◆ एबीएसए अंशुल कुमार ने कराई FIR कराई: स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में छज्जा गिरने से हुई थी बच्चे की मौत।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। असमोली थाना क्षेत्र के मदाला गांव स्थित अल हसनैन पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हुए हादसे में आठ वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अंशुल कुमार की शिकायत पर असमोली थाना पुलिस ने स्कूल संचालक मौ. उवैस और प्रधानाचार्य वंश गुप्ता के खिलाफ BNS की धारा 125(B) और 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
बता दे कि उक्त घटना 15 अगस्त की है। स्कूल में ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के घरों से भी बच्चे पहुंचे थे। इसी दौरान कई बच्चे स्कूल के मुख्य गेट पर बने छज्जे पर चढ़कर खड़े हो गए। बच्चों का भार बढ़ने पर अचानक छज्जा भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसे में कई बच्चे मलबे में दब गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला। हादसे में आठ वर्षीय निजामुद्दीन की मौत हो गई, जबकि 11 वर्षीय सैफ अली और 10 वर्षीय शैदाना घायल हो गए। निजामुद्दीन किसान मोहम्मद नईम का बेटा था और लिटिल चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। वह अपने चचेरे भाइयों के स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम देखने गया था।

हादसे की सूचना मिलते ही डीएम-एसपी पुलिस लाइन में चल रहा कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी ली और संबंधित लोगों से पूछताछ की।
वहीं, मृतक बच्चे के पिता मोहम्मद नईम ने स्कूल के खिलाफ कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे की जिंदगी यहीं तक थी और उन्हें सरकार से कोई मांग नहीं है।
निजामुद्दीन के चाचा मोहम्मद सुभान ने बताया कि परिवार के बच्चे हाथ में झंडा लेकर कार्यक्रम देखने गए थे। कार्यक्रम के दौरान बच्चे छज्जे पर खड़े हो गए और इसी दौरान छज्जा गिरने से हादसा हो गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर बीएसए अलका शर्मा द्वारा जांच हेतु नियुक्त खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार की संस्तुति पर पुलिस ने स्कूल स्वामी मौ. उवैस और प्रधानाचार्य वंश गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उक्त प्रकरण में असमोली के खंड शिक्षा अधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को छत व दीवारों पर आने से नहीं रोका। भवन की छत और दीवारें कमजोर होने के कारण यह घटना हुई थी। प्रबंधन तंत्र को इस घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वहीं थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
