◆ जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से लिया फैसला, अब नए सिरे से तय होगा प्रदर्शन का स्थान।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। धरना-प्रदर्शन और अनशन के लिए निर्धारित किए गए मैदान को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कलक्ट्रेट परिसर के पास स्थित बड़े मैदान को धरना-प्रदर्शन एवं अनशन के लिए निर्धारित करने संबंधी दोनों पुराने आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की है। नए आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिवक्ता जयंत प्रकाश ने गुरुवार को बताया कि मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किए जाने के प्रशासनिक आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जिलाधिकारी की ओर से जारी दोनों आदेशों को रद्द कर दिया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने भी दोनों आदेशों को निरस्त कर दिया।

जिला प्रशासन के मुताबिक, कलक्ट्रेट परिसर के पास स्थित बड़े मैदान को विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन और अनशन के लिए निर्धारित किया गया था। इस संबंध में पहला कार्यालय आदेश 23 जुलाई 2021 को आदेश संख्या 547/न्याय सहायक/2021 के माध्यम से जारी किया गया था। इसके बाद 18 अगस्त 2025 को आदेश संख्या 241/न्याय सहायक/2025 जारी कर पूर्व व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया था।
अब जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने दोनों आदेशों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन ने आदेश वापस लेने के पीछे जनहित और प्रशासनिक आवश्यकताओं को आधार बनाया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी संगठन, राजनीतिक दल या अन्य समूह की ओर से धरना-प्रदर्शन अथवा अनशन किए जाने की स्थिति में स्थल का निर्धारण प्रचलित नियमों और शासनादेशों के अनुसार अलग से किया जाएगा। यानी अब किसी एक मैदान को स्थायी रूप से धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित मानने के बजाय संबंधित मामले में लागू नियमों के आधार पर प्रशासन स्थल तय करेगा।
प्रशासन के इस फैसले के बाद अब धरना-प्रदर्शन और अनशन के लिए स्थल निर्धारण की प्रक्रिया नए सिरे से होगी। संबंधित संगठनों और राजनीतिक दलों को भी प्रदर्शन के लिए स्थान तय कराने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करना होगा।
