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प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह! फांसी नहीं, गला दबाकर की गई थी गोपाल की हत्या।

90 दिन बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुला मौत का राज, एक आरोपी गिरफ्तार, 5 अब भी फरार।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। करीब तीन महीने पहले जामुन के पेड़ से लटके मिले 22 वर्षीय गोपाल की मौत को पुलिस ने पहले आत्महत्या माना था, लेकिन पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट ने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी। जांच में सामने आया कि गोपाल ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को फांसी का रूप देने के लिए पेड़ पर लटका दिया गया था। मामले में पुलिस ने रक्षाबंधन के दिन एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि पांच अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
मामला गुन्नौर तहसील के थाना धनारी क्षेत्र के गांव रुस्तमपुर पीपलवाड़ा का है। गांव निवासी ऋषिपाल का 22 वर्षीय पुत्र गोपाल 29 मई की शाम करीब 4:30 बजे घर से निकला था। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। अगले दिन 30 मई की सुबह गांव के बाहर जंगल में उसका शव जामुन के पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला।

घटना के बाद शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ, लेकिन मृतक के पिता ने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई थी।
पुलिस की जांच और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि गोपाल का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग था। पुलिस के अनुसार, गोपाल लगातार युवती के संपर्क में रहने और उसका पीछा करने की कोशिश करता था। दोनों को एक बार साथ बात करते पकड़े जाने के बाद गांव में पंचायत भी हुई थी। पंचायत में गोपाल को युवती से दूर रहने की चेतावनी दी गई और परिवार की बदनामी से बचने के लिए युवती को उसके ननिहाल भेज दिया गया। आरोप है कि इसके बावजूद दोनों का संपर्क नहीं टूटा। गोपाल ने युवती को मोबाइल फोन भी दे दिया, जिससे दोनों के बीच बातचीत जारी रही। पुलिस के मुताबिक, युवती के पिता रामखिलाड़ी और उसके साथियों ने कथित तौर पर गोपाल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि 29 मई की रात गांव में ही गोपाल की गला दबाकर हत्या कर दी गई।

इसके बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को गांव के बाहर जंगल में ले जाकर जामुन के पेड़ पर रस्सी से लटका दिया गया। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि शव को पेड़ पर लटकाते समय पहली रस्सी टूट गई थी। इसके बाद दूसरी रस्सी लाकर शव को दोबारा पेड़ पर लटकाया गया।
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने आत्महत्या की आशंका को दरकिनार करते हुए हत्या के मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई।
थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह के अनुसार, मृतक के पिता की शिकायत पर 5 अगस्त को रामखिलाड़ी पुत्र नौरंगीलाल, धर्मेंद्र व रविंद्र पुत्र रामवीर, सुलदीप उर्फ संदीप शर्मा पुत्र राजाराम शर्मा, असमोली थाना क्षेत्र के शाहपुर सोत निवासी गौरव और बहजोई निवासी राजू के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मुकदमे में बीएनएस की धारा 238 भी बढ़ाई गई।
पुलिस ने रक्षाबंधन के दिन सुलदीप उर्फ संदीप शर्मा को दिनौरा तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।

करीब 90 दिन तक आत्महत्या समझी जा रही गोपाल की मौत ने फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद हत्या का रूप ले लिया। अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस कथित साजिश में कौन-कौन शामिल था और हत्या की पूरी योजना किस तरह तैयार की गई थी।
थाना प्रभारी के मुताबिक, मामले में नामजद पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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