◆ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि, जाम और हादसों की आशंका के बीच प्रशासन का बड़ा फैसला।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को शिवालयों में होने वाले जलाभिषेक, कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर सोमवार, 3 अगस्त को जिले के नर्सरी से कक्षा 12 तक सभी बोर्डों के सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों तथा कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है।
रविवार शाम करीब 7 बजे जारी आदेश में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अलका शर्मा ने बताया कि सावन के पहले सोमवार पर जिले के प्रमुख शिवालयों में लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के पहुंचने की संभावना है। छात्रों की सुरक्षा, सुगम यातायात व्यवस्था और संभावित हादसों से बचाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

जाम और दुर्घटनाओं की आशंका के चलते लिया गया निर्णय
प्रशासन के अनुसार कांवड़ यात्रा के कारण जिले के प्रमुख मार्गों और नगर क्षेत्रों में भारी भीड़ एवं यातायात का दबाव रहेगा। ऐसे में छात्रों के आवागमन में कठिनाई और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए परिषदीय, माध्यमिक, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई सहित सभी बोर्डों के शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।

प्रथम सोमवार को कल्कि नगरी की 24 कोसीय परिक्रमा क्षेत्र स्थित संभलेश्वर महादेव, चंद्रेश्वर महादेव, भूवनेश्वर महादेव, बहजोई क्षेत्र के सादातबाड़ी स्थित श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, हयातनगर के सिद्धपीठ पातालेश्वर महादेव, नखासा के श्री प्रकटेश्वर महादेव तथा सूर्यकुंड तीर्थ स्थित श्री कृष्णेश्वर महादेव सहित जिले के सभी प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे। कांवड़ यात्रा और सावन के प्रत्येक सोमवार को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरे जिले में 84 मजिस्ट्रेट और 2017 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, कांवड़ मार्गों एवं प्रमुख स्थलों पर 12 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी।
गौरतलब है कि 1 अगस्त की रात बेसिक शिक्षा विभाग ने केवल नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया था। बाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर आदेश का दायरा बढ़ाते हुए कक्षा 12 तक सभी विद्यालयों और कॉलेजों को भी अवकाश की श्रेणी में शामिल कर दिया गया।
प्रशासन ने अभिभावकों, विद्यार्थियों और आमजन से अपील की है कि वे यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा कांवड़ यात्रा के दौरान सहयोग बनाए रखें, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और जनसुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
