◆ बोले- राष्ट्रगीत में धार्मिक मान्यताओं से टकराते हैं कुछ शब्द, किन्तु राष्ट्रगान का पूरा सम्मान।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने राष्ट्रगान का पूरी तरह समर्थन किया है, लेकिन राष्ट्रगीत को लेकर फिर अपनी आपत्ति जाहिर की है। मंगलवार शाम करीब 7 बजे नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राष्ट्रगीत के कुछ शब्द संविधान में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से टकराते हैं। इसी कारण वह राष्ट्रगीत गाने में असमर्थ हैं।
सांसद ने कहा कि पूरा देश और मुस्लिम समाज राष्ट्रगान का सम्मान करता है। राष्ट्रगीत न गा पाना उनकी मजबूरी है। क्रिकेटर मोहम्मद शमी द्वारा वंदे मातरम के समर्थन के सवाल पर बर्क ने कहा कि किसी एक व्यक्ति के समर्थन को पूरी कौम का समर्थन नहीं माना जा सकता।
बर्क ने कहा कि उलमा-ए-किराम, मुस्लिम संगठन और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जैसे प्रमुख मुस्लिम निकाय भी इस मुद्दे पर इसी पक्ष में हैं। उनके मुताबिक, धार्मिक कारणों से मुस्लिम समाज राष्ट्रगीत का समर्थन नहीं कर सकता।
सपा सांसद ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे विधेयक लाकर सरकार देश की 140 करोड़ जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाना चाहती है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे बिल पास होने से क्या सरकार रोजगार की गारंटी दे सकती है, महंगाई कम कर सकती है या भ्रष्टाचार और अपराध खत्म कर सकती है?
बर्क ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं करेगी, जो देश को बांटने या भ्रम फैलाने का काम करे। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 तक मिले धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाला कोई भी विधेयक स्वीकार्य नहीं है। साथ ही उन्होंने समाज में विभाजन पैदा करने वाले ऐसे विधेयकों का विरोध करने की बात कही।
