Home » संभल में सपा विधायक के तीन मंजिला मकान पर ध्वस्तीकरण की तलवार, 15 दिन का अल्टीमेटम।

संभल में सपा विधायक के तीन मंजिला मकान पर ध्वस्तीकरण की तलवार, 15 दिन का अल्टीमेटम।

संभल में सपा विधायक के तीन मंजिला मकान पर ध्वस्तीकरण की तलवार, 15 दिन का अल्टीमेटम। संभल में सपा विधायक के तीन मंजिला मकान पर ध्वस्तीकरण की तलवार, 15 दिन का अल्टीमेटम।

बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण का आरोप, तय अवधि में निर्माण नहीं हटाने पर, ध्वस्तीकरण कर खर्च भी वसूलेगा प्रशासन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। समाजवादी पार्टी के विधायक इकबाल महमूद से जुड़े मियां सराय फुलवार स्थित तीन मंजिला मकान को प्रशासन ने अवैध निर्माण घोषित किया है। जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्माण के खिलाफ दाखिल अपील खारिज करते हुए एसडीएम के ध्वस्तीकरण आदेश को बरकरार रखा है। प्रशासन ने संबंधित पक्ष को आदेश प्राप्त होने की तारीख से 15 दिन के भीतर स्वयं निर्माण हटाने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन भवन को ध्वस्त कराएगा और कार्रवाई में आने वाला खर्च संबंधित पक्ष से भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूल किया जाएगा।
मामला थाना रायसत्ती क्षेत्र के मियां सराय फुलवार का है। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 53×60 वर्गफुट क्षेत्रफल में तीन मंजिला भवन का निर्माण कराया गया है। आरोप है कि भवन का निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया गया।

रिकॉर्ड में उक्त स्थल मौलाना आरिफ पुत्र अय्यूब अहमद उर्फ छिद्दा पहलवान, किरायेदार अय्यूब अहमद पुत्र मकबूल अहमद और मुतवल्ली नवाब इकबाल महमूद के नाम दर्ज बताया गया है।
अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र संभल की 20 जून 2022 की रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2022 को संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मामले की सुनवाई के बाद एसडीएम संभल विकास चंद्र ने पांच फरवरी 2026 को निर्माण को अवैध घोषित करते हुए उत्तर प्रदेश निर्माण विनियमन अधिनियम, 1958 की धारा 10 के तहत ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया था।फोटो-3एसडीएम के आदेश के खिलाफ 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दाखिल की गई। डीएम कोर्ट ने 11 अगस्त 2026 को अपील खारिज कर दी और पूर्व में जारी ध्वस्तीकरण आदेश को बरकरार रखा।
अपील खारिज होने के बाद बुधवार शाम करीब 4:30 बजे पुलिस-प्रशासन की टीम संबंधित पक्ष को नोटिस देने पहुंची। टीम ने मौलाना आरिफ के घर पहुंचकर नोटिस चस्पा किया। नोटिस चस्पा होने के बाद अब भवन के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
जहां प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर यदि निर्माण स्वयं नहीं हटाया गया तो नियत प्राधिकारी की ओर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में होने वाला खर्च भी संबंधित पक्ष से वसूल किया जाएगा।

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