◆ कौन हैं प्रल्हाद वेंकटेश जोशी? जानिए उनके परिवार, शिक्षा एवं राजनीतिक करियर की पूरी कहानी।
प्रवाह ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद वेंकटेश जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। अब वे उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ-साथ देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन, उच्च शिक्षा संस्थानों के आधुनिकीकरण और शिक्षा सुधारों को तेज गति देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ऐसे में अनुभवी प्रशासक माने जाने वाले प्रल्हाद जोशी के सामने नई जिम्मेदारी के साथ कई महत्वपूर्ण चुनौतियां भी होंगी।
पांच बार के सांसद, संगठन और सरकार दोनों में मजबूत पकड़
कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से लगातार पांचवीं बार सांसद चुने गए प्रल्हाद जोशी भाजपा के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। संसदीय कार्यों की गहरी समझ और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्होंने केंद्र सरकार में कई अहम मंत्रालयों का सफल नेतृत्व किया है। इससे पहले वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन को और गति देंगे, विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाएंगे तथा डिजिटल शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएंगे।
बता दें कि प्रल्हाद वेंकटेश जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुर में हुआ था। उनके पिता वेंकटेश जोशी और माता मालतीबाई थीं। उन्होंने धारवाड़ स्थित के.एस. आर्ट्स कॉलेज, कर्नाटक विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) की शिक्षा प्राप्त की। 26 नवंबर 1992 को उनका विवाह ज्योति जोशी से हुआ। उनके परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं।
जोशी के राजनीति सफर की बात करें तो वर्ष 2004 में पहली बार धारवाड़ से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे प्रल्हाद जोशी ने इसके बाद 2009, 2014, 2019 और 2024 में भी लगातार जीत दर्ज की। वे 2014 से 2016 तक भाजपा की कर्नाटक इकाई के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा 2014 से 2018 के दौरान लोकसभा अध्यक्षों के पैनल के सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
30 मई 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, जहां उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयन और उच्च शिक्षा को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अब सभी की निगाहें प्रह्लाद जोशी पर रहेंगी।
