◆ कहा- 2027 में बनेगी सपा सरकार, बदायूं-संभल को देंगे डेयरी प्लांट की सौगात।
◆ बोले- गूगल करिए, 2017 के बाद सबसे ज्यादा गांजा लखनऊ में पकड़ा गया।
प्रवाह ब्यूरो
बदायूं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार शाम करीब चार बजे बदायूं पहुंचे, जहां उन्होंने पूर्व मंत्री स्वर्गीय ओमकार सिंह यादव की तेरहवीं में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा, सड़क निर्माण, किसानों, युवाओं और आगामी विधानसभा चुनाव समेत कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया।
दहगवां जाने से पूर्व रास्ते में ही अखिलेश यादव बबराला स्थित गुन्नौर विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव के आवास पहुंचे। यहां विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव ने परिवार सहित उनका स्वागत किया और उन्हें श्रद्धास्वरूप हरि बाबा महाराज की प्रतिमा भेंट की।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर कहा कि वर्ष 2017 से पहले सबसे अधिक गांजा गोरखपुर में पकड़ा जाता था, जबकि अब सबसे अधिक बरामदगी लखनऊ में हो रही है। उन्होंने कहा, “यह कोई मजाक नहीं, बल्कि आंकड़े इसकी गवाही देते हैं।” हालांकि जब उनसे पूछा गया कि गांजा लखनऊ तक कैसे पहुंच रहा है, तो वह मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि छात्रों और युवाओं के आंदोलन ने सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन मंत्री का इस्तीफा लेकर भाजपा ने अपनी सरकार बचा ली। झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए।

दिल्ली में हुए छात्र-युवा आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हजारों युवाओं ने लाठियां, आंसू गैस और पेलेट गन की गोलियां झेलीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के आदेश किसके थे, यह आज भी स्पष्ट नहीं है। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा अपने हित पूरे होने के बाद जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल देती है।
प्रदेश की सड़कों और एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री कानपुर में सड़क पर चले तो सड़क धंस गई। प्रधानमंत्री बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चले तो वह बह गया और गंगा एक्सप्रेसवे पर जानवर घूमते नजर आते हैं। जब हमारी सरकार सड़कें बनवाती थी तो हम खुद भी उन्हीं सड़कों पर चलते थे।”

भदोही का नाम संत रविदास के नाम पर किए जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इससे लोग संत रविदास के जीवन और विचारों को जानेंगे, लेकिन भाजपा उनके बताए रास्ते पर चलने के बजाय केवल नाम बदलने की राजनीति करती है। उन्होंने कन्नौज के नाम परिवर्तन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सकारात्मक विकास की बजाय नकारात्मक राजनीति में विश्वास करती है।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा प्रमुख ने विश्वास जताया कि अगली सरकार समाजवादी पार्टी की बनेगी। उन्होंने घोषणा की कि बदायूं और संभल क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन का बड़ा संयंत्र स्थापित किया जाएगा तथा एक्सप्रेसवे के किनारे कृषि मंडियां विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

भाजपा पर चुनावी राजनीति को लेकर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी चुनाव हिंदू-मुस्लिम और नफरत की राजनीति के आधार पर लड़ना चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी पीडीए, किसानों, युवाओं और आम जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतरेगी।
इस अवसर पर सांसद आदित्य यादव, एटा सांसद देवेश शाक्य, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, विधायक हिमांशु यादव, फखरे अहमद शोबी, हाजी रईस अहमद, रामखिलाड़ी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी, वरिष्ठ सपा नेता नरेश प्रताप सिंह, कैप्टन अर्जुन, आमिर सुलतानी, नरोत्तम यादव, डॉ. शकील, पूजा पाल सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
