◆ प्रेमजाल और शादी के झांसे देकर लोगों को बनाते थे निशाना।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल पुलिस ने हिडन कैमरे के जरिए लोगों के अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें बदनामी और झूठे मुकदमे के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरोह पहले लोगों को प्रेमजाल में फंसाता, फिर किराए के कमरों में बुलाकर गुपचुप तरीके से आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करता था। इसके बाद वीडियो वायरल करने और दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूले जाते थे। शुक्रवार को एसपी कृष्ण विश्नोई और सीओ अंकित मिश्रा के निर्देशन में थाना रजपुरा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह की सदस्य लक्ष्मी, उसके पति प्रमोद उर्फ पालू समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

पुलिस के मुताबिक देवपुरा गांव निवासी होराम सिंह ने गिरोह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि प्रमोद उर्फ पालू, उसकी पत्नी लक्ष्मी, वेदप्रकाश, वीरेन्द्र उर्फ छोटे, राजकुमार और दो अज्ञात लोगों ने उन्हें कमरे में बंद कर अश्लील वीडियो बनाया। इसके बाद वीडियो वायरल करने और दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई।
शिकायत के आधार पर थाना रजपुरा पुलिस ने बीएनएस की धारा 308(6), 126(2), 127(2) और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह कथित तौर पर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। गिरोह की सदस्य लक्ष्मी फोन पर लोगों से बातचीत करती और धीरे-धीरे उन्हें अपने विश्वास में लेकर प्रेमजाल में फंसाती थी। इसके बाद मुलाकात के लिए किराए के कमरे में बुलाया जाता था।
पुलिस के अनुसार इन कमरों में पहले से ही हिडन कैमरे लगाए जाते थे। व्यक्ति के कमरे में पहुंचने के बाद लक्ष्मी उसके साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो बनवाती थी। कैमरे में कैद तस्वीरों और वीडियो को बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बनाया जाता था। वीडियो तैयार होने के बाद कथित तौर पर पीड़ित को उसे वायरल करने तथा दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। इसके बदले मोटी रकम की मांग की जाती थी। बदनामी के डर से कई लोग कथित तौर पर पुलिस के पास जाने के बजाय रकम देने को मजबूर हो जाते थे।

पुलिस के अनुसार गिरोह की कथित रणनीति केवल प्रेमजाल तक सीमित नहीं थी। जो लोग लक्ष्मी के प्रेमजाल में नहीं फंसते थे, उन्हें शादी का झांसा दिया जाता था। आरोप है कि लक्ष्मी पैसे लेकर ऐसे लोगों से शादी करती और उनके घर चली जाती थी। तदोपरांत रात में परिवार के सो जाने के बाद वह चुपचाप घर से निकलकर वापस आ जाती थी। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को भी दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलने का आरोप है। गिरोह का खुलासा होने के बाद पुलिस अब इसके नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच टीम गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, हिडन कैमरों से बनाए गए कथित वीडियो और संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपने जाल में फंसाया और उनसे कितनी रकम वसूली।
संभल पुलिस की इस कार्रवाई से ऐसे गिरोहों के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है
