डिबाई की बेटी आँचल माहेश्वरी बनीं वैज्ञानिक, BARC मुंबई में हुआ चयन।

◆ सेल्फ स्टडी से हासिल की बड़ी सफलता, परिवार और नगर में खुशी की लहर।

सेल्फ स्टडी से वैज्ञानिक बनने तक का सफर, आँचल बनीं युवाओं के लिए प्रेरणा।

प्रवाह ब्यूरो
बुलंदशहर। कहते हैं कि जब इंसान दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है, तो सफलता उसके कदम चूमती है। इस बात को डिबाई के पंकज माहेश्वरी की होनहार बिटिया आँचल माहेश्वरी ने अपनी उपलब्धि से सच साबित कर दिखाया है।
बेटी आँचल माहेश्वरी ने अपनी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 24 वर्षीय आँचल का चयन देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों में शामिल भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई में Scientific Officer-C पद पर हुआ है। उनकी इस सफलता से परिवार सहित पूरे नगर में खुशी की लहर दौड़ गई है और लोग उनके आवास पर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं।
खास बात यह है कि आँचल ने यह उपलब्धि पूरी तरह सेल्फ स्टडी के बल पर हासिल की है। उन्होंने तैयारी के लिए किसी भी प्रकार की कोचिंग का सहारा नहीं लिया। BARC की प्रवेश परीक्षा और साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन हुआ है। इस चयन प्रक्रिया में रैंक जारी नहीं की जाती, बल्कि सीधे चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी की जाती है।
आँचल 26 जुलाई 2026 को अपनी सेवाएं ज्वॉइन करेंगी। उनकी इस उपलब्धि पर विधायक सीपी सिंह ने भी खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
आँचल के पिता पंकज माहेश्वरी व्यवसायी हैं, जबकि माता आरती माहेश्वरी गृहिणी और समाजसेवी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा एटॉमिक एनर्जी सेंट्रल स्कूल, नरौरा से हुई, जहां उन्होंने हाईस्कूल में 9.4 सीजीपीए प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, कोटा से इंटरमीडिएट में 80.6 प्रतिशत अंक हासिल किए। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET), लखनऊ से बीटेक किया, जिसमें उनका 8.12 सीजीपीए रहा।
आँचल की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2026 में उनका चयन आईआईटी (बीएचयू), वाराणसी में एमटेक के लिए भी हुआ है। आँचल के माता-पिता का कहना है कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। आँचल की यह सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है और उन्होंने साबित कर दिया कि स्पष्ट लक्ष्य और सच्ची मेहनत से बिना कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

Leave a comment