◆ मरीजों और तीमारदारों से बातचीत कर जानीं अस्पताल में मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने शनिवार देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई का औचक निरीक्षण किया। निरंतर पड़ रही बारिश व तेज हवाओं के बीच अचानक पहुंचे डीएम को देखकर स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। उन्होंने अस्पताल में तैनात चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति की स्थिति देखी और भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।

डीएम ने निरीक्षण के दौरान सीएचसी में मौजूद स्टाफ की स्थिति देखी। उन्होंने प्रसव कक्ष, स्टाफ रूम, ओटी कक्ष समेत विभिन्न वार्डों और कक्षों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही रात की इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों से भी आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने डिलीवरी की व्यवस्था, मरीजों के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता तथा अस्पताल में उपलब्ध अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी हासिल की।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बातचीत की। उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सकीय सेवाओं और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में सीधे फीडबैक लिया, ताकि स्वास्थ्य केंद्र की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएचसी में उपलब्ध एक्स-रे सुविधा, एंबुलेंस की उपलब्धता और एंटी-वेनम सहित आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो पा रहे हैं या नहीं।

बतादें कि जनपद की जनपद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर पिछले काफी समय से सवाल उठते रहे हैं। चर्चा थी कि शासन और प्रशासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई स्थानों पर चिकित्सकों की उपलब्धता, जरूरी सुविधाओं और रात्रिकालीन सेवाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आती रही हैं। इन व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर समाचार पत्रों में भी लगातार खबरें प्रकाशित की गईं।
मामला जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को गंभीरता से परखना शुरू किया है। शनिवार देर रात बहजोई सीएचसी में किए गए औचक निरीक्षण ने स्वास्थ्य विभाग में भी हलचल बढ़ा दी। डीएम ने मौके पर पहुंचकर चिकित्सकों एवं स्टाफ की मौजूदगी, इमरजेंसी सेवाओं, दवाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी।

डीएम के औचक निरीक्षण के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सा प्रभारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि जिलाधिकारी कभी भी जिले की किसी भी सीएचसी का अचानक निरीक्षण कर सकते हैं और मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परख सकते हैं। ऐसे में चिकित्सा प्रभारियों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने, चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मरीजों को शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती है।
औचक निरीक्षण की यह कार्रवाई स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और जवाबदेही को लेकर प्रशासन की सक्रियता का संकेत भी मानी जा रही है।
जहां डीएम के निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. तरुण पाठक, एआरओ महेश चंद्र गौतम, चिकित्साधिकारी डॉ. जयकिशन सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
