◆ संभल के बबराला में 24 से 26 अक्टूबर तक गूंजेगा वैदिक विचारों का संदेश, होगा 3 दिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन।
प्रवाह ब्यूरो
संभल। जनपद के बबराला में आगामी 24, 25 और 26 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित तीन दिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। वैदिक धर्म, समाज जागरण, शिक्षा, संस्कार, संगठन, सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को केंद्र में रखकर होने वाले इस आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए आयोजक तैयारियों में जुट गए हैं। महासम्मेलन में आर्य समाज से जुड़े पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
महासम्मेलन की तैयारियों को गति देने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने के लिए 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 1 बजे महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक एचपी पेट्रोल पंप के निकट बगीचा गार्डन, बबराला में होगी।
बैठक में प्रांतीय आर्य महासम्मेलन से जुड़े पदाधिकारियों, समिति अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को समय पर पहुंचने तथा अपने सुझाव देने का आह्वान किया गया है। बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं, जिम्मेदारियों और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा।
बैठक में आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ, उत्तर प्रदेश के प्रधान आचार्य स्वदेश जी महाराज, मंत्री योगेश आर्य जी तथा आर्य वीर दल उत्तर प्रदेश के संचालक पंकज आर्य जी के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की जानकारी दी गई है। वहीं बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय आर्य महासम्मेलन के अध्यक्ष दयाशंकर आर्य करेंगे।

वैदिक विचारों और सामाजिक जागरण पर रहेगा जोर
आयोजकों के अनुसार महासम्मेलन का उद्देश्य वैदिक धर्म एवं विचारों के प्रचार-प्रसार के साथ समाज में जागरूकता पैदा करना है। आयोजन के माध्यम से शिक्षा, संस्कार, संगठन, सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
आमंत्रण पत्र में समाज में व्याप्त अंधविश्वास, पाखंड, जातिवाद, नशाखोरी, पर्यावरण संबंधी चुनौतियों तथा युवाओं में बढ़ती विभिन्न सामाजिक प्रवृत्तियों को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के माध्यम से वेदसम्मत मानवता और सामाजिक उत्थान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
तीन दिवसीय महासम्मेलन में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला देखने को मिलेगी। कार्यक्रम के अनुसार प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक 51 कुंडीय विश्व कल्याण यज्ञ आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही शाम के समय आर्यवीर दल की शाखा एवं व्यायाम प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
आयोजन के दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर सम्मेलन एवं भजन कार्यक्रम भी होंगे। इन कार्यक्रमों का आयोजन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक तथा रात 8 बजे से 11 बजे तक किया जाएगा। इसके अलावा विराट कवि सम्मेलन भी कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहेगा।

आयोजकों ने बताया कि महासम्मेलन में बाहर से आने वाले अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए भोजन और आवास की समुचित व्यवस्था की जाएगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए आर्य समाज से जुड़े लोगों से सहयोग की अपील की गई है।
कुल मिलाकर, बबराला में होने वाला यह तीन दिवसीय प्रांतीय आर्य महासम्मेलन वैदिक विचार, सामाजिक जागरूकता, संगठन और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख मंच बनने की तैयारी में है। अब सभी की नजरें 22 सितंबर को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक पर हैं, जहां महासम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।
