◆ 200 आशाओं व 10 संगिनियों के भुगतान में गड़बड़ी के आरोप, मामले से जुड़े ऑडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप।
◆ आशाओं के हक की आवाज बने विजय यादव, बोले- स्वास्थ्य व्यवस्था में अहम भूमिका निभाती हैं आशा कार्यकर्ता।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। जुनावई सीएचसी में कार्यरत करीब 200 आशा कार्यकर्ताओं और 10 संगिनियों से जुड़े प्रोत्साहन राशि के भुगतान को लेकर मामला गरमा गया है। भुगतान में अंतर, कथित वसूली और शिकायत करने पर दबाव बनाए जाने के आरोपों के बीच अब मामले की जांच मंडल स्तर पर कराने की मांग उठी है।
जिला पंचायत सदस्य विजय यादव ने 3 अगस्त को मंडलायुक्त, मुरादाबाद को लिखित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने की मांग की। उनका कहना है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में आशा और संगिनी कार्यकर्ताओं ने उनसे मिलकर अपनी समस्याएं बताईं।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, कुछ आशा कार्यकर्ताओं के खातों में निर्धारित प्रोत्साहन राशि से अधिक तो कुछ के खातों में कम भुगतान हुआ। कई मामलों में 10 से 25 हजार रुपये तक के अंतर का दावा किया गया है। अतिरिक्त रकम वापस लेने और शिकायत करने पर काम से हटाने या भुगतान रोकने की धमकी के कथित आरोप भी लगाए गए हैं।
मामले से जुड़े ऑडियो-वीडियो और बैंक खातों के लेन-देन को लेकर उठे सवालों के बीच अब निगाहें जांच पर टिकी हैं। शिकायत में बैंक स्टेटमेंट, भुगतान रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की गई है।
संबंधित क्षेत्र से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विजय यादव ने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके अधिकारों व सम्मान की रक्षा जरूरी है। अब जांच कमेटी ही तय करेगी कि भुगतान में सामने आया अंतर महज प्रक्रिया संबंधी गड़बड़ी है या इसके पीछे कोई गंभीर अनियमितता है।
