीप जडेजा पुत्र बाबूराम निवासी यादव कॉलोनी तथा अमन शर्मा पुत्र मनोज शर्मा निवासी बिजलीघर थाना बहजोई शामिल हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बाबा गैंग के सदस्य हैं और उनके गिरोह में 25 से 30 लोग सक्रिय हैं। गैंग के सदस्य व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। आरोपी लोगों को डराकर और धमकाकर रंगदारी वसूलते थे और उसी पैसे से अपने शौक व मौज-मस्ती पूरी करते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। इलाके में उनका खौफ होने के कारण लोग शिकायत करने से बचते थे। आरोपियों ने रामपाल को डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तमंचा और बोलेरो वाहन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अंकित और अमन पर चार-चार, अवधेश और प्रिंस पर पांच-पांच, कुलदीप पर तीन तथा सुरेंद्र पर दो आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
उक्त संबंध में एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार रावत ने बताया कि 3 मई को रामलाल नामक व्यक्ति को अंकित, अवधेश और उनके साथियों ने रास्ते में रोक लिया था। आरोपियों ने उससे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विरोध करने पर बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी।

संभल में डिजिटल जनगणना का शुभारंभ, जिला जज व डीएम ने की सहभागिता।

◆ अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर निभाई भागीदारी, लोगों से भी जुड़ने की अपील।

स्व पंजीकरण कर एसडीएम नीतू रानी बोलीं- जनगणना में हिस्सा लेना हर नागरिक का दायित्व।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में स्व-जनगणना 2026 का कार्यक्रम शुरू हो गया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में ऑनलाइन स्व-जनगणना का कार्य प्रारंभ कर दिया। जिसमें अधिकारियों कर्मचारियों के अलावा जनपद की जनप्रतिनिधि भी बढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। चंदौसी उप जिलाधिकारी नीतू रानी ने बताया कि यह शासन का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जो 7 मई से 21 मई तक चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक व्यक्ति और परिवार अपने मुखिया के नाम और मकान में रहने वालों की संख्या को अंकित करते हुए स्व-जनगणना कर सकेगा। स्व-जनगणना के बाद उसकी एक आईडी बनेगी। इस आईडी को एन्यूमरेटर को देने पर जनगणना का डेटा अंतिम रूप से सुरक्षित हो जाएगा। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में स्व-जनगणना कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की, ताकि डेटा शुद्ध और सुरक्षित रहे और शासन की नीतियां जनगणना के अनुरूप बन सकें।

संभल जनपद में चल रहे स्व-जनगणना अभियान को जन प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत जिला जज से लेकर विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक ने स्वयं पंजीकरण कर नागरिकों को भी इसमें भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

स्व-जनगणना प्रक्रिया में जिला जज विदुषी सिंह, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, एडीएम प्रदीप वर्मा और सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने भी सहभागिता निभाई।
इसके अलावा चंदौसी से भाजपा विधायक एवं माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी, संभल से सपा विधायक इकबाल महमूद, असमोली विधायक पिंकी यादव, गुन्नौर विधायक राम खिलाड़ी सिंह यादव तथा भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह रिंकू समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी स्व-जनगणना कर अभियान को समर्थन दिया।

प्रशासन की ओर से शहर और गांव दोनों क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों, सभासदों और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को अभियान से जोड़कर लोगों को स्व-जनगणना के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कैंप, जनसंपर्क कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे 7 मई से 22 मई तक चल रहे इस विशेष अभियान में स्वयं आगे आकर जनगणना फॉर्म में अपनी जानकारी दर्ज करें। उन्होंने कहा कि इससे जनगणना कर्मचारियों का कार्य आसान होगा और अधिक सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही कहा जन सुलभता और अधिक पारदर्शिता को ध्यान में रखकर भारत सरकार ने पहली बार नागरिकों को मोबाइल, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल माध्यमों से घर बैठे स्व-जनगणना करने की सुविधा उपलब्ध कराई है, ताकि लोग स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकें।

संभल में सेवानिवृत्त शिक्षक की बेटी ने फंदे पर लटककर दी जान।

◆ 20 मिनट तक बेटी को पुकारते रहे पिता, फिर पड़ोसियों की मदद से तोड़ना पड़ा दरवाजा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गुरुवार को चंदौसी क्षेत्र में एक युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना पंचशील कॉलोनी की है, जहां सेवानिवृत्त शिक्षक की 24 वर्षीय बेटी दीपिका सिंह ने कथित रूप से कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा जांच शुरू कर दी गई।
बताया गया कि दीपिका अपने पिता मेहताब सिंह के साथ घर पर रह रही थी। मेहताब सिंह हाल ही में एक इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए हैं। बुधवार शाम वह दूध लेने के लिए घर से बाहर गए थे। करीब एक घंटे बाद लौटने पर घर का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया।
इसके बाद मजदूर की मदद से लोहे का गेट तुड़वाया गया। घर के अंदर पहुंचने पर दीपिका के कमरे का दरवाजा भी बंद मिला। खिड़की से झांकने पर युवती साड़ी के सहारे पंखे से लटकी दिखाई दी। यह दृश्य देखकर पिता बदहवास हो गए। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
रात में पुलिस क्षेत्राधिकारी दीपक तिवारी, थाना प्रभारी अनुज तोमर और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिजनों और मोहल्ले के लोगों के अनुसार दीपिका पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। चर्चा है कि वह बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा में सफल नहीं हो पाई थी। हालांकि पुलिस ने अभी किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दीपिका तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। उसका भाई जयपुर और बहन दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि मां पिछले कई दिनों से अपने मायके गई हुई थीं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
सीओ चंदौसी दीपक तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।