कैला देवी इंटर कॉलेज में मेधावियों को वितरित की गई साइकिल।

◆ बाबा रतन गिरि आदर्श इंटर कॉलेज हाई स्कूल तथा इंटर की छात्रा को मिली साईकिल।

◆ यूपी बोर्ड परीक्षा 2025-26 में हाई स्कूल व इंटर में कॉलेज टॉप करने पर विद्यालय प्रबंधन ने दीं साईकिल।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के कैला देवी स्थित बाबा रतन गिरि आदर्श इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड परीक्षा 2025-26 में हाई स्कूल तथा इंटरमीडिएट में विद्यालय टॉप करने वाली दो छात्राओं को विद्यालय प्रबंधक द्वारा साइकिल देकर सम्मानित किया गया।
बाबा रतनगिरि आदर्श इंटर कॉलेज में यूपी बोर्ड परीक्षा 2025- 26 में हाई स्कूल में छात्रा अंशु ने 532 अंक प्राप्त कर विद्यालय टॉप किया था तथा इंटरमीडिएट में छात्रा खुशी यादव ने 433 अंक प्राप्त कर विद्यालय टॉप किया।
जहां विद्यालय प्रबंधक अजय पाल सिंह द्वारा छात्रा अंशु तथा इंटरमीडिएट की छात्रा खुशी यादव के अनुपस्थित होने पर उनके पिता देवेंद्र सिंह को प्रार्थना परिसर में मंगलवार को विद्यालय प्रधानाचार्य अशोक कुमार के साथ साइकिल देकर सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने बताया कि सभी विद्यार्थी इस वर्ष की इतनी मेहनत करें कि विद्यालय तथा अपने गांव का नाम रोशन कर सकें।

छात्रा खुशी के पिता ने अनाथ छात्रा को भेंट की साईकिल।

बोले – हमारी अपेक्षा इस बेटी को है साइकिल की आवश्यकता।

यूपी बोर्ड 2025-26 में इंटरमीडिएट की परीक्षा में बाबा रतन गिरी आदर्श इंटर कॉलेज को टॉप करने वाली छात्रा खुशी यादव के पिताजी देवेंद्र सिंह ने किसी विद्यालय में अध्यनरत कक्षा 7 की छात्रा जो की अनाथ है, मानवता का परिचय देते हुए कक्षा 7 की छात्रा खुशी को अपनी बेटी की इच्छा से साइकिल देकर सम्मानित किया।
जहां देवेंद्र सिंह की बेटी खुशी यादव ने 12वीं की कक्षा में 433 अंक प्राप्त कर विद्यालय टॉप किया और विद्यालय प्रबंधक द्वारा उन्हें साइकिल देकर सम्मानित किया गया तो वही छात्रा के पिता देवेंद्र सिंह ने मानवता का परिचय देते हुए कहा कि यह साइकिल की आवश्यकता मेरी बेटी से अधिक कक्षा 7 की छात्रा खुशी को है जो अनाथ है। जिससे कि विद्यालय में प्रतिदिन समय पर साइकिल से विद्यालय आ सके और अपनी पढ़ाई जारी रख सके।
देवेंद्र सिंह ने कहा कि मेरी बेटी के पास साइकिल है, लेकिन विद्यालय प्रबंधक द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया, बड़ी खुशी की बात है। उसी दौरान देवेंद्र सिंह ने साइकिल को कक्षा 7 की छात्रा खुशी को सौंप दिया। साइकिल पाकर छात्रा खुशी ने भी खुशी जाहिर की। इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

संभल के एक्स-रे सेंटर का कारनामा, एक रिपोर्ट में फ्रैक्चर तो दूसरी में सब सामान्य।

◆ एक ही जांच, दो नतीजे: गवां स्थित उर्मिला मैमोरियल एक्स-रे सेंटर पर उठे सवाल।

शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल, लैब रिपोर्ट में ‘मिस्टर’ को लिखा मस्त!

एक समय में दो रिपोर्ट और दो दावे, मरीज पूछे—आखिर सच क्या है?

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जिले के गवां कस्बे में स्थित उर्मिला मैमोरियल डिजिटल एक्स-रे सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक ही मरीज की एक ही समय में की गई जांच की दो अलग-अलग रिपोर्ट जारी कर दी गईं। हैरानी की बात यह रही कि एक रिपोर्ट में फ्रैक्चर बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य दर्शाया गया।
इतना ही नहीं दोबारा की गई ओपिनियन सेक्शन में जिस रिपोर्ट में फैक्चर दर्शाया गया उसी रिपोर्ट में ऊपर कोई फैक्चर न होने का भी उल्लेख किया गया। कुल मिलाकर दोनों रिपोर्ट ही अलग-अलग नहीं बल्कि दोबारा कराई गई दूसरी रिपोर्ट में भी दो अलग-अलग बातें मिली।
मामला सामने आने के बाद मरीज और उसके परिजन असमंजस में पड़ गए। परिजनों का कहना है कि आखिर सही रिपोर्ट कौन-सी मानी जाए और इलाज किस आधार पर कराया जाए। दो विरोधाभासी रिपोर्टों ने मरीज की चिंता बढ़ा दी है।
आपको बता दें कि मंगलवार को गवां स्थित उर्मिला मैमोरियल डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर सिंघौली निवासी श्यामसुंदर अपने
3 वर्षीय बेटे केशव का पैर में दर्द होने के बाद फैक्चर की जानकारी करने हेतु एक्सरे सेंटर पहुंचे, जहां सेन्टर संचालक जगदीश राणा ने बच्चे का एक्सरे किया और बताया कि पैर में कोई फैक्चर नहीं है, साथ ही फैक्चर न होने की पुष्टि करते हुए एक रिपोर्ट भी दी, इसके उपरांत बच्चे के पिता श्याम सुंदर ने बच्चों के पैर में दर्द का हवाला देते हुए अपनी बात रखी तो सेंटर संचालक ने उसी स्थान का दूसरा एक्सरे करने की बात कहते हुए दोनों एक्स-रे की फीस जमा करने के बाद दूसरा एक्स-रे भी कर दिया। तदोपरांत दूसरी रिपोर्ट में भी एक जगह फेक्चर तो वहीं दूसरी जगह फैक्चर न होने की बात से अभिभावक श्याम सुंदर ने केंद्र संचालक से जब यह बात कही तो एमबीबीएस डीएनबी का फर्जी बोर्ड लगाकर मरीजों को बेवकूफ बना रहा सेंट्रल संचालक भड़कने लगा। कुल मिलाकर फैक्चर है या नहीं इस बात की पुष्टि मरीज को दो रिपोर्ट के ₹600 भुगतान के बाद भी नहीं हो सकी। तभी मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई जहां लोगों ने आरोप लगाया कि उक्त सेंटर संचालक आए दिन इसी तरह की फर्जी जांच कर क्षेत्र में लोगों को बेवकूफ बना रहा है। इतना ही नहीं यह अल्प शिक्षित है और रिपोर्ट में लिखी जाने वाले मिस्टर को भी मस्त लिख, मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्टों में इस  तरह का अंतर सामने आएगा तो मरीजों का भरोसा स्वास्थ्य सेवाओं से उठ जाएगा। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि परिजनों ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने की बात कही है। लोगों ने जांच कर उचित कार्रवाई की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा किसी मरीज के जीवन से खिलवाड़ ना हो सके।
इस संबंध में गुन्नौर के नोडल अधिकारी डॉ. विरास यादव ने बताया कि कि उपरोक्त का एक्स-रे सेंटर पहले ही सील कर अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है। संज्ञान में आया है कि कार्रवाई के बावजूद भी सेंटर संचालक स्थान बदलकर पुनः सेंटर संचालित कर रहा है जिस पर जल्द सख्त कार्रवाई की जायेगी।

योगी बोले- सड़क पर नमाज नहीं पढ़ने देंगे, प्यार से नहीं माने तो दूसरा तरीका अपनाएंगे।

कहासंख्या ज्यादा है तो फिर कंट्रोल क्यों नहीं करते?

बोले- बरेली में हाथ आजमाने वालों ने ताकत भी देख ली।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। बकरीद से पहले उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ने सख्त संदेश दिया है। सोमवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में सड़कों पर नमाज की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नमाज तय स्थानों पर ही पढ़ी जाए और अगर संख्या अधिक हो तो लोग शिफ्ट में नमाज अदा करें।
सीएम योगी ने कहा, “हम नमाज का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन सड़क पर अराजकता और यातायात बाधित करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। सड़कें आम जनता के आवागमन के लिए हैं, धार्मिक भीड़ जुटाने के लिए नहीं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनसे अक्सर पूछा जाता है कि क्या यूपी में सड़कों पर नमाज होती है? इस पर उनका जवाब होता है- “कतई नहीं।” योगी ने कहा कि किसी को भी ट्रैफिक बाधित करने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने का अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अगर लोग शांति और नियमों के तहत व्यवस्था मानेंगे तो ठीक है, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
योगी ने आगे कहा, “उन लोगों ने मुझसे कहा कि साहब कैसे होगा, हमारी संख्या ज्यादा है। हमने कहा- तुम्हारे घर में रहने की जगह नहीं है, तो संख्या कंट्रोल कर लो। सामर्थ्य नहीं है, तो क्यों बेकार में संख्या बढ़ाई जा रही है? सभी को सिस्टम से रहना होगा। सभी को कानून का राज मानना होगा।”
साथ ही सीएम योगी ने बरेली में हुए बवाल का भी जिक्र करते हुए कहा- बरेली में भी लोगों ने हाथ आजमाया था, ताकत भी देख ली। कानून सभी के लिए बराबर है। किसी को भी सड़क जाम करने या अव्यवस्था फैलाने की छूट नहीं दी जाएगी।
दरअसल, यूपी में सितंबर 2025 में आई लव मोहम्मद को लेकर विवाद हुआ था। बरेली में मुस्लिम नेता मौलाना तौकीर रजा ने नमाज के बाद धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया था। पुलिस ने रोका तो पथराव हो गया था। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ की नवाज पर दिए गए कुछ बयान इस प्रकार हैं…

योगी ने कहा- यूपी में पहले महिलाएं दिन में भी बाहर निकलने से डरती थीं। अब वे नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं। सुरक्षित घर लौट रही हैं। अब कोई बेटी से छेड़खानी नहीं कर सकता। उन्होंने कहा- यूपी अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बन चुका है। पिछले 6 साल से यूपी लगातार रेवेन्यू सरप्लस में है।
अब प्रदेश को किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ती। यूपी के पास कृषि, इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं की ताकत जैसी अपार संभावनाएं हैं। सरकार सभी 75 जिलों के संतुलित विकास पर काम कर रही है।
सीएम योगी ने हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान सड़कों पर नमाज का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दीदी सड़कों पर नमाज पढ़वाती हैं और हिंदू त्योहारों पर पाबंदी लगाती हैं। यूपी में कोई सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ सकता। सड़कें यातायात के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं। नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।अवगत रहे कि योगी सरकार ने 2022-23 में सड़कों पर नमाज पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। आदेश दिया कि ईद, अलविदा जुमा या किसी भी अन्य दिन सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। धार्मिक कार्यक्रम केवल ईदगाह, मस्जिदों या निर्धारित धार्मिक स्थलों के अंदर ही होने चाहिए।
पढ़िए! योगी के बयान बाद अब तक प्रदेश में किसने क्या कहा…

बार और प्रशासन के बीच समन्वय का संदेश, अधिवक्ताओं ने किया भव्य स्वागत।

◆ त्वरित न्याय और समस्याओं के समाधान का मिला भरोसा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गुरुवार को गुन्नौर तहसील में वार वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से नवागत अधिकारियों के सम्मान में एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवागत सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक कुमार, उपजिलाधिकारी विकास चन्द्र एवं तहसीलदार रवि सोनकर का अधिवक्ताओं द्वारा माला पहनाकर और गुलदस्ते भेंट कर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र यादव एडवोकेट एवं महासचिव सुरेश यादव ने संयुक्त रूप से की। इस दौरान अधिवक्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल, आपसी सौहार्द और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

सिविल जज जूनियर डिवीजन अभिषेक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायपालिका का मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि वादकारियों को समय पर न्याय मिले और न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने अधिवक्ताओं से भी न्यायिक कार्यों में सहयोग की अपेक्षा जताई।

वहीं उपजिलाधिकारी विकास चन्द्र ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि तहसील स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच समन्वय से आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकती हैं। तहसीलदार रवि सोनकर ने भी अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए सहयोगात्मक कार्यशैली अपनाने की बात कही।
कार्यक्रम का संचालन भगवान सिंह यादव एडवोकेट ने किया। समारोह में धनेश चन्द्र एडवोकेट, मो. खालिक एडवोकेट, रामवीरेश यादव एडवोकेट, रागिब उल्ला एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला और सभी ने न्यायिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

विकसित भारत युवा संसद में दिखा संभल की बेटी उन्नति चौधरी का जलवा।

◆ विधानसभा में ओजस्वी भाषण से जीता दिल, तालियों से गूंजा सदन।

◆ मिशन शक्ति की प्रेरणादायक मिसाल बनी संभल की उन्नति।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। उत्तर प्रदेश विधानसभा, लखनऊ में आयोजित विकसित भारत युवा संसद 2026 में संभल की बेटी उन्नति चौधरी ने अपनी प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘माई भारत’ अभियान के तहत आयोजित इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में प्रदेशभर से 300 चुनिंदा युवाओं ने भाग लिया, लेकिन संभल की उन्नति चौधरी ने अपने ओजस्वी भाषण से अलग पहचान बना ली।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और नेहरू युवा केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था— “केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर युवाओं की भूमिका”। कार्यक्रम का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया।
मयूर विहार कॉलोनी निवासी उन्नति चौधरी ने जब विधानसभा सदन में अपने विचार रखना शुरू किए, तो वहां मौजूद जूरी सदस्य, स्पीकर और अन्य गणमान्य लोग ध्यान से सिर्फ उन्नति को सुनते दिखे। आत्मविश्वास से भरे उनके भाषण ने ऐसा प्रभाव छोड़ा कि सदन तालियों की आवाज से गूंज उठा। उन्नति ने युवाओं की भूमिका, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के विजन को बेहद प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया।
उन्नति की इस उपलब्धि पर संभल की नोडल अधिकारी डॉ. रीता सिंह और नेहरू युवा केंद्र मुरादाबाद मंडल के डिप्टी डायरेक्टर अंकित कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्नति मिशन शक्ति की मजबूत मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि भारत में  उन्नति जैसी बेटियां अब हर मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं।
अपनी सफलता पर उन्नति ने भावुक होते हुए इसका श्रेय अपनी मां नूतन चौधरी को दिया। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने हमेशा मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वहीं दादा शिव सिंह और भाई हृदय चौधरी ने इसे पूरे परिवार और संभल जिले के लिए गौरव का क्षण बताया।
उन्नति चौधरी की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों की बेटियां भी बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं। संभल की इस होनहार बेटी की उपलब्धि से जिले में खुशी और गर्व का माहौल बना हुआ है।

मानदेय और प्रोत्साहन राशि की मांग को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन।

◆ सीएमओ कार्यालय पहुंचीं आशा कार्यकर्ता, पांच मांगों के समाधान को लेकर सौंपा ज्ञापन।

महीनों से भुगतान लंबित, नाराज आशा और आशा संगिनियों ने जल्द भुगतान न मिलने पर दी आंदोलन की चेतावनी।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद में आशा और आशा संगिनी कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। आशा आशा संगिनी कर्मचारी संगठन, जनपद संभल के बैनर तले सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया जाएगा।
संगठन की जिला अध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व में आशा और आशा संगिनियां सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक सीएमओ कार्यालय परिसर में एकत्र रहीं। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और चिकित्सा अधीक्षक को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया।
ज्ञापन में बताया गया कि आशा और आशा संगिनियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और अन्य मदों का भुगतान लंबे समय से लंबित है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि मार्च 2025 तक के कई भुगतान अभी तक जारी नहीं किए गए हैं, जबकि मार्च 2026 तक की धनराशि भी अटकी हुई है।

संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि आशाओं को प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रुपये की राशि का भुगतान मई 2025 से मई 2026 तक नहीं हो पाया है, जिसे तत्काल जारी किया जाए। इसके अलावा कई अन्य मदों का भुगतान एक वर्ष से लंबित बताया गया है। कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि भुगतान किस मद में और कितनी राशि का किया जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मेहनताना नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
संगठन की पदाधिकारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष नीतू सिंह, जिला उपाध्यक्ष कविता चौधरी, जिला मंत्री कुसुम शर्मा, कोषाध्यक्ष सीमा रानी और जिला महामंत्री पूनम शर्मा सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

बेटियों ने निभाया बेटे का फर्ज, उठाई पिता की अर्थी, हर आंख हुई नम।

◆ बेटियों के साहस ने बदली परंपरा, अंतिम यात्रा में हौसला देख भावुक हुआ गांव।

प्रवाह ब्यूरो
पटना। बिहार के हाजीपुर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने समाज की पुरानी सोच को झकझोर दिया है। जहां अक्सर माना जाता है कि पिता की अर्थी को बेटा ही कंधा देता है, वहीं वैशाली के नया टोला गांव में पांच बेटियों ने इस परंपरा को बदलते हुए इंसानियत, जिम्मेदारी और रिश्तों की नई मिसाल पेश की।
वैशाली थाना क्षेत्र के नया टोला गांव में पिता के निधन के बाद घर में मातम पसरा था। रिश्तेदार और गांव वाले अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच परिवार की पांचों बेटियां आगे आईं और पिता की अर्थी को खुद कंधा देने का फैसला किया।
गांव की गलियों से जब बेटियां अपने पिता की अर्थी को कंधा देकर श्मशान घाट की ओर बढ़ीं, तो यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। लोगों की आंखें नम थीं, लेकिन बेटियों के हौसले और अपने पिता के प्रति प्रेम ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
इतना ही नहीं, बेटियों ने पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार की सभी रस्में भी निभाईं। समाज में बेटा-बेटी के फर्क को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने यह संदेश दिया कि जिम्मेदारियां निभाने के लिए सिर्फ बेटा होना जरूरी नहीं, बल्कि दिल में अपने माता-पिता के लिए सम्मान और प्रेम होना चाहिए।
गांव के लोगों का कहना है कि बेटियों ने जो किया, वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। यह सिर्फ एक अंतिम संस्कार नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और बदलती सोच की मिसाल है।हाजीपुर की ये पांच बेटियां आज उन तमाम लोगों के लिए जवाब बन गई हैं, जो अब भी बेटा और बेटी में फर्क करते हैं। क्योंकि रिश्तों का असली मूल्य परंपराओं से नहीं, बल्कि निभाए गए फर्ज से तय होता है।

तुम्हारे हिस्से के मच्छर मुझे काटते हैं…बस मच्छरदानी हटा दो।

◆ एएमयू हॉस्टल में मच्छरदानी बनी विवाद की वजह, कश्मीरी छात्र से मारपीट।

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एसएस नॉर्थ हॉल में इन दिनों मच्छरों ने ऐसा संकट खड़ा कर दिया कि मामला सीधे मारपीट और प्रॉक्टर ऑफिस तक पहुंच गया।
दरअसल, भीषण गर्मी और बढ़ते मच्छरों से परेशान एक कश्मीरी छात्र अपने बचाव के लिए कमरे में मच्छरदानी लगाकर सोता था। लेकिन उसके रूममेट और अन्य छात्रों को यह तरीका रास नहीं आया। आरोप है कि गाजीपुर के एक छात्र ने विरोध जताते हुए कहा- “जब तुम मच्छरदानी लगाते हो, तो तुम्हारे हिस्से के मच्छर हमें काटते हैं।”
इसी बात को लेकर पहले कमरे में बहस हुई, फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पीड़ित कश्मीरी छात्र ने साथी छात्र पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद विवाद प्रॉक्टर ऑफिस तक जा पहुंचा।
सूचना मिलते ही कश्मीरी छात्रों का एक समूह प्रॉक्टर ऑफिस पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई कि मामूली सी बात पर छात्र के साथ मारपीट की गई। वहीं थोड़ी देर बाद गाजीपुर के छात्रों का समूह भी अपना पक्ष रखने पहुंच गया।
दिलचस्प बात यह रही कि दूसरे पक्ष का तर्क भी कम चौंकाने वाला नहीं था। छात्रों का कहना था कि जैसे ही कश्मीरी छात्र मच्छरदानी लगाता है, कमरे के बाकी मच्छर बाहर सो रहे छात्रों को परेशान करने लगते हैं, जिससे उनकी रात की नींद खराब हो जाती है।
फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। लेकिन हॉस्टल में मच्छरों से शुरू हुआ यह विवाद अब कैंपस में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

एसपी से बोले स्कूली बच्चे- अंकल, हमें हिजाब और टोपी पहनने के लिए कहते थे सर।

◆ जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय में पहुंचे संभल डीएम-एसपी, बच्चों से जानी हकीकत।

डीएम और एसपी के सामने बच्चों ने खोले राज, सुनकर अधिकारी भी रह गए हैरान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय से सामने आए कथित धर्मांतरण जैसे व्यवहार के आरोपों ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है। स्कूल में बच्चों से क्या कराया जा रहा था, इसका खुलासा तब हुआ जब खुद डीएम और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंचे और छात्र-छात्राओं से सीधे बातचीत की। बच्चों ने जो बताया, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
छात्राओं का कहना था कि उन्हें हिजाब पहनने के लिए कहा जाता था, जबकि छात्रों को टोपी पहनने के निर्देश दिए जाते थे। इतना ही नहीं, प्रार्थना के दौरान हाथ जोड़ने से भी मना किया जाता था और सभी बच्चों को हाथ बांधकर खड़ा कराया जाता था। इसके बाद “लब पे आती है दुआ बनकर तमन्ना मेरी” नज्म गवाई जाती थी। बच्चों के मुताबिक यह सब लंबे समय से चल रहा था।
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बच्चों की बातें सुनने के बाद तुरंत सख्त रुख अपनाया और नामजद प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक की गिरफ्तारी के निर्देश दे दिए। वहीं डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में गठित जांच टीम को जल्द रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पूरा मामला सात मई को सामने आए एक वीडियो से शुरू हुआ। वीडियो में आरोप लगाया गया कि विद्यालय में हिंदू बच्चों से दूसरे धर्म से जुड़ी गतिविधियां कराई जा रही हैं। वीडियो प्रशासन तक पहुंचते ही आठ मई को खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार जांच के लिए स्कूल पहुंचे। बच्चों से पूछताछ में आरोप सही पाए जाने के बाद रिपोर्ट बीएसए को भेजी गई। इसके बाद प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज और प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही नखासा थाने में मोहम्मद अंजार अहमद और मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।
अब इस पूरे मामले में एक और सनसनीखेज पहलू सामने आ रहा है। सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज पर आरोप है कि उन्होंने एक हिंदू शिक्षिका को भी अपने प्रभाव में लेने की कोशिश की थी। यह शिकायत भी अब अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और जांच एजेंसियां इस एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही हैं। जालब सराय का यह मामला अब केवल स्कूल अनुशासन तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि जिले में बड़ा सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दा बनता जा रहा है।

“शासन द्वारा विद्यालयों के लिए जो शैक्षिक करिकुलम निर्धारित किया गया है, उसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं और यहां बच्चों के बौद्धिक एवं नैतिक विकास पर काम होना चाहिए। हमारी कोशिश है कि विद्यालयों का शैक्षणिक स्तर बेहतर हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। यदि कोई भी शिक्षक या कर्मचारी निर्धारित पाठ्यक्रम और दिशा-निर्देशों से हटकर कार्य करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

अंकित खंडेलवाल, डीएम संभल

“विद्यालय में बच्चों के साथ जिस तरह की गतिविधियां कराए जाने के आरोप सामने आए हैं, उन्हें बेहद गंभीरता से लिया गया है। शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे पूरी तरह अनुचित और नियमों के खिलाफ हैं। मामले में नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आखिर विद्यालय में इस तरह की गतिविधियां किस उद्देश्य से कराई जा रही थीं और इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं थी। गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क और मंशा की गहराई से पड़ताल की जाएगी।”

कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी संभल

नई नवेली दुल्हन निकली शातिर, शादी के 10 दिन बाद घर साफ।

सात फेरों के बाद साजिश! परिवार को स्प्रे द्वारा बेसुध कर फरार हुई दुल्हन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल में “लुटेरी दुल्हन” का बड़ा खेल सामने आया है। बहजोई कोतवाली क्षेत्र में शादी के सिर्फ 10 दिन बाद नवविवाहिता घर से नकदी और लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित परिवार ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए युवती और उसके परिजनों पर शादी के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया है।
मामला बहजोई थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर खुर्द का है, जहां प्रिया शर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके जेठ अवनीश शर्मा के लिए रिश्ते की तलाश चल रही थी। इसी दौरान मामा सुबोध के जरिए जिला बस्ती के थाना बनकटी क्षेत्र के गांव पिंकारपुर निवासी बाबूलाल ने अपनी भतीजी सुंदरी का रिश्ता कराया।
बताया जा रहा है कि 30 अप्रैल को संतकबीरनगर जनपद के धनघटा क्षेत्र स्थित एक मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। शादी में युवती के परिजन भी मौजूद रहे और पूरे रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न हुआ। परिवार को क्या पता था कि जिस बहू को वे घर ला रहे हैं, वही कुछ दिनों बाद पूरे परिवार को सदमे में छोड़ जाएगी।
पीड़ित परिवार के मुताबिक शादी के बाद से ही नवविवाहिता का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह घंटों मोबाइल फोन पर किसी अज्ञात व्यक्ति से बातचीत करती रहती थी। जब भी परिवार वाले पूछते, वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देती थी।
आरोप है कि 11 मई की तड़के करीब चार बजे नवविवाहिता ने अपने पति समेत घर के अन्य सदस्यों पर बेहोशी वाला स्प्रे कर दिया। परिवार के लोग बेसुध हो गए और इसी मौके का फायदा उठाकर वह घर में रखी करीब 50 हजार रुपये की नकदी, सोने का मंगलसूत्र, कंठी, झाले, चांदी की पायल समेत लाखों रुपये के जेवर लेकर फरार हो गई।
सुबह जब परिवार को होश आया तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और नवविवाहिता गायब थी। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पीड़ित पक्ष ने बहजोई कोतवाली पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक का कहना है कि मामले में तहरीर मिली है। शुरुआती जांच की जा रही है। जांच में यदि मामला लुटेरी दुल्हन गिरोह से जुड़ा पाया जाता है तो मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।