मथुरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में बाबरिया गैंग के दो बदमाश ढेर।

कारोबारी को बंधक बनाकर डाला था डाका, राजस्थान के निकले दोनों बदमाश।

प्रवाह ब्यूरो
मथुरा। गुरुवार को मथुरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में दो शातिर बदमाशों को ढेर कर दिया। बावरिया गैंग की मारी गई दोनों बदमाशों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम था। दोनों बदमाशों पर कारोबारी को बंधक बनाकर डाका डालने का आरोप था। पुलिस के अनुसार, मारे गए दोनों आरोपी मूलत: राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुए धर्मवीर उर्फ लंबू एवं राजेंद्र उर्फ पप्पू ने  अपने तीन साथियों के साथ मिलकर छत के रास्ते घुस 23 अप्रैल की रात अजय अग्रवाल के घर डाका डाला था।।
जहां उन्होंने अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और 6 साल की मासूम बच्ची को रस्सियों से बांध दिया। गन प्वाइंट पर लॉकर की चाबी ली। करीब ढाई घंटे तक घर में खुलकर लूटपाट की। वारदात के बाद SSP श्लोक कुमार ने डकैतों की तलाश के लिए 17 टीमें बनाई थीं। बुधवार को पुलिस को डकैतों के यमुना एक्सप्रेस-वे के पास होने का इनपुट मिला। पुलिस ने घेराबंदी कर ली। सुबह 7 बजे दो संदिग्ध बाइक से आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार यूटर्न लेकर भागने लगे। इस दौरान बेकाबू होकर उनकी बाइक गिर गई। पकड़े जाने के डर से उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। डकैत धर्मवीर पर मथुरा के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, हत्या की कोशिश, छिनैती, चोरी समेत 16 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, डकैत पप्पू पर मेरठ, फिरोजाबाद, मथुरा के अलावा हरियाणा और दिल्ली में डकैती समेत 11 मुकदमे दर्ज हैं।
टैंटीगांव में 23 अप्रैल की रात 12.30 बजे 5 नकाबपोश बदमाश पहुंचे। किराना व्यवसायी अजय अग्रवाल के घर छत के रास्ते घुसे। घर में मौजूद सभी लोगों को बंधक बना लिया। बदमाशों ने अजय अग्रवाल, उनके पिता प्रेम प्रकाश अग्रवाल, पत्नी अनीता अग्रवाल और 6 साल की मासूम बच्ची उमा को रस्सियों से बांध दिया। गन प्वाइंट पर लेकर व्यापारी से लॉकर की चाबी ली।इसके बाद करीब ढाई घंटे तक घर में खुलकर लूटपाट की। बदमाशों ने रात तीन बजे तक घर को खंगाला। करीब 20 लाख रुपए का माल समेटकर फरार हो गए। लूट में तीन लाख रुपए से ज्यादा कैश और सोने-चांदी के जेवरात बताए गए। जाते-जाते बदमाश साक्ष्य मिटाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की DVR भी उखाड़ ले गए थे। डकैतों की मुठभेड़ में स्वार टीम प्रभारी अजय वर्मा एवं हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हुए हैं।

वहीं एसपी देहात ने पुलिस की 17 टीमें घटना के खुलासे के लिए लगाई थीं। पुलिस ने आसपास के 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले और 500 से ज्यादा संदिग्ध और अन्य लोगों से पूछताछ की। 10 जिलों में दबिश देने के बाद भी पुलिस बदमाशों तक पहुंच सकी।
मथुरा एसपी श्लोक कुमार ने बताया ने बताया कि सुरीर थाना क्षेत्र में हुई डकैती के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पता चला कि यही गिरोह नोएडा, दिल्ली, पलवल और रिवाडी में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका था।
एसएसपी के अनुसार, बुधवार रात पुलिस को बदमाशों की गतिविधियों की अहम जानकारी मिली, जिसके बाद घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। मारे गए बदमाशों में राजेंद्र उर्फ पप्पू पर 11 और धर्मवीर उर्फ लंबू पर चोरी, लूट और डकैती समेत 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपी अक्सर नाम बदलकर वारदात करते थे और कई बार जेल भी जा चुके थे। पुलिस ने उनके कब्जे से डकैती में लूटा गया कुछ नकद और जेवरात भी बरामद किए हैं।

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