संभल में सुरक्षा का बड़ा कवच, 4 नई पुलिस चौकियों से अपराधियों पर शिकंजा।

रीठ से रहौली तक पुलिस अलर्ट, रिक्रूट कांस्टेबलों की रहेगी तैनाती।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के ग्रामीण इलाकों में अब अपराधियों के लिए बच निकलना आसान नहीं होगा। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को नई धार देते हुए थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में एक साथ चार नई पुलिस चौकियों की शुरुआत कर दी है। खास बात यह है कि जिन इलाकों में वर्षों से पुलिस चौकी की कमी महसूस की जा रही थी, वहां अब स्थायी पुलिस निगरानी सुनिश्चित कर दी गई है।

सोमवार शाम चंदौसी तहसील के अंतर्गत रीठ, छाबड़ा, रतनपुर और रहौली गांवों में नई पुलिस चौकियों का विधिवत उद्घाटन किया गया। रीठ पुलिस चौकी पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और हवन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी (उत्तरी) कुलदीप सिंह और सीओ दीपक तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुति देकर चौकी का शुभारंभ कराया।

कार्यक्रम की सबसे खास तस्वीर तब देखने को मिली जब गांव गुरसरी निवासी जोगेंद्र चौधरी की पुत्री जाह्नवी चौधरी ने फीता काटकर रीठ चौकी का उद्घाटन किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने नारियल फोड़कर चौकी को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया। रंग-बिरंगे गुब्बारों और स्वागत द्वार से सजी चौकियों में ग्रामीणों का उत्साह भी देखने लायक था।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने बताया कि इन नई चौकियों पर हाल ही में भर्ती हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के रिक्रूट कांस्टेबलों की तैनाती की गई है। उनके मुताबिक यह पहल केवल सुरक्षा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नए जवानों को जमीनी स्तर पर ‘बीट पुलिसिंग’ का व्यावहारिक अनुभव देने की रणनीति का भी हिस्सा है।

एसपी ने कहा कि गांवों में लगातार पुलिस की मौजूदगी रहने से जवान स्थानीय लोगों से सीधा संपर्क बना सकेंगे। इससे ग्रामीणों की समस्याओं, क्षेत्र की गतिविधियों और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तेजी से मिल सकेगी। पुलिस और जनता के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा और छोटी घटनाओं पर भी तत्काल प्रतिक्रिया संभव हो पाएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र में पहले एक भी पुलिस चौकी नहीं थी। ऐसे में किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को दूर से पहुंचना पड़ता था, जिससे कार्रवाई में देरी होती थी। लेकिन अब चार चौकियों के सक्रिय होने के बाद क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रहेगी और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी होगी। साथ ही यह पहल अपराधियों में पुलिस का भय बढ़ाने और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी।

एक करोड़ की जीत और संदिग्ध मौत, बदायूं से संभल तक चर्चाओं का बाजार गर्म।

◆ नीरज की मौत पर परिजनों का बड़ा आरोप, बोले- 70 लाख हड़पने के लिए की हत्या।

प्रवाह ब्यूरो
बदायूं।यूपी के बदायूं जिले में Dream11 पर एक करोड़ रुपये जीतकर चर्चा में आए युवक नीरज की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। नीरज का शव संभल जिले में उसकी ससुराल के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि नीरज द्वारा जीती गई रकम को लेकर विवाद चल रहा था और इसी कारण उसकी हत्या की गई। पुलिस अब पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही है।
बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के दानपुर गांव निवासी नीरज पुत्र यादराम करीब एक साल पहले Dream11 पर एक करोड़ रुपये की प्राइज मनी जीतने के बाद सुर्खियों में आया था। ग्रामीण उसकी किस्मत की चर्चा करते नहीं थकते थे। बताया जा रहा है कि नीरज पिछले दो महीनों से संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र के कादराबाद गांव स्थित अपनी ससुराल में रह रहा था। शुक्रवार शाम वह अपने गांव से वापस ससुराल पहुंचा था, लेकिन अगले ही दिन उसका शव संदिग्ध हालत में मिला।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन मौके पर पहुंचे और शव को अपने गांव दानपुर ले आए। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। घटना के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नीरज ने Dream11 में जीती गई रकम में से करीब 70 लाख रुपये अपनी पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए थे। परिवार का दावा है कि इसी रकम को हड़पने के लिए उसकी हत्या की गई।
मृतक के चाचा अनेक सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज ऑनलाइन सट्टा खेलता था और बड़ी रकम जीतने के बाद से पारिवारिक विवाद बढ़ गया था। उनका कहना है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने पैसों के लालच में नीरज की जान ले ली। गांव में भी इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी, जिसके चलते विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और पारिवारिक संबंधों की भी जांच कर रही है।
संभल पुलिस का कहना है कि अभी तक थाना जुनावई में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं बदायूं पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल नीरज की मौत को लेकर बदायूं से संभल तक चर्चाओं का बाजार गर्म है और हर कोई इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई जानने का इंतजार कर रहा है।

विद्यालय में धार्मिक उन्माद फैलाने पर प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षक निलंबित।

शिक्षकों द्वारा विद्यालय में की जा रही थीं धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित अवांछित गतिविधियां।

संभल के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय का मामला।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल के पीएम श्री विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक तथा एक अन्य सहायक अध्यापक द्वारा बच्चों के बीच धार्मिक उन्माद फैलाने तथा अवांछित गतिविधियों को अंजाम देकर मजा भी शिक्षा को बढ़ावा देने और जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में जांच के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है तथा साथ ही उसके पश्चात अपने कार्यों का निर्वाहन नहीं करने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक को ही निलंबित किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में की गई जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक के विरुद्ध नखासा थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जनपद के संभल विकासखंड क्षेत्र के जालब सराय स्थित पीएम श्री विद्यालय में स्कूली बच्चों के बीच प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद, तथा सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज के द्वारा विद्यालय परिसर में धार्मिक उन्माद फैलाने से संबंधित अवांछित गतिविधियों की जा रही थीं।
इसके कुछ वीडियो तथा फोटो के माध्यम से शिक्षा विभाग द्वारा मामला संज्ञान में आने के बाद विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।
जहां बच्चों से भी जानकारी की गई तथा संज्ञान के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित की गई टीम के द्वारा देखा गया कि उपरोक्त प्रधानाध्यापक तथा सहायक अध्यापक द्वारा विद्यालय में अवांछित गतिविधि की जा रही है, और मजहबी क्रियाकलापों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने तथा मजहबी शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय में धार्मिक उन्माद पैदा कर धर्म एवं भाषा के आधार पर विच्छेद करने तथा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने, अन्य धर्म के बारे में अनावश्यक टिप्पणी करने और विद्यालय वातावरण तथा बच्चों के आत्माबोध पर कुठाराघात करने के दोषी पाए गए।
निलंबित के बाद विद्यालय में बलेश कुमार को प्रभारी प्रधानाध्यापक बना दिया गया था लेकिन उनके द्वारा भी चिकित्सा अवकाश ले लिया गया और अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं किया गया और न ही धार्मिक उन्माद जैसे कृत्यों को रोकने का प्रयास किया गया।
जिसके चलते बलेश कुमार को भी निलंबित कर दिया गया।
धार्मिक अनुवाद फैलाने वाले प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद तथा सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित त्रि सदस्यीय समिति की जांच के बाद उनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
जांच उपरांत संभल खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा मोहम्मद अंजार अहमद तथा मुगल एजाज के खिलाफ नखासा थाने में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत, परिवार में मचा कोहराम।

◆ पूरा मामला बहजोई थाना क्षेत्र के गांव पाठकपुर का है।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सम्भल जनपद के बहजोई कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम पाठकपुर में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पाठकपुर निवासी पूरन शर्मा (32) पुत्र गाटु शर्मा रविवार शाम बहजोई स्थित एक पेट्रोल पंप के पीछे से गुजर रही रेलवे लाइन के पास मौजूद थे। इसी दौरान वह अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। वहीं सूचना पाकर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे, जहां मृतक की हालत देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। युवक की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक पूरन शर्मा मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे, उनकी मौत से गांव में गहरा दु:ख व्याप्त है।
सूचना मिलने पर बहजोई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मृत्यु हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

भूपेंद्र चौधरी के मंत्री बनने पर घर एवं समर्थकों में जश्न का माहौल।

तीसरी बार मंत्री बनने पर भूपेंद्र चौधरी के घर बधाई देने वालों का तांता।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र चौधरी के तीसरी बार मंत्री पद की शपथ लेते ही मुरादाबाद में उत्साह का माहौल बन गया। भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और शुभचिंतकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए जमकर जश्न मनाया। भाजपा कार्यालय से लेकर उनके आवास तक बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
भाजपा कार्यालय पर जुटे कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटी और ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की और “भूपेंद्र चौधरी जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंज उठा। कई कार्यकर्ता देर रात ही लखनऊ पहुंच गए थे, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के बाद भूपेंद्र चौधरी को शुभकामनाएं दीं।
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके आवास पर सुबह से ही शुभचिंतकों का आना-जाना लगा रहा। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया और सफल कार्यकाल की कामना की। समर्थकों का कहना है कि भूपेंद्र चौधरी के मंत्री बनने से क्षेत्र के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और संगठन को भी मजबूती मिलेगी।
भूपेंद्र चौधरी मूल रूप से मुरादाबाद जनपद के छजलैट थाना क्षेत्र स्थित महेंद्री सिकंदरपुर गांव के निवासी हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वर्ष 2017 में योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें पंचायती राज और लोक निर्माण विभाग (PWD) की जिम्मेदारी मिली थी। इसके बाद योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया।
अब तीसरी बार मंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि भूपेंद्र चौधरी के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का लाभ प्रदेश को लगातार मिलता रहेगा।

रामबाग धाम में जुटे ट्रस्टी, चुनाव सम्पन्न कराने वालों का हुआ सम्मान।

ट्रस्ट की बैठक में संगठन विस्तार, शिक्षा व विकास पर दिया गया जोर।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। शनिवार को चंदौसी स्थित श्री बारहसैनी सेवा सदन रामबाग धाम में श्री बारहसैनी रामलीला एवं रामबाग ट्रस्ट की साधारण सभा आयोजित की गई। सभा की शुरुआत ईश वंदना के साथ हुई। इस दौरान 19 अप्रैल 2026 को सम्पन्न ट्रस्ट चुनाव को शांतिपूर्ण एवं सफल तरीके से संपन्न कराने वाले निर्वाचन अधिकारियों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से निर्वाचन अधिकारी मोरमुकुट वार्ष्णेय, सहायक निर्वाचन अधिकारी सुशील कुमार वार्ष्णेय (SBI) और सुरेश चन्द्र वार्ष्णेय (SBI) सहित मतदान एवं मतगणना में सहयोग करने वाले सदस्यों को सम्मान प्रदान किया गया।

प्रधान मौसम गुप्ता के नेतृत्व में ट्रस्ट के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग ट्रस्टियों को स्मृति चिन्ह और रामचरित मानस भेंट कर सम्मानित किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 1 जून से सामान्य प्रक्रिया के तहत नए सदस्य बनाए जाएंगे। साथ ही रामबाग बाल विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने के लिए जल्द योजना बनाकर कार्य शुरू किया जाएगा।
सभा की अध्यक्षता प्रधान मौसम गुप्ता ने की, जबकि संचालन मंत्री अमित केएस ने किया।
कार्यक्रम में दीपक गुप्ता दाल वाले, गौरव वार्ष्णेय, राकेश चन्द्र आर्य, गौरव वार्ष्णेय, अंकित वार्ष्णेय, प्रतीक वार्ष्णेय किट्टू, गणेश चौधरी, मयंक वार्ष्णेय चिंकल, मनोज कुमार श्याम, मनोज कुमार शोभाराम, कौशल किशोर वन्देमातरम, रितिक वार्ष्णेय, प्रमोद कुमार गांधी, मोहित वार्ष्णेय शक्ति भोग, किंग वार्ष्णेय, रजनीश कुमार वार्ष्णेय, दीपांशु वार्ष्णेय, यश गुप्ता किराना, हिमांशुल वार्ष्णेय हिम्मी, अजय वार्ष्णेय, स्पर्श वार्ष्णेय काका, अभय कुमार वार्ष्णेय, करन वार्ष्णेय डेक्रो और प्रदीप वार्ष्णेय ठेकेदार समेत कई लोग मौजूद रहे।
जहां फूल प्रकाश वार्ष्णेय, अखिलेश कुमार खिलाड़ी, हरिगोपाल वार्ष्णेय, दिनेश चंद्र भगत जी, मधुर कुमार वार्ष्णेय, कमल किशोर गुप्ता, देवेश नाथ वार्ष्णेय और नरेश कुमार गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखे और ट्रस्ट के विकास को लेकर सुझाव दिए।

संभल में निजी स्कूलों पर प्रशासन का शिकंजा, 15 स्कूलों को फीस लौटाने का आदेश।

◆ फीस रिफंड आदेश के बाद अभिभावकों में खुशी, प्रशासन का जताया आभार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 निजी स्कूलों को अतिरिक्त वसूली गई फीस वापस करने के आदेश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
जिले के निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और मनमानी वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों की फीस संरचना की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि 14 सीबीएसई और एक आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध कुल 15 विद्यालयों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 में शासन द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक कम्पोजिट शुल्क वसूला।

तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में 30 अप्रैल 2026 को आयोजित जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में पूरे मामले की गहन समीक्षा की गई। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। स्कूल प्रबंधन द्वारा लिखित प्रत्यावेदन प्रस्तुत किए गए, लेकिन 2 मई 2026 को सुनवाई के बाद सभी प्रत्यावेदन खारिज कर दिए गए। इसके बाद प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा कि छात्रों से अधिक वसूली गई फीस वापस की जाए।
प्रशासन के निर्देश के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2026-27 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की आगामी फीस में अतिरिक्त वसूली गई राशि का समायोजन किया जाएगा। वहीं, जो छात्र विद्यालय छोड़ चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त धनराशि सीधे वापस करनी होगी।
जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 एवं संशोधन अधिनियम 2020 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आदेश का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को आदेश का कड़ाई से पालन कराने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का अभिभावकों ने स्वागत किया है। अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस बढ़ाकर आर्थिक बोझ डाल रहे थे, लेकिन अब प्रशासन की पहल से उन्हें बड़ी राहत मिली है। कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में उठाया गया सराहनीय कदम बताया।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुरादाबाद मंडल की उम्मीदें तेज।

मंत्रिमंडल विस्तार में भूपेंद्र चौधरी का पलड़ा भारी, कुंदरकी से रामवीर सिंह भी रेस में।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तीन राज्यों में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए इस बार मुरादाबाद मंडल को भी अहम हिस्सेदारी मिल सकती है।
मुरादाबाद मंडल से मंत्री बनने की दौड़ में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ और पार्टी नेतृत्व के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी को काफी मजबूत माना जा रहा है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही भूपेंद्र चौधरी के मंत्रिमंडल में तीसरी बार शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
इसके अलावा भाजपा एमएलसी अशोक कटारिया का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें भी संभावित चेहरा माना जा रहा है।
वहीं, उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह की दावेदारी भी चर्चा में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुंदरकी में भाजपा का परचम लहराने का इनाम उन्हें मंत्री पद के रूप में मिल सकता है। क्षेत्रीय और पिछड़े वर्ग के समीकरणों को देखते हुए उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
मंडल से चौथे प्रमुख चेहरे के रूप में बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह का नाम सामने आ रहा है। वह पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के पुत्र हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सैनी, अमरोहा जिले की मंडी धनौरा सीट से दूसरी बार विधायक बने राजीव तरारा समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। मंडल में सैनी बिरादरी की अच्छी संख्या को देखते हुए सत्यपाल सैनी की दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में मुरादाबाद मंडल से रामपुर के बिलासपुर विधायक बलदेव सिंह औलख और चंदौसी विधायक गुलाब देवी को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। वहीं भूपेंद्र चौधरी भी मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे, लेकिन बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुरादाबाद, अमरोहा और बिजनौर जिले का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है।
ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में मुरादाबाद मंडल की भागीदारी बढ़ने की उम्मीदों ने क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। हालांकि अभी तक पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इक़बाल महमूद का सरकार पर हमला, कहा- देश में खत्म हो रहा प्रजातंत्र।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं संभल से विधायक इक़बाल महमूद ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। शनिवार शाम अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था लगातार कमजोर की जा रही है और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है।
इक़बाल महमूद ने पश्चिम बंगाल के चुनावी हालात पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां निष्पक्ष चुनाव नहीं हुए, बल्कि वोटों की “लूट” हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया। उनका दावा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुनाव के दौरान भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए और लाखों लोगों को मतदान करने से रोका गया।
सपा विधायक ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को हटाकर भाजपा समर्थक लोगों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि देश में अब लोगों के मतदान के अधिकार तक छीने जा रहे हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
इक़बाल महमूद ने भाजपा की लगातार चुनावी सफलता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “भगवा रंग लगातार गहरा होता जा रहा है”, जो लोकतांत्रिक संतुलन के लिए ठीक संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट होना होगा और जो भी दल भाजपा को हराने की स्थिति में होगा, समाजवादी पार्टी उसका समर्थन करने के लिए तैयार है।
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरी तैयारी में जुटी है और भाजपा के खिलाफ रणनीति तैयार की जा रही है। तमिलनाडु की राजनीति का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए।
इंडिया गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर सपा विधायक ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष दलों का उद्देश्य भाजपा जैसी सांप्रदायिक ताकतों को रोकना है और इसके लिए गठबंधन किसी भी दल को समर्थन दे सकता है।
इक़बाल महमूद के इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

पत्रकारों ने स्वगणना कर, दिया जागरूकता का संदेश।

डीआईओ कार्यालय पर अपने सोशल अकाउंट्स पर साझा किए फोटो।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जिलाधिकारी के निर्देशन में 7 मई से 21 मई तक चल रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार को जिला सूचना कार्यालय परिसर में स्व-गणना को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के पत्रकारों ने अपने-अपने घरों की लोकेशन पर की गई स्व-गणना के फोटो सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर आमजन को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार के नेतृत्व में सभी पत्रकार एकत्रित हुए और स्व-गणना प्रक्रिया को अपनाते हुए लोगों को डिजिटल माध्यम से जनगणना में सहभागिता करने का संदेश दिया। पत्रकारों ने कहा कि स्व-गणना से नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

जिला सूचना अधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि नागरिक बढ़-चढ़कर इसमें भाग लें और सही आंकड़े उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर जितेंद्र पाल, अंकित कुमार, वीरपाल सिंह, शिवकुमार कुशवाह, त्रिभुवन शर्मा, योगेश गुप्ता, महेंद्र कुमार, अंशुल, अंकुर, प्रदीप गुप्ता, सचिन सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।