◆ आस्था के सैलाब के बीच अलर्ट रही संभल पुलिस, नवागत एसपी ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। सावन माह के अंतिम सोमवार पर कल्कि नगरी संभल पूरी तरह शिवमय नजर आई। तड़के चार बजे से ही जिले के प्रमुख शिवालयों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंजने लगे और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर तक जनपद के विभिन्न शिवालयों में पांच लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर चुके थे। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक संभल विकास चन्द्र त्रिपाठी ने थाना बहजोई क्षेत्र के सादातबाड़ी स्थित प्राचीन शिव मंदिर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़, आवागमन, जलाभिषेक व्यवस्था, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था का निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावी भीड़ नियंत्रण और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद एसपी ने पातालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं से बातचीत की और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें तथा ड्यूटी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
सावन के अंतिम सोमवार को संभल के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। संभलेश्वर, भुवनेश्वर और चंदेश्वर मंदिर के अलावा थाना हयातनगर क्षेत्र स्थित सिद्धपीठ श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, थाना नखासा क्षेत्र के फतेहपुर भाऊ स्थित श्री प्रकटेश्वर महादेव मंदिर, थाना असमोली के गुमसानी स्थित शिव मंदिर और चंदौसी तहसील के कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के रतनपुर बेरनी स्थित पांचवीं सदी के प्राचीन शिव मंदिर बस सादातवाड़ी स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। तहसील संभल परिसर स्थित मंदिर में भी एसडीएम विकास चंद्र सहित अधिकारियों और श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक किया।

बहजोई क्षेत्र के गांव सादातबाड़ी स्थित प्राचीन श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई। मंदिर भवन के भीतर सीमित स्थान होने के कारण श्रद्धालुओं को स्टील की पनारी के माध्यम से बाहर से ही शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित कराया गया, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराया जा सके।
मंदिर के महंत रमन गिरी के अनुसार सुबह से करीब सवा लाख श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर चुके थे। पुजारी नितिन मिश्रा ने बताया कि सुबह से लगातार श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा और शाम तक भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद रही।
श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सुविधा के लिए थाना बहजोई क्षेत्र के पाठकपुर तिराहे पर पुलिस की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। एएसपी दक्षिणी मनोज रावत, सीओ स्तुति सिंह और इंस्पेक्टर राजीव कुमार मलिक सहित पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। पुलिस की इस पहल की श्रद्धालुओं ने सराहना की।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था पर नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। प्राचीन मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए, जबकि सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। वहीं, सावन के अंतिम सोमवार को जिले के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए, ताकि सड़कों पर यातायात का दबाव कम रहे और श्रद्धालुओं तथा कांवड़ियों के आवागमन में किसी तरह की बाधा न आए।
कुल मिलाकर सावन के अंतिम सोमवार पर संभल में आस्था और सुरक्षा का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर शिवालयों में हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया, तो दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन ने मोर्चा संभालकर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने में पूरी मुस्तैदी दिखाई।
