
◆ बोले- चंपत राय चंदा लेकर चंपत हो गया, यह एक गैंग है, हमारे चंदे का सरकार हिसाब दे।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जनपद के बहजोई कस्बे में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा चोरी के आरोपों को लेकर इसे एक “गैंग” की गतिविधि बताया और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
टिकैत ने कहा कि इस कथित गैंग से यह पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने कितनी राशि और किस प्रकार से चोरी की। उन्होंने दान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे “झूठ” बताया और कहा कि यह एक पूरी “चेन” है, जिसमें बदलाव की जरूरत है। साथ ही उन्होंने सरकार से अपने दिए गए चंदे का हिसाब भी मांगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग गाय और तिरंगे के नाम पर काम करने का दावा करते हैं, लेकिन उनका कोई वास्तविक उद्देश्य या संवेदनशीलता नहीं है। गौशालाओं पर टिप्पणी करते हुए टिकैत ने उन्हें “जेल” की संज्ञा दी और कहा कि वहां गायें भूख से मर रही हैं। उनका कहना था कि ₹50–100 में एक पशु का एक दिन का पालन-पोषण संभव नहीं है।
प्रेस वार्ता के दौरान टिकैत ने अमेरिकी कृषि उत्पादन डील का भी विरोध किया। उन्होंने बताया कि किसान संगठन पिछले छह महीनों से इस डील के खिलाफ पंचायतें आयोजित कर रहे थे और सरकार को ज्ञापन सौंप रहे थे। उन्होंने दावा किया कि किसान संगठनों के दबाव के कारण भारत सरकार यह समझौता नहीं कर पाई और अब आगे बातचीत की बात सामने आ रही है।
नैनो उर्वरक पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इसके परिणाम संतोषजनक नहीं हैं और किसान इसे खरीदना नहीं चाहते। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह किसी बड़े नेता की कंपनी का उत्पाद है और इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
इसके अलावा, अविमुक्तेश्वरानंद की यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा कि जब लोग सत्ता में रहते हैं तो आंदोलन नहीं करते, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद ऐसे आंदोलनों में शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि “महाराज” होने के नाते उन्हें अपना कार्य करना चाहिए।
राकेश टिकैत रविवार सुबह लगभग 11:20 बजे बहजोई पहुंचे, जहां उन्होंने संगठन के साथियों से मुलाकात की और बाद में मीडिया को संबोधित किया।