भाईयों की गिरफ्तारी से परेशान युवक ने थाना परिसर में ही खुद को लगाई आग, झुलसा।

◆ लपटों के बीच मची अफरा-तफरी, पुलिस की तत्परता से बची जान।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। गुरुवार शाम धनारी थाना परिसर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पुलिस कार्रवाई का विरोध कर रहे एक युवक ने कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। देखते ही देखते युवक आग की लपटों में घिर गया, जिससे थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने तत्काल कंबल और कपड़े डालकर आग बुझाई और युवक की जान बचाने का प्रयास किया।
घायल युवक की पहचान मोरध्वज (38) के रूप में हुई है। उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए आगे रेफर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार युवक लगभग 25–30 प्रतिशत तक झुलसा है और उसके चेहरे से लेकर पैरों तक जलने के निशान हैं।
जानकारी के मुताबिक यह घटना गुन्नौर तहसील के बगढेर गांव में बच्चों के मुंडन संस्कार कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद से जुड़ी हुई है। बुधवार को हुए झगड़े में एक व्यक्ति घायल हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने गांव निवासी लखपत सिंह और भारत सिंह को हिरासत में लिया था।
गुरुवार शाम पुलिस इन दोनों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की प्रक्रिया कर रही थी। इसी दौरान हिरासत में लिए गए लोगों का परिजन मोरध्वज थाने पहुंचा और दोनों को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई की मांग करने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस से काफी देर तक बहस के बाद मोरध्वज ने अचानक अपने साथ लाया पेट्रोल शरीर पर डाल लिया और खुद को आग के हवाले कर दिया।
घटना के बाद थाना परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि युवक पेट्रोल जैसी ज्वलनशील वस्तु लेकर थाना परिसर तक कैसे पहुंच गया। यदि पुलिसकर्मी तत्काल सक्रियता नहीं दिखाते, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
उधर पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई ने अस्पताल पहुंचकर घायल युवक का हालचाल लिया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में युवक ने कहा- “मेरे भाई थाने में बंद थे। मुझे डर था कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा। समझौते की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी, इसलिए मैंने यह कदम उठाया।”

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