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बदमाशों की गोलियों के बीच डटे रहे संभल सीओ, अब सीएम योगी ने किया सम्मानित।

◆ एहलादपुर मुठभेड़ में गोलियों के बीच अडिग रहे थे कुलदीप कुमार, वीरता पदक मिलने के बाद प्रदेशभर में चर्चा।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। सात वर्ष पूर्व बरेली में बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देने वाले संभल के क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरता पदक से सम्मानित किया। गुरुवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित अलंकरण समारोह में उन्हें पुलिस सेवा के दौरान साहसिक कार्रवाई और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
कुलदीप कुमार के लिए यह सम्मान उस मुठभेड़ की याद भी ताजा कर गया, जब बरेली में 15 लाख रुपये की लूट के बाद बदमाशों का पुलिस टीम से आमना-सामना हुआ था। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में एक गोली तत्कालीन सीओ कुलदीप कुमार के सुरक्षा कवच पर आकर लगी। गोली लगने के बावजूद उन्होंने पीछे हटने के बजाय मोर्चा संभाले रखा और पुलिस टीम के साथ बदमाशों का मुकाबला जारी रखा।

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जनवरी 2019 में बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के एहलादपुर में यह मुठभेड़ हुई थी। इससे पहले शास्त्री नगर निवासी ज्वैलर्स अनूप अग्रवाल के कर्मचारियों से करीब 15 लाख रुपये की लूट की गई थी। बताया गया कि बाइक सवार छह बदमाशों ने तमंचे के बल पर टेंपो को रोककर नकदी लूट ली थी।
लूट के दौरान हुई छीना-झपटी में ज्वैलर्स के मुंशी सुमित के सिर में गोली लग गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान एहलादपुर में पुलिस टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई।
पुलिस और बदमाशों के बीच दोनों ओर से जमकर फायरिंग हुई। मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए, जबकि चार बदमाश गन्ने के खेतों की आड़ लेकर फरार हो गए थे। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई थी।
इसी दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में तत्कालीन सीओ कुलदीप कुमार को भी निशाना बनाया गया। गोली उनके सुरक्षा कवच पर लगी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। खतरे के बावजूद वह पुलिस टीम के साथ डटे रहे और बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी। मुठभेड़ में एक इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हुए थे। मुठभेड़ के दौरान प्रदर्शित साहस, सूझबूझ और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए कुलदीप कुमार को वीरता पदक के लिए चयनित किया गया था। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उनके वीरता पुरस्कार की घोषणा हुई थी। अब लखनऊ में आयोजित अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें औपचारिक रूप से पदक प्रदान कर सम्मानित किया।
पुलिस सेवा में जोखिम भरे हालात के बीच कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए दिखाई गई उनकी बहादुरी के लिए मिला यह सम्मान उनके सेवा जीवन की उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

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