
◆ मनमाने आदेश पर हाईकोर्ट सख्त, आदेश रद्द; वेतन से 1 लाख जमा करने के निर्देश।
प्रवाह ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनमाना आदेश पारित कर याची को दोबारा अदालत आने पर मजबूर करने के मामले में संभल के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) पर कड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने न सिर्फ उनका आदेश रद्द किया, बल्कि एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह हर्जाना राशि अधिकारी अपने वेतन से एक सप्ताह के भीतर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संभल में जमा करें। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रबंध समिति द्वारा दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिया।
दरअसल, इससे पहले 19 जनवरी 2026 को हाईकोर्ट ने डीआईओएस के आदेश को रद्द करते हुए उन्हें नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया था। साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा था कि स्व-वित्तपोषित योजना के तहत शिक्षकों की नियुक्तियां नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। चयनित शिक्षक को तदर्थ प्रधानाचार्य का कार्यभार संभालने की अनुमति भी दी गई थी।
इसके बावजूद डीआईओएस ने अदालत के आदेश पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की कि कोर्ट को गुमराह कर आदेश प्राप्त किया गया है और इसे अस्वीकार कर दिया। इस पर याचिकाकर्ता को पुनः हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि जब राज्य सरकार ने स्वयं उस आदेश को चुनौती नहीं दी, तो डीआईओएस को इस तरह की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं था। साथ ही यह भी कहा कि अधिकारी ने न केवल आदेश की गलत व्याख्या की, बल्कि याचिकाकर्ता को दोबारा अदालत आने के लिए मजबूर किया, जो न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
अदालत ने जुर्माना लगाने के साथ ही डीआईओएस को अंतिम अवसर देते हुए मामले को पुनः उनके पास भेज दिया है। निर्देश दिया गया है कि वे 19 जनवरी के आदेश का अक्षरशः पालन करते हुए नए सिरे से निर्णय लें। साथ ही चेतावनी भी दी कि अधिकारी भविष्य में आदेशों की सही व्याख्या करें।