मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुरादाबाद मंडल की उम्मीदें तेज।

मंत्रिमंडल विस्तार में भूपेंद्र चौधरी का पलड़ा भारी, कुंदरकी से रामवीर सिंह भी रेस में।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तीन राज्यों में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिए इस बार मुरादाबाद मंडल को भी अहम हिस्सेदारी मिल सकती है।
मुरादाबाद मंडल से मंत्री बनने की दौड़ में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत पकड़ और पार्टी नेतृत्व के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी को काफी मजबूत माना जा रहा है। पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से ही भूपेंद्र चौधरी के मंत्रिमंडल में तीसरी बार शामिल होने की चर्चाएं तेज हो गई थीं।
इसके अलावा भाजपा एमएलसी अशोक कटारिया का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। वह योगी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री रह चुके हैं और संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें भी संभावित चेहरा माना जा रहा है।
वहीं, उपचुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज करने वाले कुंदरकी विधायक रामवीर सिंह की दावेदारी भी चर्चा में है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कुंदरकी में भाजपा का परचम लहराने का इनाम उन्हें मंत्री पद के रूप में मिल सकता है। क्षेत्रीय और पिछड़े वर्ग के समीकरणों को देखते हुए उनका नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।
मंडल से चौथे प्रमुख चेहरे के रूप में बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह का नाम सामने आ रहा है। वह पूर्व सांसद सर्वेश सिंह के पुत्र हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल सैनी, अमरोहा जिले की मंडी धनौरा सीट से दूसरी बार विधायक बने राजीव तरारा समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। मंडल में सैनी बिरादरी की अच्छी संख्या को देखते हुए सत्यपाल सैनी की दावेदारी को भी मजबूत माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में मुरादाबाद मंडल से रामपुर के बिलासपुर विधायक बलदेव सिंह औलख और चंदौसी विधायक गुलाब देवी को मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। वहीं भूपेंद्र चौधरी भी मंत्रिमंडल का हिस्सा रहे, लेकिन बाद में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। वर्तमान में मंत्रिमंडल में मुरादाबाद, अमरोहा और बिजनौर जिले का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं है।
ऐसे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में मुरादाबाद मंडल की भागीदारी बढ़ने की उम्मीदों ने क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। हालांकि अभी तक पार्टी नेतृत्व की ओर से किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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