
◆ बोले- सनातन विरोधी ताकतें आज आशंकित और परेशान।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया घटनाक्रम को लेकर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उसके नेताओं पर तीखा हमला बोला है। संभल में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदुओं, सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को समाप्त करने का सपना देख रहे थे, आज वे भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन अत्याचारों और जनभावनाओं की अनदेखी का परिणाम है, जो वर्षों से पश्चिम बंगाल में देखने को मिली हैं।
रविवार देर रात संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में आयोजित एक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने मीडिया से बातचीत करते हुए पश्चिम बंगाल की राजनीतिक परिस्थितियों पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में जो कुछ हो रहा है, वह अचानक नहीं है बल्कि लंबे समय से धधक रहे जनाक्रोश का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “मुझे यह तो पहले से मालूम था कि पश्चिम बंगाल की जनता टीएमसी नेताओं का सम्मान करेगी, लेकिन इतनी जल्दी उनकी इज्जत अफजाई शुरू हो जाएगी, यह नहीं सोचा था।” आचार्य ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने कई बड़े नेताओं की चिंता बढ़ा दी है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब अपने तरीके से जवाब दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता का मूड बदल चुका है और यह बदलाव उन नेताओं के लिए चिंता का विषय बन गया है, जिन्होंने वर्षों तक हिंदू समाज की भावनाओं की उपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के कथित “सम्मान समारोह” की खबरों ने दिल्ली में बैठे उन नेताओं को भी डरा दिया है, जो लगातार भारत विरोधी और सनातन विरोधी राजनीति करते रहे हैं। आगे बोलते हुए आचार्य कृष्णम् ने कहा कि जो लोग हिंदू धर्म, सनातन संस्कृति और देश की परंपराओं को कमजोर करने की कोशिश करते रहे, वे अब पश्चिम बंगाल के बदलते राजनीतिक माहौल से भयभीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दलों और नेताओं ने वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति कर हिंदू समाज की उपेक्षा की, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है।
अपने संबोधन में आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि किसी भी समाज या राजनीतिक दल को उसके कर्मों का फल अवश्य मिलता है। उन्होंने कहा, “कांटे बोए बबूल के, तो आम कहां से खाए?” यह वही परिणाम है जो जनता के साथ अन्याय और अत्याचार करने पर सामने आता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के साथ हुए कथित अत्याचारों और सनातन विरोधी बयानों को जनता ने गंभीरता से लिया है और अब उसका असर दिखाई देने लगा है।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर भी की टिप्पणी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कहा कि वर्तमान राजनीति में विचारधारा और जनहित पीछे छूट गए हैं, जबकि सत्ता प्राप्ति की होड़ सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दल केवल सत्ता के सिंहासन तक पहुंचने की रणनीति में लगे हुए हैं और जनता की वास्तविक समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं रहा है।
दुर्गा कॉलोनी में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। जहां उनके संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया।