एसपी से बोले स्कूली बच्चे- अंकल, हमें हिजाब और टोपी पहनने के लिए कहते थे सर।

◆ जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय में पहुंचे संभल डीएम-एसपी, बच्चों से जानी हकीकत।

डीएम और एसपी के सामने बच्चों ने खोले राज, सुनकर अधिकारी भी रह गए हैरान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय से सामने आए कथित धर्मांतरण जैसे व्यवहार के आरोपों ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है। स्कूल में बच्चों से क्या कराया जा रहा था, इसका खुलासा तब हुआ जब खुद डीएम और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। बच्चों ने जो बताया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
छात्राओं का कहना था कि उन्हें हिजाब पहनने के लिए कहा जाता था, जबकि छात्रों को टोपी पहनने के निर्देश दिए जाते थे। इतना ही नहीं, प्रार्थना के दौरान हाथ जोड़ने से भी मना किया जाता था और सभी बच्चों को हाथ बांधकर खड़ा कराया जाता था। इसके बाद “लब पे आती है दुआ बनकर तमन्ना मेरी” नज्म गवाई जाती थी। बच्चों के मुताबिक यह सब लंबे समय से चल रहा था।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बच्चों की बातें सुनने के बाद तुरंत सख्त रुख अपनाया और नामजद प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की गिरफ्तारी के निर्देश दे दिए। वहीं डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में गठित जांच टीम को जल्द रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूरा मामला सात मई को सामने आए एक वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में आरोप लगाया गया कि विद्यालय में हिंदू बच्चों से दूसरे धर्म से जुड़ी गतिविधियां कराई जा रही हैं। वीडियो प्रशासन तक पहुंचते ही आठ मई को खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार जांच के लिए स्कूल पहुंचे। बच्चों से पूछताछ में आरोप सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसके बाद प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज और प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही नखासा थाने में मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
अब इस पूरे मामले में एक और सनसनीखेज पहलू सामने आ रहा है। सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज पर आरोप है कि उन्होंने एक हिंदू शिक्षिका को भी अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की थी। यह शिकायत भी अब अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और जांच एजेंसियां इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। जालब सराय का यह मामला अब केवल स्कूल अनुशासन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि जिले में बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है।

“शासन द्वारा विद्यालयों के लिए जो शैक्षिक करिकुलम निर्धारित किया गया है, उसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं और यहां बच्चों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास पर काम होना चाहिए। हमारी कोशिश है कि विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर बेहतर हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यदि कोई भी शिक्षक या कर्मचारी निर्धारित पाठ्यक्रम और दिशा-निर्देशों से हटकर कार्य करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

अंकित खंडेलवाल, डीएम संभल

“विद्यालय में बच्चों के साथ जिस तरह की गतिविधियां कराए जाने के आरोप सामने आए हैं, उन्हें बेहद गंभीरता से लिया गया है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे पूरी तरह अनुचित और नियमों के खिलाफ हैं। मामले में नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आखिर विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां किस उद्देश्य से कराई जा रही थीं और इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं थी। गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क और मंशा की गहराई से पड़ताल की जाएगी।”

कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी संभल

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