◆ 42 यूनिट रक्तदान और वृक्षारोपण से दिया सेवा का संदेश।
◆ नई टैगलाइन के साथ युवाओं को दिया सफलता का मूलमंत्र, ‘संकल्प में कोई विकल्प नहीं होता।
प्रवाह ब्यूरो
अमरोहा। सोमवार को श्री वेंक्टेश्वरा विश्वविद्यालय एवं संस्थान का 28वां स्थापना दिवस सेवा, संस्कार और सामाजिक सरोकार के संदेश के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर वृहद रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, यज्ञ-हवन, भंडारा, केक कटिंग समारोह तथा काव्य संध्या का आयोजन किया गया।

साथ ही समूह के संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि का जन्मदिन भी मेरठ एवं गजरौला परिसर में गरीबों को भोजन कराकर, वृक्षारोपण और रक्तदान जैसे सेवा कार्यों के साथ मनाया गया। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ संस्थापक अध्यक्ष श्री सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं रक्तदान शिविर का फीता काटकर किया। इस दौरान 42 छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया तथा परिसर एवं राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे फलदार और छायादार पौधे लगाए गए।

कार्यक्रम में संस्थापक अध्यक्ष की नई टैगलाइन “संकल्प में कोई विकल्प नहीं होता” का भी विमोचन किया गया।
अपने संबोधन में श्री सुधीर गिरि ने कहा कि भगवान वेंक्टेश्वरा के नाम पर लगाया गया शिक्षा का छोटा-सा पौधा आज उत्तर भारत के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शामिल होकर एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने कहा कि संस्थान छात्रों को नवाचार, शोध, तकनीक और संस्कारयुक्त शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रतिकुलाधिपति डॉ. राजीव त्यागी ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा, शोध, नवाचार और समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों के बल पर वेंक्टेश्वरा को देश का “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” बनाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है।
समारोह में विश्वविद्यालय एवं अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों, चिकित्सकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर स्थापना दिवस को अविस्मरणीय बनाया।
