
◆ धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा संभल, आस्था और विकास का केंद्र बनेगा कल्कि धाम।
◆ 303 करोड़ के परिक्रमा मार्ग के बाद संभल को सरकार की एक और बड़ी सौगात।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहे संभल के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। बहुचर्चित कल्कि धाम को अब सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 39.5 किलोमीटर लंबी फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा, जिसका नक्शा (डीपीआर) लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने तैयार कर लिया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राजस्व विभाग ने सर्वेक्षण कार्य भी शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित सड़क गंगा एक्सप्रेसवे के खिरनी इंटरचेंज से शुरू होकर वंश गोपाल धाम होते हुए सीधे कल्कि धाम तक पहुंचेगी। सड़क बनने के बाद देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कल्कि धाम पहुंचने के लिए लंबी और संकरी सड़कों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यात्रा का समय कम होगा और सफर अधिक सुरक्षित तथा सुविधाजनक बनेगा। कल्कि धाम को भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि से जोड़कर देखा जाता है और यहां तेजी से विकसित हो रहे धार्मिक परिसर के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गंगा एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलने के बाद कल्कि धाम राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकता है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ एक सड़क निर्माण योजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का नया अध्याय साबित होगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जिला प्रशासन के स्तर पर परियोजना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फोर लेन सड़क निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के चिन्हांकन और अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा सर्वेक्षण कराया जा रहा है ताकि निर्माण कार्य को जल्द गति दी जा सके।

गौरतलब है कि संभल के प्रसिद्ध 24 कोसीय तीर्थ परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए पहले ही 303 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। अब कल्कि धाम को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार संभल को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार निवेश और योजनाएं लागू कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद कल्कि धाम की पहुंच देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद आसान हो जाएगी। इससे न केवल धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय बाजारों में भी नई आर्थिक ऊर्जा का संचार होगा। यदि योजना तय समय पर पूरी होती है तो आने वाले वर्षों में कल्कि धाम उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है, जबकि संभल जिले की पहचान भी राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत होगी।
■ प्रवाह के लिए ‘डॉ. गौरव उन्मुक्त’ की रिपोर्ट…