दिल्ली से देशभर तक बदलेगी टोल व्यवस्था, नई SOP से सफर होगा आसान।

लंबी कतारों से मिल सकती है छुट्टी, यात्रियों को मिलेगी राहत।

प्रवाह ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर में हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा स्थापित करने को लेकर नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है। इस नए नियम का उद्देश्य वाहन चालकों पर बार-बार पड़ने वाले टोल शुल्क के बोझ को कम करना और यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
सूत्रों के मुताबिक, अब किसी भी नए राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर 60 किलोमीटर की दूरी से पहले नया टोल प्लाजा स्थापित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए एक हाई-लेवल टोल कमेटी का भी गठन किया है।
नई SOP के तहत सबसे अहम बदलाव यह है कि दो टोल प्लाजा के बीच कम से कम 60 किलोमीटर की दूरी अनिवार्य होगी। हालांकि, यदि किसी विशेष परिस्थिति में इससे कम दूरी पर टोल प्लाजा बनाने की आवश्यकता होती है, तो संबंधित एजेंसी को उच्च स्तरीय समिति से विशेष मंजूरी लेनी होगी।
सरकार ने शहरी क्षेत्रों के लिए भी सख्त प्रावधान किए हैं। नए नियमों के अनुसार नगर निगम या शहर की सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा स्थापित करने पर भी कड़ी पाबंदी रहेगी।
NHAI के कमर्शियल ऑपरेशन मेंबर की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी इस बात की निगरानी करेगी कि यात्रियों को बार-बार टोल शुल्क का आर्थिक दबाव न झेलना पड़े।
हालांकि, वर्तमान में देशभर में 130 से अधिक ऐसे स्थान मौजूद हैं जहां 60 किलोमीटर से कम दूरी पर दो टोल प्लाजा स्थित हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था का प्रभाव मुख्य रूप से भविष्य में बनने वाले नए हाईवे और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर पड़ेगा।
उधर, राजधानी दिल्ली में भी टोल व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया जा रहा है। दिल्ली नगर निगम ने शहर के सभी 156 टोल नाकों पर बैरियर-फ्री मल्टी लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि नई तकनीक लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम में कमी आएगी और रोजाना लाखों यात्रियों का सफर पहले से ज्यादा आसान और तेज हो सकेगा। यह बदलाव आने वाले समय में देश की सड़क यात्रा व्यवस्था में एक बड़ा सुधार साबित हो सकता है।

Leave a comment