◆ बहजोई स्थित कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मेधावी एवं समर्पित शिक्षकों को प्रशस्तिपत्र देकर किया गया सम्मानित।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। शिक्षक केवल कक्षा में पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने वाला राष्ट्र निर्माता होता है। उनके ज्ञान, अनुशासन और मार्गदर्शन से ही समाज को नई दिशा मिलती है। इसी भावना को समर्पित शिक्षक दिवस के अवसर पर बहजोई स्थित कलक्ट्रेट सभागार में उत्कृष्ट एवं समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्तिपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री अजीत कुमार राजू यादव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ ही सभागार में गुरुजनों के सम्मान और उनके योगदान को नमन करने का भाव दिखाई दिया। इस दौरान अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने शिक्षकों की भूमिका को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया।
जहां मुख्य विकास अधिकारी गौरवनाथ भट्ट ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की वह मजबूत कड़ी हैं, जो विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव भी रखता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक जिस निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को तैयार करते हैं, उसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर दिखाई देता है।

पूर्व मंत्री अजीत कुमार राजू यादव ने कहा कि शिक्षक समाज के सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शकों में शामिल हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थी विषयों का ज्ञान प्राप्त करने के साथ आत्मविश्वास, जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध भी सीखते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका समाज के भविष्य को आकार देने वाली है। उन्होंने शिक्षकों से इसी समर्पण और निष्ठा के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते रहने का आह्वान किया।
समारोह में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग में बेहतर एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने कार्य और समर्पण के लिए सम्मानित किए जाने पर शिक्षकों के चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों ने इसे अपने लिए प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में और अधिक निष्ठा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को सम्मानित करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज को यह याद दिलाने का दिन भी है कि एक शिक्षक के परिश्रम से तैयार विद्यार्थी ही आगे चलकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु और शिष्य के बीच विश्वास, संस्कार और ज्ञान का संबंध समाज की सबसे मजबूत नींव में से एक है।
समारोह में राज्य मंत्री गुलाब देवी के प्रतिनिधि विकास वाष्णेय, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) सीपी सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अलका शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सम्मानित शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
