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गाजियाबाद में ‘जीरो टॉलरेंस’ का बड़ा असर, भूमाफिया के कब्जे से 14 साल बाद मुक्त हुई समाजसेवी की जमीन।

◆ कब्जा मिलने के बाद भावुक हुए जितेंद्र भाटिया, बोले- प्रदेश में अब कानून का राज सर्वोपरि, यज्ञ कर ईश्वर के प्रति जताया आभार।

प्रवाह ब्यूरो
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में गाजियाबाद जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर के चर्चित भूमाफिया एवं गैंगस्टर सत्येंद्र त्यागी के कथित अवैध कब्जे से समाजसेवी जितेंद्र भाटिया की कृषि भूमि को मुक्त करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के साथ ही जमीन के लिए चल रहा उनका करीब 14 वर्ष लंबा संघर्ष समाप्त हो गया। आर्य समाज की संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़े समाजसेवी जितेंद्र भाटिया लंबे समय से अपनी भूमि पर कब्जे के लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर संघर्ष कर रहे थे। उनका आरोप था कि प्रभाव और दबंगई के चलते उन्हें अपनी ही जमीन पर जाने नहीं दिया जाता था। प्रशासन द्वारा भूमि पर कब्जा दिलाए जाने के बाद भावुक हुए भाटिया ने वहां वैदिक यज्ञ का आयोजन कराया। वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच हुए यज्ञ के दौरान उन्होंने इसे सत्य और न्याय की जीत बताते हुए ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त किया।

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न्याय मिलने के बाद जितेंद्र भाटिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी समेत कार्रवाई में शामिल अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त नीति और प्रशासन की सक्रियता से उन्हें 14 वर्ष बाद अपनी जमीन पर अधिकार मिल सका है।
उन्होंने कहा कि कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट हुआ है कि प्रदेश में कानून का राज सर्वोपरि है और रसूख के बल पर किसी की संपत्ति पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सत्येंद्र त्यागी के खिलाफ गाजियाबाद समेत अन्य स्थानों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को भूमाफिया और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ऐसे तत्वों के बीच हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि सरकारी अथवा निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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