संभल के एक्स-रे सेंटर का कारनामा, एक रिपोर्ट में फ्रैक्चर तो दूसरी में सब सामान्य।

◆ एक ही जांच, दो नतीजे: गवां स्थित उर्मिला मैमोरियल एक्स-रे सेंटर पर उठे सवाल।

शैक्षिक योग्यता पर भी सवाल, लैब रिपोर्ट में ‘मिस्टर’ को लिखा मस्त!

एक समय में दो रिपोर्ट और दो दावे, मरीज पूछे—आखिर सच क्या है?

प्रवाह ब्यूरो
संभल। संभल जिले के गवां कस्बे में स्थित उर्मिला मैमोरियल डिजिटल एक्स-रे सेंटर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक ही मरीज की एक ही समय में की गई जांच की दो अलग-अलग रिपोर्ट जारी कर दी गईं। हैरानी की बात यह रही कि एक रिपोर्ट में फ्रैक्चर बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में सब कुछ सामान्य दर्शाया गया।
इतना ही नहीं दोबारा की गई ओपिनियन सेक्शन में जिस रिपोर्ट में फैक्चर दर्शाया गया उसी रिपोर्ट में ऊपर कोई फैक्चर न होने का भी उल्लेख किया गया। कुल मिलाकर दोनों रिपोर्ट ही अलग-अलग नहीं बल्कि दोबारा कराई गई दूसरी रिपोर्ट में भी दो अलग-अलग बातें मिली।
मामला सामने आने के बाद मरीज और उसके परिजन असमंजस में पड़ गए। परिजनों का कहना है कि आखिर सही रिपोर्ट कौन-सी मानी जाए और इलाज किस आधार पर कराया जाए। दो विरोधाभासी रिपोर्टों ने मरीज की चिंता बढ़ा दी है।
आपको बता दें कि मंगलवार को गवां स्थित उर्मिला मैमोरियल डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर सिंघौली निवासी श्यामसुंदर अपने
3 वर्षीय बेटे केशव का पैर में दर्द होने के बाद फैक्चर की जानकारी करने हेतु एक्सरे सेंटर पहुंचे, जहां सेन्टर संचालक जगदीश राणा ने बच्चे का एक्सरे किया और बताया कि पैर में कोई फैक्चर नहीं है, साथ ही फैक्चर न होने की पुष्टि करते हुए एक रिपोर्ट भी दी, इसके उपरांत बच्चे के पिता श्याम सुंदर ने बच्चों के पैर में दर्द का हवाला देते हुए अपनी बात रखी तो सेंटर संचालक ने उसी स्थान का दूसरा एक्सरे करने की बात कहते हुए दोनों एक्स-रे की फीस जमा करने के बाद दूसरा एक्स-रे भी कर दिया। तदोपरांत दूसरी रिपोर्ट में भी एक जगह फेक्चर तो वहीं दूसरी जगह फैक्चर न होने की बात से अभिभावक श्याम सुंदर ने केंद्र संचालक से जब यह बात कही तो एमबीबीएस डीएनबी का फर्जी बोर्ड लगाकर मरीजों को बेवकूफ बना रहा सेंट्रल संचालक भड़कने लगा। कुल मिलाकर फैक्चर है या नहीं इस बात की पुष्टि मरीज को दो रिपोर्ट के ₹600 भुगतान के बाद भी नहीं हो सकी। तभी मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई जहां लोगों ने आरोप लगाया कि उक्त सेंटर संचालक आए दिन इसी तरह की फर्जी जांच कर क्षेत्र में लोगों को बेवकूफ बना रहा है। इतना ही नहीं यह अल्प शिक्षित है और रिपोर्ट में लिखी जाने वाले मिस्टर को भी मस्त लिख, मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच रिपोर्टों में इस  तरह का अंतर सामने आएगा तो मरीजों का भरोसा स्वास्थ्य सेवाओं से उठ जाएगा। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि परिजनों ने मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से करने की बात कही है। लोगों ने जांच कर उचित कार्रवाई की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा किसी मरीज के जीवन से खिलवाड़ ना हो सके।
इस संबंध में गुन्नौर के नोडल अधिकारी डॉ. विरास यादव ने बताया कि कि उपरोक्त का एक्स-रे सेंटर पहले ही सील कर अभियोग पंजीकृत किया जा चुका है। संज्ञान में आया है कि कार्रवाई के बावजूद भी सेंटर संचालक स्थान बदलकर पुनः सेंटर संचालित कर रहा है जिस पर जल्द सख्त कार्रवाई की जायेगी।

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