◆ सीएम योगी ने अनिल शर्मा के बेटे को फोन कर बंधाया ढांढस, कहा- हिम्मत रखिए।
◆ चार बार रहे विधायक, योगी सरकार में संभाली थी वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी।
प्रवाह ब्यूरो
बुलंदशहर। शिकारपुर से भाजपा विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री अनिल शर्मा का बुधवार दोपहर निधन हो गया। 63 वर्षीय अनिल शर्मा ने दिल्ली के एक निजी अस्पताल में दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली। वह वर्ष 2023 से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और लंबे समय से उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से बुलंदशहर समेत पूरे प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।
अनिल शर्मा के निधन की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके पुत्र कुश शर्मा से फोन पर बातचीत कर संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में सरकार और संगठन उनके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों से अंतिम संस्कार के संबंध में भी जानकारी ली। परिवार की ओर से बताया गया कि अस्पताल से डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार अगले दिन किया जाएगा।

बुलंदशहर के सुरजावली गांव निवासी अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर गांव की राजनीति से शुरू हुआ। वह निर्विरोध ग्राम प्रधान चुने गए और यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति की नींव पड़ी। वर्ष 2002 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर खुर्जा विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ा और विधायक निर्वाचित हुए। वर्ष 2007 में उन्होंने लगातार दूसरी बार खुर्जा सीट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में शिकारपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा, हालांकि इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।
वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर विधानसभा सीट से जीत हासिल कर वह विधानसभा पहुंचे। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2022 में उन्होंने एक बार फिर भाजपा के टिकट पर शिकारपुर सीट से जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार विधानसभा में अपनी जगह बनाई।
अनिल शर्मा के निधन पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने अनिल शर्मा के निधन को प्रदेश की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और अपने क्षेत्र के विकास में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
अनिल शर्मा के निधन के साथ ही उत्तर प्रदेश विधानसभा में अब छह सीटें रिक्त हो गई हैं। इनमें तीन सीटें समाजवादी पार्टी, दो भाजपा और एक सीट बसपा के खाते की बताई जा रही है।
इससे पहले 5 अगस्त को बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद विधानसभा की एक सीट रिक्त हुई थी। अब अनिल शर्मा के निधन ने प्रदेश की विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या को और बढ़ा दिया है।
