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36 दिन के आंदोलन के बाद आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।यह

Dharmendra pradhan Dharmendra pradhan

 

◆ इस्तीफे के बाद दीपके का तंज- कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।

◆ कहा- कॉकरोच एक बार घुसता है, तो फिर निकलता नहीं।

प्रवाह ब्यूरो
नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पिछले 36 दिनों से जंतर-मंतर पर धरना दे रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इसे अपने आंदोलन की सफलता बताते हुए कहा कि संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है।
इस्तीफे के साथ धर्मेंद्र प्रधान ने दो पृष्ठों का 575 शब्दों का पत्र भी जारी किया। पत्र में उन्होंने विभिन्न मुद्दों के साथ दो स्थानों पर यह भी उल्लेख किया कि युवाओं को भ्रमित किया गया।
जंतर-मंतर पर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि मंत्री का इस्तीफा आंदोलन की पहली सफलता है, लेकिन उनकी दो प्रमुख मांगें अब भी शेष हैं।
उन्होंने मांग की कि NEET विवाद के दौरान आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए तथा आंदोलन के दौरान छात्रों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
दीपके ने दावा किया कि लगातार 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सरकार को झुकना पड़ा और इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि कॉकरोच एक बार घुसता है तो फिर निकलता नहीं।
अवगत रहे कि इस्तीफे से कुछ घंटे पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि लोकतंत्र में मनमानी नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के साथ संवाद और तर्क के आधार पर बातचीत की जानी चाहिए, केवल आदेश देकर उन्हें दिशा नहीं दी जा सकती।
भागवत के इस बयान के कुछ घंटे बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा होने से राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
इस्तीफे से एक दिन पहले NEET पेपर लीक मामले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने की जानकारी सामने आई। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की बात कही गई।
सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों में भी बदलाव किया है। अधिकारियों के अनुसार, NTA की आउटसोर्सिंग व्यवस्था में सुधार, तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा पेपर लीक की संभावनाओं को समाप्त करने के लिए व्यापक बदलाव किए जाएंगे। साथ ही NTA में चार वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के माध्यम से 16 यंग प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जाएगी।
बता कि दें 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई थी। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है। जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में कार्रवाई की गई है। अब तक 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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