मुरादाबाद डीएम की सुरक्षा सख्त, DFMD जांच के बाद ही मिलेगी एंट्री।

◆ संभल में कड़े फैसलों की वजह से सुर्खियों में रहे हैं डा. राजेंद्र पैंसिया।

प्रवाह ब्यूरो
मुरादाबाद। जनपद के नवागत जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अब डीएम से मिलने आने वाले सभी फरियादियों और आगंतुकों को डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से होकर गुजरना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना सुरक्षा जांच के किसी भी व्यक्ति को डीएम कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
डीएम कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहले से तैनात सुरक्षा कर्मियों के अलावा अब एक अतिरिक्त पुलिस टीम भी लगाई गई है। यह टीम प्रत्येक आगंतुक की गहन जांच करेगी। सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी टीम में शामिल किया गया है, ताकि महिला फरियादियों की जांच भी सुचारु रूप से की जा सके।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने तथा किसी भी संभावित खतरे को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। हाल के समय में वीआईपी सुरक्षा को लेकर बढ़ती सतर्कता के चलते इस तरह के कदम आवश्यक माने जा रहे हैं।
गौरतलब है कि इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आन्जनेय सिंह के कार्यालय में भी लागू है। करीब दो वर्ष पूर्व उनके कार्यालय पर भी DFMD के साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वहां भी कमिश्नर से मुलाकात से पहले आगंतुकों को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होता है।
नवागत जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया ने हाल ही में मुरादाबाद में पदभार ग्रहण किया है। इससे पहले वे करीब दो वर्षों तक संभल जिले के जिलाधिकारी रहे, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण और सख्त प्रशासनिक निर्णय लिए। उनके कार्यकाल के दौरान कई संवेदनशील मामलों में कार्रवाई के चलते वे राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियों में रहे।

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