
◆ सम्मेलन के जरिए अब महिलाओं से सीधा संवाद करेगी पुलिस।
प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। परिवारों में बढ़ते घरेलू विवादों और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को संवेदनशील तरीके से हल करने के लिए पुलिस विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से थाना क्षेत्रों और सामुदायिक सभाओं में ‘बहू-बेटी सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे, जहां सास-बहू और ननद-भौजाई जैसे पारिवारिक विवादों का समाधान काउंसलिंग के जरिए निकालने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल विवाद निपटाना ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करना भी है। पुलिस विभाग बढ़ती आत्महत्या प्रवृत्ति पर रोक लगाने और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा, प्रताड़ना तथा अपराधों में कमी लाने के लिए भी इस मंच का उपयोग करेगा।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की ओर से सभी एडीजी जोन, रेंज अधिकारियों और पुलिस आयुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस मंथन-2025 की संस्तुतियों और डीजीपी के निर्देशों के आधार पर गोरखपुर जोन के मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। यह सम्मेलन सभी जिलों में नियमित रूप से आयोजित होंगे।
सम्मेलन के दौरान छात्राओं, युवतियों और महिलाओं से सीधा संवाद किया जाएगा। उन्हें जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने, मानसिक तनाव से निपटने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि संवाद और जागरूकता से समाज में महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों के हाथों में रहेगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि इन सम्मेलनों में छात्राओं, युवतियों और महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
गोरखपुर में हुए ऐसे आयोजनों के अनुभव बताते हैं कि कई स्थानों पर महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली, हालांकि कुछ जगहों पर लोगों को जोड़ने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़े। अब पुलिस इस पहल को व्यापक स्तर पर प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गई है।