भ्रष्ट अफसरों पर सीएम योगी का हंटर, बड़े एक्शन के संकेत।

बोले- सुधर जाओ, वरना एक ही दिन में 150 अधिकारियों-कर्मचारियों को करूंगा निलंबित।

प्रवाह ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर मुख्यमंत्री ने सख्त तेवर दिखाए हैं। मंगलवार देर रात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है। यदि विभाग अपने स्तर पर कार्रवाई नहीं करेंगे तो सरकार सीधे कठोर कदम उठाएगी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “जरूरत पड़ी तो एक ही दिन में 150 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करूंगा।”
योगी ने जनता दर्शन, सीएम हेल्पलाइन और आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की खराब स्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई।
बैठक में गाजीपुर के एक गुमटी संचालक के 1.20 लाख रुपये के बिजली बिल और उसके बाद हुई दुखद घटना का भी जिक्र हुआ। मुख्यमंत्री ने इस मामले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी अधिकारी इस तरह की गलती करने की हिम्मत न कर सके।
जहां मुख्यमंत्री का संदेश स्पष्ट था — भ्रष्टाचार पर अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी और कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

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