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संभल में गंगा का बढ़ता जलस्तर बना खतरा, 42 गांवों पर बाढ़ का संकट।

नरौरा बैराज पर लगातार बढ़ रहा जलस्तर, खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा।

◆ खेत जलमग्न और संपर्क मार्ग टूटा, गुन्नौर में सतर्क हुआ प्रशासन।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। नरौरा स्थित चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से गुन्नौर तहसील के खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। रविवार सुबह जलस्तर में फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे गंगा किनारे बसे 42 गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। कई गांवों में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच चुका है, जबकि ईशमपुर डांडा में पानी गांव की सीमा तक पहुंचने लगा है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं और पशुओं के लिए हरे चारे का संकट भी गहराने लगा है।
सिंचाई विभाग के अनुसार, शनिवार शाम चार बजे बैराज के डाउनस्ट्रीम में जलस्तर 178.41 मीटर तथा पानी का डिस्चार्ज 1,72,726 क्यूसेक दर्ज किया गया था। बैराज का खतरे का निशान 178.765 मीटर निर्धारित है और वर्तमान में जलस्तर इससे महज 35 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। वहीं गंगा का पानी ईशमपुर डांडा, बझांगी, हुसैनपुर सैलाब समेत कई गांवों के खेतों में पहुंच चुका है। ईशमपुर डांडा में गंगा आश्रम तक के खेत जलमग्न हो गए हैं, जबकि आश्रम से गंगा घाट को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग तेज बहाव के कारण कट गया है, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।

लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ईख और धान की फसल में पानी भर गया है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।
जहां गांव बझांगी में मुकेश शर्मा के घर के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है, जबकि किशनपाल, नवाब सिंह और राजबहादुर की पशुशालाओं के सामने गलियारों में पानी हुआ है। दूसरी ओर हुसैनपुर सैलाब के खेतों में बाढ़ का पानी घुसने से बाजरे की फसल को नुकसान शुरू हो गया है। यदि जलस्तर में और और वृद्धि हुई तो धान और गन्ने की फसलें भी इसकी चपेट में आ सकती हैं।
दूसरी ओर रजपुरा ब्लॉक के मोलनपुर डांडा स्थित श्री हरि बांध धाम के निकट भी गंगा का पानी पहुंच गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए प्रशासन सतर्क हो गया है।
उपजिलाधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि गंगा का बढ़ता जलस्तर ब्लॉक जुनावई के तटीय क्षेत्रों तक पहुंच गया है। हालांकि बझांगी में पानी कुछ कम हुआ है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक तथा बिजनौर बैराज से लगभग 1.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नरौरा बैराज पर जलस्तर में तेजी आई है।
एसडीएम ने बताया कि श्री हरि बांध धाम क्षेत्र में नगर पंचायत गवां को बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासनिक टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

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