◆ चंदौसी में हुआ सम्मान समारोह, बोले- कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए याद किए जाएंगे सीओ दीपक तिवारी।
प्रवाह ब्यूरो संभल। जनपद से स्थानांतरित हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) दीपक तिवारी को ब्राह्मण सभा संगठन द्वारा एक गरिमामय एवं भावपूर्ण समारोह में विदाई दी गई। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया तथा उनके सफल कार्यकाल की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सीओ दीपक तिवारी ने अपने कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, अपराध नियंत्रण तथा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संवेदनशील और सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर जनविश्वास को मजबूत करने का कार्य किया, जिसके कारण वे लोगों के बीच एक लोकप्रिय और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचान बनाने में सफल रहे।
वक्ताओं ने कहा कि उनकी कार्यशैली में अनुशासन, निष्पक्षता और जनसेवा की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी। यही कारण है कि उनके स्थानांतरण की खबर से क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भावनात्मक माहौल देखने को मिला। ब्राह्मण सभा संगठन ने उनके कार्यकाल को यादगार बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान का प्रयास किया। अपने सम्मान से अभिभूत सीओ दीपक तिवारी ने ब्राह्मण सभा संगठन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चंदौसी में बिताया गया समय उनके लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि जनता, सामाजिक संगठनों और पुलिस विभाग के सहयोग से ही वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सके। उन्होंने क्षेत्रवासियों से मिले स्नेह और सम्मान को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर सफलता की कामना की। पूरे समारोह का वातावरण भावनाओं से ओत-प्रोत रहा और लोगों ने उनके कार्यों को याद करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर बनबारी लाल पाठक, लोकेंद्र शर्मा, सुधांशु शर्मा, विवेक मिश्रा सहित ब्राह्मण सभा संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
◆ फरियादियों को बड़ी राहत, शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण।
प्रवाह ब्यूरो बदायूं। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और पुलिस-जन संवाद को मजबूत बनाने के लिए बदायूं पुलिस ने एक महत्वपूर्ण और अभिनव पहल की शुरुआत की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने फरियादियों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित जनसुनवाई व्यवस्था लागू की है। विश्व प्रवाह को मिली विशेष जानकारी के अनुसार, 11 जून से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक जिले के सभी थानों को एसएसपी कार्यालय से जोड़ा जाएगा। इस दौरान शिकायतकर्ता अपने संबंधित थाने पर पहुंचकर थाना प्रभारी की मौजूदगी में सीधे एसएसपी के समक्ष अपनी शिकायत और समस्याएं रख सकेंगे।
इस नई व्यवस्था की खास बात यह है कि जनसुनवाई के दौरान जिले के सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी भी ऑनलाइन जुड़े रहेंगे, जिससे शिकायतों पर तत्काल चर्चा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी। इससे मामलों के निस्तारण में तेजी आने के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। एसएसपी अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं होगी। जनसुनवाई के दौरान कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाएं, प्रार्थना पत्रों और जनशिकायतों की प्रगति की भी नियमित समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे तथा उनकी कार्यप्रणाली की सतत निगरानी की जाएगी। पुलिस विभाग की यह डिजिटल पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी। अब फरियादियों को अपनी बात जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारी तक पहुंचाने के लिए मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उनका स्थानीय थाना ही “डिजिटल एसएसपी कार्यालय” की भूमिका निभाएगा। एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर अपने संबंधित थाने पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज कराएं, ताकि समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
■ प्रवाह के लिए बदायूँ से हिमालय शर्मा की रिपोर्ट…
◆ कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सराहे गए स्थानांतरित अधिकारी, विदाई समारोह में गूंजे प्रशंसा के स्वर।
◆ सीओ असमोली, गुन्नौर व चन्दौसी को एसपी ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित।
प्रवाह ब्यूरो संभल। जनपद में अपनी सेवाओं के दौरान उत्कृष्ट कार्यों और कुशल नेतृत्व के लिए पहचान बनाने वाले तीन क्षेत्राधिकारियों को उनके गैर जनपद स्थानांतरण के अवसर पर गरिमामय विदाई दी गई। पुलिस विभाग की ओर से आयोजित समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
विदाई समारोह में क्षेत्राधिकारी असमोली डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी गुन्नौर आलोक सिद्धू तथा क्षेत्राधिकारी चन्दौसी दीपक कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह एवं अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) मनोज कुमार रावत सहित पुलिस विभाग के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने स्थानांतरित अधिकारियों के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, अपराध नियंत्रण तथा जनसामान्य के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने उनके समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान भावुक माहौल देखने को मिला। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्थानांतरित क्षेत्राधिकारियों के साथ बिताए गए अनुभव साझा किए तथा उनके आगामी दायित्वों के सफल निर्वहन की कामना की। अंत में सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
◆ गुन्नौर के खलीलपुर से निकला वैज्ञानिक सितारा, शोध और नवाचार से रचा इतिहास।
◆ संभल के लाल की उपलब्धि पर जश्न, लोगों ने बांटी मिठाइयां और दी शुभकामनाएं।
प्रवाह ब्यूरो संभल। जनपद संभल की गुन्नौर तहसील के ग्राम खलीलपुर के रहने वाले डॉ. अशोक कुमार ने अपनी प्रतिभा, कठोर परिश्रम और शोध कार्यों के दम पर न केवल अपने परिवार एवं क्षेत्र, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को वैश्विक पहचान मिली है। प्रतिष्ठित वैश्विक वैज्ञानिक मूल्यांकन संस्था स्कॉलर जीपीएस (ScholarGPS) द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में डॉ. अशोक कुमार का नाम दुनिया के शीर्ष चिकित्सक-वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि न केवल डॉ. अशोक कुमार के लिए बल्कि पूरे संभल जनपद, उत्तर प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में अपनी पहचान बनाना उनकी असाधारण प्रतिभा, समर्पण और अथक मेहनत का परिणाम है।
वर्तमान में एम्स भोपाल के जैवरसायन (बायोकेमिस्ट्री) विभाग में कार्यरत डॉ. अशोक कुमार चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने अनेक उच्च स्तरीय शोध कार्यों के माध्यम से चिकित्सा विज्ञान को नई दिशा देने का प्रयास किया है। उनके शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और उनके कार्यों को वैश्विक स्तर पर व्यापक रूप से उद्धृत किया गया है। स्कॉलर जीपीएस की प्रतिष्ठित रैंकिंग शोध प्रकाशनों, वैज्ञानिक उद्धरणों, अकादमिक प्रभाव और अनुसंधान की गुणवत्ता जैसे कड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर स्थान प्राप्त करना किसी भी वैज्ञानिक के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। डॉ. अशोक कुमार का इस सूची में शामिल होना यह साबित करता है कि उनका शोध कार्य चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। जैसे ही डॉ. अशोक कुमार की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर उनके पैतृक गांव खलीलपुर पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, शुभचिंतकों और परिजनों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर लोगों ने फल एवं मिठाइयां वितरित कर डॉ. अशोक कुमार को शुभकामनाएं दीं और उनकी सफलता को पूरे जिले का सम्मान बताया।
गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने कहा कि डॉ. अशोक कुमार ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। लगन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकता है। एक साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले डॉ. अशोक कुमार आज क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गए हैं। उनके परिजनों का कहना है कि बचपन से ही उनमें शिक्षा और विज्ञान के प्रति विशेष रुचि थी। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और लगातार मेहनत करते हुए सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते गए। क्षेत्र के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी उनकी इस उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया है। उनका मानना है कि डॉ. अशोक कुमार की सफलता ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला प्रदान करेगी। इस वैश्विक उपलब्धि में एम्स भोपाल के कुल दस चिकित्सक-वैज्ञानिकों ने अपनी जगह बनाई है। इनमें डॉ. जगत आर. कंवर, डॉ. रजनीश जोशी, डॉ. अभिजीत पखारे, डॉ. अंकुर जोशी, डॉ. देबाशीष बिस्वास, डॉ. सुखेस मुखर्जी, डॉ. अस्विन कोटनिस, डॉ. अभिनव सिंह, डॉ. वरुण मल्होत्रा तथा डॉ. अशोक कुमार के नाम शामिल है। इन वैज्ञानिकों की उपलब्धियों ने एम्स भोपाल को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई पहचान दिलाई है। संस्थान लगातार अनुसंधान, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। डॉ. अशोक कुमार की इस सफलता ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में संभल जनपद को एक नई पहचान प्रदान की है। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि ग्रामीण भारत की प्रतिभाएं भी विश्व मंच पर अपना परचम लहरा सकती हैं। आज पूरा संभल अपने इस सपूत की सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। डॉ. अशोक कुमार की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और युवाओं को शिक्षा, अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती रहेगी। उनकी सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति विश्व स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।
■ प्रवाह के लिए संभल से ‘हिमालय शर्मा’ की रिपोर्ट…
◆ 6 कुंतल 28 किलो मादक पदार्थ के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार।
◆ गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से संभल को खिरनी उतरे थे तस्कर।
प्रवाह ब्यूरो संभल। संभल के कैला देवी थाना पुलिस ने मेरठ की तरफ से गंगा एक्सप्रेसवे से होकर आ रहे कंटेनर के संभल की तरफ एक्सप्रेसवे से उतरने पर मुखबिर की सूचना पर 6 कुंतल 28 किलो मादक पदार्थ के साथ चार तस्कर गिरफ्तार कर लिए।कंटेनर में बरामद मादक पदार्थ की कीमत 1.68 करोड़ रुपए बताई गई है। जहां चारों के खिलाफ कैलादेवी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। संभल के कैला देवी थाना पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ की तरफ से आ रहे बंद बॉडी कंटेनर को संभल की तरफ जाते समय खिरनी के नजदीक जिओ पेट्रोल पंप पर खड़े होने पर कंटेनर सहित 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बंद बॉडी कंटेनर ट्रक में ट्रांसपोर्ट सामान के बीच में एसिडिक और एनहाइड्रिक जो की एक मादक पदार्थ है जिसकी तस्करी की जा रही थी। कंटेनर में तलाशी लेने पर भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ जिसका वजन 6 कुंतल 28 किलो था।जहां पुलिस ने चारों आरोपियों नखासा थाना क्षेत्र के लखोरी गांव निवासी मदनपाल पुत्र हरिश्चंद्र, नखासा के ही कालाखेड़ा निवासी मोहम्मद नाजिम पुत्र अब्दुल रशीद, बरेली के फतेहगंज थाना अंतर्गत बिटौली गांव निवासी राजपाल पुत्र तोताराम तथा बदायूं के सहसवान थाना अंतर्गत शोएब पुत्र शफीक चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। जिनके पास से एक कंटेनर ट्रक के साथ 9 प्लास्टिक के नीले रंग के पीपे अर्थात छोटे ड्रम, एक सफेद ड्रम जिसमें मादक पदार्थ एसीटिक एनहाईड्राइड प्रीकर्सर भरा हुआ था। जिसका वजन 628 किलोग्राम था। 200 बॉक्स तथा चार मोबाइल भी बरामद किए गए। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह मादक पदार्थ ट्रांसपोर्ट में छुपा कर ले जा रहे थे जिसका उपयोग हम लोग स्मैक हेरोइन बनाने में करते हैं। आरोपियों ने बताया कि हम लोग सस्ते दामों में संयुक्त रूप से पैसा लगाकर खरीदते हैं और ट्रांसपोर्ट के माध्यम से ऐसे ही ट्रक में छुपा कर लाते हैं। अपराधिक इतिहास में देखा गया तो इन पर बाराबंकी, गाजियाबाद तथा संभल और बरेली में अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज हैं। जहां कैला देवी थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया।
◆ सपा विधायक ब्रजेश यादव ने फीता काटकर किया टूर्नामेंट का शुभारंभ।
प्रवाह ब्यूरो बदायूँ। ग्रामीण क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्राम खंडुआ में आयोजित “भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट-2026” का शुक्रवार को शानदार शुभारंभ हुआ। दमनीनगर रोड स्थित श्री बालाजी भट्टा के निकट मैदान पर आयोजित टूर्नामेंट का उद्घाटन मुख्य अतिथि सपा विधायक ब्रजेश यादव ने फीता काटकर किया। उद्घाटन अवसर पर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की भारी भीड़ मौजूद रही।
इस अवसर पर विधायक ब्रजेश यादव ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की प्रतियोगिताएं प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करती हैं, जिससे वे भविष्य में बड़े मंचों तक पहुंच सकते हैं।
आयोजकों ने बताया कि टूर्नामेंट में क्षेत्र की कई क्रिकेट टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रवेश शुल्क 2100 रुपये निर्धारित किया गया है। टूर्नामेंट को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उद्घाटन मैच के दौरान मैदान पर रोमांचक माहौल बना रहा और दर्शकों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। टूर्नामेंट की सबसे बड़ी विशेषता विजेता टीम के लिए घोषित आकर्षक पुरस्कार है। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता जीतने वाली टीम को लगभग 31 हजार रुपये मूल्य की इलेक्ट्रिक स्कूटी पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। इस घोषणा के बाद खिलाड़ियों में खिताब जीतने को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। खेल प्रेमियों का मानना है कि इस तरह के आकर्षक पुरस्कार ग्रामीण क्षेत्र में खेल गतिविधियों को नई पहचान देने का कार्य करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष सचिन यादव ने बताया कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना तथा उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। वहीं महामंत्री चौधरी यादव और कोषाध्यक्ष सुरजीत यादव सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्य टूर्नामेंट के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के सुचारु संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जिनमें क्षेत्र के युवा एवं गणमान्य नागरिक सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्र की सभी क्रिकेट टीमों से अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता को सफल बनाने की अपील की। उद्घाटन मैच के साथ ही टूर्नामेंट का रोमांचक सफर शुरू हो गया है। आगामी दिनों में होने वाले मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीण अंचल में आयोजित यह प्रतियोगिता खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
प्रवाह ब्यूरो संभल। पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया घटनाक्रम को लेकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला है। संभल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का सपना देख रहे थे, आज वे भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन अत्याचारों और जनभावनाओं की अनदेखी का परिणाम है, जो वर्षों से पश्चिम बंगाल में देखने को मिली हैं। रविवार देर रात संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में आयोजित एक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने मीडिया से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ हो रहा है, वह अचानक नहीं है बल्कि लंबे समय से धधक रहे जनाक्रोश का परिणाम है। उन्होंने कहा, “मुझे यह तो पहले से मालूम था कि पश्चिम बंगाल की जनता टीएमसी नेताओं का सम्मान करेगी, लेकिन इतनी जल्दी उनकी इज्जत अफजाई शुरू हो जाएगी, यह नहीं सोचा था।” आचार्य ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने कई बड़े नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब अपने तरीके से जवाब दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता का मूड बदल चुका है और यह बदलाव उन नेताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है, जिन्होंने वर्षों तक हिंदू समाज की भावनाओं की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के कथित “सम्मान समारोह” की खबरों ने दिल्ली में बैठे उन नेताओं को भी डरा दिया है, जो लगातार भारत विरोधी और सनातन विरोधी राजनीति करते रहे हैं। आगे बोलते हुए आचार्य कृष्णम् ने कहा कि जो लोग हिंदू धर्म, सनातन संस्कृति और देश की परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश करते रहे, वे अब पश्चिम बंगाल के बदलते राजनीतिक माहौल से भयभीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति कर हिंदू समाज की उपेक्षा की, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है। अपने संबोधन में आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि किसी भी समाज या राजनीतिक दल को उसके कर्मों का फल अवश्य मिलता है। उन्होंने कहा, “कांटे बोए बबूल के, तो आम कहां से खाए?” यह वही परिणाम है जो जनता के साथ अन्याय और अत्याचार करने पर सामने आता है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के साथ हुए कथित अत्याचारों और सनातन विरोधी बयानों को जनता ने गंभीरता से लिया है और अब उसका असर दिखाई देने लगा है। ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर भी की टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि वर्तमान राजनीति में विचारधारा और जनहित पीछे छूट गए हैं, जबकि सत्ता प्राप्ति की होड़ सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल केवल सत्ता के सिंहासन तक पहुंचने की रणनीति में लगे हुए हैं और जनता की वास्तविक समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं रहा है। दुर्गा कॉलोनी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। जहां उनके संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया।
◆ पीड़ित परिवार का दावा: गलत टेस्ट कोड दर्ज करने के कारण समय पर नहीं मिल सकी डॉ. लाल पैथलैब रिपोर्ट।
◆ लैब पर आरोपों के बीच पीड़िता ने डीएम व सीएमओ से लगाई गुहार।
प्रवाह ब्यूरो अलीगढ। यूपी एक अलीगढ में एक निजी पैथोलॉजी लैब पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगने से स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही शिकायत के अनुसार, डॉ. लाल पैथलैब की कथित तकनीकी गलती के कारण जनपद संभल के तहसील गुन्नौर के बहीपुर निवासी एक 35 वर्षीय महिला मरीज मीना की महत्वपूर्ण हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट पिछले 10 दिनों से लंबित है, जिससे उसके इलाज में देरी हो रही है और स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। संभल के गुन्नौर तहसील निवासी पीड़ित परिवार का आरोप है कि लैब में “रॉन्ग टेस्ट कोड” दर्ज होने की वजह से रिपोर्ट समय पर तैयार नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट में देरी के कारण डॉक्टरों को उपचार शुरू करने में कठिनाई हो रही है, जिससे मरीज के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
परिवार का दावा है कि उन्होंने कई बार लैब प्रबंधन से संपर्क किया, लेकिन हर बार टालमटोल होती रही और समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ। आरोप है कि जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय लैब प्रबंधन मामले को टालने का प्रयास कर रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि संबंधित मरीज रीढ़ और हड्डियों से जुड़ी गंभीर बीमारी (प्लाज्मा सेल संबंधी रोग) से पीड़ित है। ऐसे मामलों में समय पर जांच रिपोर्ट और उपचार को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर रोगों में प्रत्येक दिन मरीज की स्थिति पर प्रभाव डाल सकता है, इसलिए जांच रिपोर्ट में अनावश्यक देरी चिंता का विषय है।
परिजनों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे मामले की शिकायत जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा उपभोक्ता आयोग में करेंगे। वहीं पीड़िता के पति का कहना है स्वास्थ्य सेवाओं में हुई कथित लापरवाही के लिए संबंधित संस्था की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक संबंधित लैब प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मामले की वास्तविक स्थिति और जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। खैर जो भी हो, यह बाद की बात है लेकिन वर्तमान में यह मामला एक बार फिर निजी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता नियंत्रण, मरीजों के अधिकार और समयबद्ध रिपोर्टिंग जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ले आया है।
◆ तीन नामों के पैनल में योगी सरकार ने राजीव कृष्ण पर जताया भरोसा, DGP पद के लिए दी मंजूरी।
◆ 4 साल के लंबे इंतजार के बाद, स्थायी नेतृत्व के साथ नई दिशा में दिखेगी यूपी पुलिस।
प्रवाह ब्यूरो लखनऊ। उत्तर प्रदेश को करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपना नया स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिल गया है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा भेजे गए पैनल पर मंथन के बाद मुख्यमंत्री ने उनके नाम को अंतिम मंजूरी दे दी है। गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के मूल निवासी राजीव कृष्ण का जन्म 26 जून 1969 को हुआ था। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा में प्रवेश किया। वह 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और 15 सितंबर 1991 को सेवा में नियुक्त हुए थे।
अपने 35 वर्षों के शानदार पुलिस करियर में राजीव कृष्ण ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वर्ष 2007 में उन्हें पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG), 2010 में पुलिस महानिरीक्षक (IG), 2016 में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) और 1 फरवरी 2024 को पुलिस महानिदेशक (DGP) रैंक में पदोन्नत किया गया था। उनकी प्रशासनिक दक्षता और कानून-व्यवस्था पर मजबूत पकड़ के चलते उन्हें प्रदेश की पुलिस व्यवस्था का सर्वोच्च दायित्व सौंपा गया है।
स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए यूपीएससी ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों—रेणुका मिश्रा (1990 बैच), पियूष आनंद (1990 बैच) और राजीव कृष्ण (1991 बैच)—के नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था। इनमें से राजीव कृष्ण के नाम पर अंतिम मुहर लगी और उनकी नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी स्थायी डीजीपी को न्यूनतम दो वर्ष का कार्यकाल दिया जाना आवश्यक है। राजीव कृष्ण जून 2029 में सेवानिवृत्त होंगे, ऐसे में उन्हें प्रदेश के पुलिस मुखिया के रूप में लंबा और स्थिर कार्यकाल मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि 11 मई 2022 को तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को पद से हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश में लगातार कार्यवाहक डीजीपी ही नियुक्त किए जाते रहे। ऐसे में राजीव कृष्ण की नियुक्ति से प्रदेश पुलिस को एक स्थायी नेतृत्व मिला है, जिससे कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
◆ पुण्य की डुबकी लगाने गंगा घाटों पर पहुंचे लाखों श्रद्धालु, सुरक्षा में मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन।
प्रवाह ब्यूरो संभल। ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को संभल जनपद के गंगा तटों पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पुण्य लाभ की कामना लेकर संभल समेत आसपास के कई जनपदों से लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों पर पहुंचे और श्रद्धापूर्वक गंगा स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का गंगा घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की। घाटों पर “हर-हर गंगे” और “गंगा मैया की जय” के जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। तहसील गुन्नौर क्षेत्र के राजघाट गंगा, सिसौना डांडा, श्रीविष्णु देव घाट, हरिबाबा बांध सहित अस्थायी असदपुर और सांकराघाट पर दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बुलंदशहर, बदायूं, अलीगढ़, बरेली और रामपुर समेत कई जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। थाना जुनावई प्रभारी धीरज सिंह, गुन्नौर थाना प्रभारी संजय कुमार, बबराला थाना प्रभारी सौरभ त्यागी तथा रजपुरा थाना प्रभारी संदीप चौधरी पुलिस बल के साथ घाटों पर सक्रिय दिखे। अधिकारी लगातार निगरानी कर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। गंगा स्नान के चलते संभल-अनूपशहर मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। इसके बावजूद प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए। राजघाट और सिसौना डांडा गंगा घाट पर लगे मेलों में भी श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना तथा दान-पुण्य करने से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ माह की भीषण गर्मी को देखते हुए जल, छाता, पंखा और अन्न का दान विशेष पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा श्रवण, लक्ष्मी व्रत तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर गंगा तटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर सनातन आस्था की विराटता का परिचय दिया।