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संभल में बारिश से फसलों पर संकट, खेतों में पहुंचे डीएम ने देखा नुकसान।

◆ खेतों में जलभराव से धान, बाजरा और गन्ने को नुकसान की आशंका, प्रशासन ने पारदर्शी सर्वे के दिए निर्देश।

प्रवाह ब्यूरो
संभल। जिले में लगातार दो दिनों से हो रही तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से कटी धान की फसल डूब गई है, जबकि धान के साथ बाजरा और गन्ने समेत अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई स्थानों पर किसान पानी में उतरकर धान के पूलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाते नजर आए। किसानों का कहना है कि यदि खेतों से जल्द पानी नहीं निकला तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की है।
किसानों की बढ़ती चिंता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी फसल क्षति के आकलन की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने रविवार शाम करीब 5 बजे तहसील गुन्नौर क्षेत्र के प्रभावित गांवों का दौरा कर खेतों में पहुंचकर फसलों का जायजा लिया। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद कर बारिश से हुए नुकसान और उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

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निरीक्षण के दौरान डीएम ने धान, बाजरा समेत विभिन्न फसलों की स्थिति देखी। किसानों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और कई जगह कटी हुई धान की फसल पानी में डूब गई है। किसानों ने जल्द पानी निकासी और फसल क्षति का आकलन कर राहत दिलाने की मांग रखी।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में बिना किसी देरी के सर्वे कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वे में वास्तविक क्षति को दर्ज करते हुए पारदर्शिता बरती जाए, ताकि पात्र किसानों को शासन के नियमों के तहत अनुमन्य राहत समय से मिल सके।
कृषि विभाग और लेखपाल संयुक्त रूप से करेंगे सर्वे
डीएम ने उप कृषि निदेशक को कृषि विभाग के एटीएम, बीटीएम और एडीओ को लेखपालों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित गांवों में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान बारिश से प्रभावित सभी फसलों को शामिल किया जाए और क्षति का सही आकलन किया जाए।
उन्होंने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सत्यप्रिय सिंह से प्राकृतिक आपदा के तहत किसानों को मिलने वाली राहत और अनुमन्य लाभों की जानकारी भी ली। साथ ही एसडीएम गुन्नौर को सर्वे की कार्रवाई समय से पूरी कराने के निर्देश दिए।
फसल बीमा और आपदा राहत का मिल सकता है लाभ
जिलाधिकारी ने कहा कि सर्वे का उद्देश्य वास्तविक नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को फसल बीमा अथवा प्राकृतिक आपदा के तहत नियमानुसार अनुमन्य राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को सर्वे में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

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प्रशासन की ओर से बताया गया कि कृषि, विकास और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें जिलेभर में फसल क्षति का सर्वे करेंगी। सर्वे पूरा होने के बाद फसलवार पात्र किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
विद्यालय मार्ग का भी उठाया मुद्दा
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने विद्यालय तक जाने वाले मार्ग के निर्माण की मांग भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी। डीएम ने खंड विकास अधिकारी को मौके का निरीक्षण कर सड़क निर्माण का एस्टिमेट तैयार कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने किसानों को बीज और उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवररेटिंग और अनावश्यक टैगिंग पर प्रभावी रोक लगाने को भी कहा।
बारिश से पैदा हुए हालात के बीच प्रशासन के इस निरीक्षण से किसानों को फसल क्षति के आकलन और नियमानुसार राहत मिलने की उम्मीद जगी है। क्षेत्रीय लेखपालों ने भी बताया कि सर्वे के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप कृषि निदेशक अरुण कुमार त्रिपाठी, एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार, तहसीलदार रवि सोनकर समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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